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लैपटॉप की तलाश में जुबैर को लेकर बेंगलुरु गई दिल्ली पुलिस, स्वयंभू फैक्टचेकर ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

पुलिस को उम्मीद है कि उसके लैपटॉप से कई सारी संवेदनशील जानकारियाँ हासिल हो सकती हैं। पुलिस इस बात से और सतर्क हो गई है कि आखिर लैपटॉप में ऐसी क्या जानकारियाँ हैं, जिन्हें जुबैर पुलिस से छिपाना चाहता है और वह लैपटॉप उसे देना नहीं चाहता है। पुलिस को लैपटॉप से 50 लाख रुपए के लेनदेन सहित अन्य लेनदेन और उसके संपर्कों के बारे में जानकारियाँ मिल सकती हैं।

हिंदुओं के खिलाफ फेक न्यूज फैलाने के लिए कुख्यात और उनकी धार्मिक भावना को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार ऑल्ट न्यूज (AltNews) के को-फाउंडर मोहम्मद जुबैर (Mohammad Zubair) को दिल्ली पुलिस बेंगलुरु (Bengaluru) लेकर पहुँची है। दिल्ली पुलिस जुबैर का लैपटॉप बरामद करना चाहती है, ताकि उसकी गतिविधियों की जानकारी हासिल की जा सके।

वहीं, जुबैर के वकील ने गुरुवार (30 जून 2022) को दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में उसके पुलिस रिमांड के खिलाफ याचिका दायर की। इस मामले पर हाईकोर्ट की वैकेशन बेंच शुक्रवार (1 जुलाई 2022) को सुनवाई करेगी। बता दें कि दिल्ली की पाटियाला हाउस कोर्ट ने 28 जून को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की माँग पर जुबैर को 4 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा है।

उधर, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) यूनिट मोहम्मद जुबैर को लेकर बेंगलुरु पहुँच गई है। पुलिस का सबसे अधिक फोकस उसके लैपटॉप बरामदगी को लेकर है। बता दें कि जुबैर ने गिरफ्तारी से पहले ही अपने मोबाइल को फॉरमेट कर उसका सारा डेटा डिलीट कर दिया था।

पुलिस का कहना है कि वह पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा है और पुलिस को लगातार गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। लैपटॉप के बारे में पूछने पर वह कुछ बता नहीं रहा है और उसे पुलिस को सौंपने से इनकार कर रहा है। पुलिस कहना है, “जुबैर एक धार्मिक समूह को नाराज करने के लिए जानबूझकर धर्म का इस्तेमाल कर रहा था। वह लोकप्रियता हासिल करने के लिए ऐसा कर रहा था।”

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का कहना है कि लैपटॉप बरामद करने के बाद जुबैर के पोस्ट और हार्ड डिस्क मेमोरी की फोरेंसिक जाँच कराई जाएगी। लैपटॉप को रोहिणी स्थित CFSL में फोरेंसिक जाँच के लिए भेजा जाएगा।

पुलिस को उम्मीद है कि उसके लैपटॉप से कई सारी संवेदनशील जानकारियाँ हासिल हो सकती हैं। पुलिस इस बात से और सतर्क हो गई है कि आखिर लैपटॉप में ऐसी क्या जानकारियाँ हैं, जिन्हें जुबैर पुलिस से छिपाना चाहता है और वह लैपटॉप उसे देना नहीं चाहता है। पुलिस को लैपटॉप से 50 लाख रुपए के लेनदेन सहित अन्य लेनदेन और उसके संपर्कों के बारे में जानकारियाँ मिल सकती हैं।

अपनी वकील वृंदा ग्रोवर के जरिए जुबैर ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया है कि उसे इसलिए परेशान किया जा रहा है, क्योंकि वह सत्ता में बैठे कुछ लोगों को चुनौती दे रहा था। बहरहाल पुलिस आज (बुधवार) को जुबैर को बेंगलुरू ले जा सकती है। हालाँकि, वहाँ भी उसे अपने वकील से मिलने की इजाजत होगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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