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रोहित शेखर हत्याकांड: 3 महीने में ही मुलाक़ात, प्यार, Live In और शादी करनेवाली अपूर्वा का सच

अपूर्वा की कुछ राजनीतिक महत्वाकांक्षा भी थी। वो कॉन्ग्रेस में जगह बनाना चाहती थी और रोहित की पारिवारिक पृष्ठभूमि को सीढ़ियों की तरह इस्तेमाल करना चाहती थी।

रोहित शेखर हत्याकांड में रोज़ नए ख़ुलासे हो रहे हैं। अब जब कातिल के ऊपर से पर्दा उठ ही गया है और तस्वीर साफ़ हो गई है कि उनकी पत्नी और सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अपूर्वा शुक्ला ने ही अपने पति का ख़ून कर दिया, हम आपको रोहित और अपूर्वा के ऐसे इतिहास से परिचय कराने जा रहे हैं, जिसके कारण आज रोहित शेखर तिवारी की जान ही चली गई। असल में उस रात जो कुछ भी हुआ, उसके बीज पूर्व में ही बोए जा चुके थे। जैसा कि हमने बताया था, रोहित ने अपनी एक रिश्तेदार महिला के साथ कार में शराब पी थी और इसी बात से अपूर्वा नाराज़ थी। अपूर्वा ने जब अपने पति रोहित शेखर को वीडियो कॉल किया तब उसे वह महिला कुमकुम गाड़ी में बैठी हुई दिखी और इसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ। जब रोहित ने बताया कि वो और कुमकुम एक ही ग्लास से बारी-बारी शराब पी रहे थे, तो अपूर्वा ने उसका नाक, मुँह और गला दबा दिया।

रोहित और अपूर्वा के बीच झगड़ा हुआ और बाद में उसकी हत्या कर दी गई, ये सारे प्रकरण में सिर्फ़ 80 मिनट लगे। रोहित अक्सर देर तक सोता था और इसी का फायदा उठाते हुए उसके सोने की बात कह अपूर्वा ने किसी को शक नहीं होने दिया। रोहित और अपूर्वा एक मैट्रिमोनियल साइट के जरिए मिले थे। दोनों की पहली मुलाक़ात लखनऊ में हुई थी। अपूर्वा के दिमाग पर प्रॉपर्टी का भूत सवार था और वो रोहित से सिर्फ़ इसीलिए शादी करना चाहती थी क्योंकि उसे लगता था कि उसके बाद बहुत सारी प्रॉपर्टी होगी। रोहित के पिता एनडी तिवारी उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे थे और बाद में राज्यपाल भी बने। अपूर्वा ने शादी के तुरंत बाद ही नखरे शुरू कर दिए थे। वह अपने मायके वालों के लिए रोहित से एक अलग मकान बनवाने की माँग करने लगी थी।

शादी से लिव-इन रिलेशनशिप में भी रहे थे। शादी के तुरंत बाद रिश्तों में आई कड़वाहट अपूर्वा के लिए अवसाद का कारण बनती जा रही थी। जब अपूर्वा को पता चला कि रोहित के नाम पर ज्यादा प्रॉपर्टी नहीं है तो वो मायके चली गई थी, वो भी शादी शादी के सिर्फ़ 18 दिनों बाद। परिजनों के समझाने-बुझाने के बाद वो वापस आ गई। अपूर्वा की कुछ राजनीतिक महत्वाकांक्षा भी थी। वो कॉन्ग्रेस में जगह बनाना चाहती थी और रोहित की पारिवारिक पृष्ठभूमि को सीढ़ियों की तरह इस्तेमाल करना चाहती थी। रोहित और अपूर्वा अलग-अलग कमरों में सोते थे। रोहित का ख़ुद का राजनीतिक भविष्य नहीं बन पाया, इससे अपूर्वा और नाराज़ थी। नवभारत टाइम्स के सूत्रों के अनुसार, अपूर्वा को संतान की भी चाहत थी और रोहित इसके लिए तैयार नहीं थे।

उधर रोहित शेखर की माँ ने भी अपनी बहू अपूर्वा को क्रूर बताया है। उज्ज्वला ने कहा कि अपूर्वा शादी के बाद महोनों अपने पति को छोड़ मायके में रहती थी। उज्ज्वला ने कहा कि जिस महिला के पति की बाईपास सर्जरी हुई हो और वो बार बार चली जाए, इससे पता चलता है कि वो अच्छी नहीं थी। अपूर्वा ने रोहित को कॉन्ग्रेस नेताओं से कहकर विधानसभा टिकट दिलवाने की माँग भी की थी। उज्ज्वला ने कहा कि वो अपूर्वा को बार-बार समझाती थी कि नारायण दत्त तिवारी कोई अकूत संपत्ति छोड़कर नहीं गए हैं।

इससे पहले हमने अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि किसी नौकर ने देखा कि रोहित की नाक से ख़ून निकल रहा था। इसकी जानकारी उनकी माँ और मैक्स अस्पताल को दी गई। पुलिस का सीधा सवाल है कि एक व्यक्ति 16 घंटे तक सोया रहता है और घर में कोई उसकी सुध भी नहीं लेता, क्यों? एक अन्य ख़बर में हमने जिक्र किया था कि कैसे सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, रात 1:30 बजे अपूर्वा नीचे से पहली मंजिल पर स्थित रोहित के कमरे में जाते हुए दिखाई देती हैं। इसके ठीक एक घंटे बाद रात 2.30 बजे वह पहली मंजिल से भूतल पर आते दिख रही हैं। अपूर्वा बार-बार अपना बयान बदल रही थी और रोहित की माँ उज्ज्वला ने अपनी बहू पर कई आरोप लगाए थे, ये भी हमने एक अलगख़बर में बताया था।

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अनुपम कुमार सिंह
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भारत की सनातन परंपरा के पुनर्जागरण के अभियान में 'गिलहरी योगदान' दे रहा एक छोटा सा सिपाही, जिसे भारतीय इतिहास, संस्कृति, राजनीति और सिनेमा की समझ है। पढ़ाई कम्प्यूटर साइंस से हुई, लेकिन यात्रा मीडिया की चल रही है। अपने लेखों के जरिए समसामयिक विषयों के विश्लेषण के साथ-साथ वो चीजें आपके समक्ष लाने का प्रयास करता हूँ, जिन पर मुख्यधारा की मीडिया का एक बड़ा वर्ग पर्दा डालने की कोशिश में लगा रहता है।

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