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12 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किए गए आशीष मिश्रा: सबूत के रूप में पुलिस को सौंपी पेन ड्राइव, पूछे गए 40 सवाल

आशीष मिश्रा के सामने 40 सवाल रखे गए। उनके ड्राइवर अंकित दास को भी हिरासत में लिया गया है। हालाँकि, मिश्रा ने भी पेन ड्राइव में लाकर कई वीडियो पुलिस को सौंपे हैं।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा ‘टेनी’ के बेटे आशीष मोनू को गिरफ्तार कर लिया गया है 12 घंटे तक चली लंबी पूछताछ के बाद उन्हें यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। निघासन विधानसभा क्षेत्र में खासे सक्रिय रहे आशीष मिश्रा ‘मोनू’ विधानसभा टिकट के लिए भी दावेदारी ठोक रहे थे। क्राइम ब्रांच के दफ्तर में उनसे पूछताछ की गई थी।

इससे पहले मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि आशीष मिश्रा के सामने 40 सवाल रखे गए, जिनके जवाबों से पुलिस संतुष्ट नहीं है। उनके ड्राइवर अंकित दास को भी हिरासत में लिया गया है। हालाँकि, मिश्रा ने भी पेन ड्राइव में लाकर कई वीडियो पुलिस को सौंपे हैं। इसके माध्यम से उन्होंने दावा किया है कि घटना के समय वो घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे। उधर लखीमपुर खीरी में स्थिति सुधरने पर इंटरनेट सेवाएँ बहाल कर दी गई हैं।

इस दौरान लखीमपुर खीरी में स्थित भाजपा दफ्तर के बाहर कार्यकर्ता भी नाराज दिखे, जो आशीष मिश्रा से पूछताछ से आक्रोश में थे। आशीष मिश्रा का फोन भी जब्त कर लिया गया है। वहीं उनके पुलिस के समक्ष पेश होने के बाद नवजोंत सिंह सिद्धू ने भी अपना अनशन तोड़ दिया। लखीमपुर खीरी में हुई ‘किसान प्रदर्शनकारियों’ की हिंसा में 8 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद से ही विपक्षी दल भाजपा के विरुद्ध मुखर हैं।

बता दें कि इससे पहले मीडिया का एक वर्ग लगातार ये अफवाह फैलाने में लगा था कि आशीष मिश्रा नेपाल भाग गए हैं। पत्रकार अजीत अंजुम ने भी ट्वीट कर के लिखा था, “सुना है कि लखीमपुर खीरी का विलेन मंत्री पुत्र नेपाल भाग गया है। मोदी है तो मुमकिन है।” प्रोपेगंडा पत्रकार राना अयूब ने भी दावा किया था कि आशीष मिश्रा नेपाल भाग गए हैं। साथ ही उन्होंने धृतराष्ट्र की एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वो कह रहे हैं, “ये क्या हो रहा है दुर्योधन।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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