Homeदेश-समाज'नेपाल भाग गए हैं मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा': मीडिया गिरोह के झूठ का...

‘नेपाल भाग गए हैं मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा’: मीडिया गिरोह के झूठ का पर्दाफाश, अजीत अंजुम और राना अयूब ने भी किया था दावा

अब जब आशीष मिश्रा 'मोनू' पुलिस के समक्ष पेश हुए हैं और जाँच में सहयोग कर रहे हैं, मीडिया के गिरोह विशेष झूठे साबित हो गए हैं।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी किसान हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष मोनू रविवार (9 सितंबर, 2021) को यूपी पुलिस के समक्ष पूछताछ के लिए पेश हुए। उन्हें दिन में 11 बजे पेश होना था, लेकिन वो 15 मिनट पहले ही पहुँच गए। वो स्कूटी से पुलिस लाइन पहुँचे। मजिस्ट्रेट के सामने अब उनसे पूछताछ की जा रही है। 40 सवालों की सूची उनके सामने रखी गई है।

इससे पहले मीडिया का एक वर्ग लगातार ये अफवाह फैलाने में लगा था कि आशीष मिश्रा नेपाल भाग गए हैं। पत्रकार अजीत अंजुम ने भी ट्वीट कर के लिखा था, “सुना है कि लखीमपुर खीरी का विलेन मंत्री पुत्र नेपाल भाग गया है। मोदी है तो मुमकिन है।” प्रोपेगंडा पत्रकार राना अयूब ने भी दावा किया था कि आशीष मिश्रा नेपाल भाग गए हैं। साथ ही उन्होंने धृतराष्ट्र की एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वो कह रहे हैं, “ये क्या हो रहा है दुर्योधन।”

इसी तरह महेंद्र यादव नाम के पत्रकार ने लिखा था, “किताबें और बकरी चोरी के जुर्म में पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद आजम खान दो साल से जेल में हैं, और चार किसानों को कुचलकर मार डालने वाला आशीष मिश्रा नेपाल में ऐश कर रहा है।”

इसी तरह कुख्यात पत्रकार प्रशांत कनौजिया ने लिखा था, “गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी का आतंकवादी बेटा आशीष मिश्रा कथित तौर पर नेपाल भागने की आशंका है। भाग गए या भगा दिया गया?’

इसी तरह ‘दी लल्लनटॉप’ के पत्रकार सिद्धांत मोहन ने लिखा, “आशीष मिश्रा के नेपाल निकल लेने की ख़बरें आ रही हैं। गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के इस्तीफ़े की ख़बर नहीं आ रही है। निष्पक्ष जाँच हो, उसके लिए कई ज़रूरी क़दमों में से एक क़दम है अजय मिश्रा का इस्तीफ़ा।” इसी तरह मीडिया के इस गिरोह के अधिकतर लोगों ने ये अफवाह फैलाई।

अब जब आशीष मिश्रा ‘मोनू’ पुलिस के समक्ष पेश हुए हैं और जाँच में सहयोग कर रहे हैं, मीडिया के गिरोह विशेष झूठे साबित हो गए हैं। आशीष की जांच दल के सामने पेशी को लेकर पुलिस लाइन में सुरक्षा के तगड़े इंतजाम हैं। उनके पिता ने भी बताया था कि आशीष नेपाल नहीं गए हैं। उनका कलमबंद बयान दर्ज किया जा रहा है, जहाँ उनके वकील भी मौजूद हैं। उनके वकील ने कानून का सम्मान व जाँच में सहयोग की बात कही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -