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पाकिस्तान के खिलाफ भारत की जीत पर दलित युवक मना रहा था जश्न: पटाखे फोड़ने पर कट्टरपंथी इस्लामी भीड़ ने घेरकर पीटा, घर में की तोड़फोड़

पीड़ित हिंदू युवक का दावा है कि वह वाहन चलाकर परिवार की आर्थिक मदद करने की कोशिश करता है। बीते 15 साल में उस पर यह तीसरा हमला है। उसने कहा कि साल 2021 में भी उस पर हमला हुआ था, लेकिन इस मामले में पुलिस ने उसकी शिकायत दर्ज नहीं की थी।

एशिया कप में 11 सितंबर 2023 को हुए मैच में भारत ने पाकिस्तान को बुरी तरह से हरा दिया। टीम इंडिया की जीत के जगह-जगह लोग जश्न में डूब गए। गुजरात के सूरत में रहने वाले एक दलित युवक ने भी पटाखे फोड़कर जश्न मनाया। इस पर मुस्लिम युवक भड़क गए और बैट व स्टंप से हमला कर उसे घायल कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना सूरत के सैयदपुरा मार्केट इलाके की है। भारत-पाकिस्तान मैच खत्म होने के बाद करीब 11 बजे रात को दलित युवक खुशी मनाते हुए पटाखे फोड़ रहा था। इसी दौरान कुछ मुस्लिम युवक वहाँ आ धमके और जाति सूचक टिप्पणी व गालियाँ देते पटाखे फोड़ने की वजह पूछने लगे। देखते-ही-देखते वहाँ मुस्लिम युवकों की भीड़ जमा हो गई।

इसके बाद भीड़ बैट और स्टंप से उसकी बेरहमी से पिटाई करने लगी। बुरी तरह से घायल होने के बाद युवक किसी तरह से भागता हुआ अपने घर पहुँचा, लेकिन इस्लामवादियों की भीड़ उसे मारने के लिए पीछा करती हुए उसके घर तक पहुँच गई। वहाँ पहुँचकर भीड़ ने उसके घर में जमकर तोड़फोड़ की। जानकारी मिलने पर लालगेट पुलिस मौके पर पहुँची गई।

पीड़ित युवक की शिकायत पर पुलिस ने मारपीट और जातिसूचक गालियाँ देने वाले आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इसकी जानकारी देते हुए पुलिस ने कहा कि पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है। हालाँकि, दलित युवक पर हमला करने वाले सभी मुस्लिम युवक मौके से फरार हो गए। पुलिस ने जल्द ही सभी की पहचान कर गिरफ्तार करने की बात कही है।

वहीं, मुस्लिमों ने भी हिंदू युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। सैयदपुरा निवासी शाहरुख आफताब मिर्जा ने शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि बच्चे सड़क पर क्रिकेट खेल रहे थे। इसलिए उन्होंने हिंदू युवकों से पटाखे नहीं फोड़ने के लिए कहा था। इसी दौरान हिंदू युवक और उसके दो दोस्तों ने उसकी पिटाई कर दी।

पीड़ित हिंदू युवक का दावा है कि वह वाहन चलाकर परिवार की आर्थिक मदद करने की कोशिश करता है। बीते 15 साल में उस पर यह तीसरा हमला है। उसने कहा कि साल 2021 में भी उस पर हमला हुआ था, लेकिन इस मामले में पुलिस ने उसकी शिकायत दर्ज नहीं की थी। कोर्ट के दबाव में पुलिस को FIR दर्ज करना पड़ा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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