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असम: करीमगंज के नरसिम्हा मंदिर से सोने के आभूषण-नगद लूटे, पुजारी और उनके परिवार को बाँधकर पीटा

पुजारी ने बताया कि आवाज सुन जब वे मंदिर में गए तो लुटेरों में से एक ने उनकी गर्दन पर धारदार हथियार रख दिया। इसके बाद उनके परिवार के सभी लोगों को बंधक बना लिया।

असम के नरसिम्हा मंदिर को डकैतों ने निशाना बनाया। यह मंदिर करीमगंज के बलिया में है। घटना रविवार (10 अप्रैल 2021) की है। पुजारी की पिटाई की गई। कुछ सोशल मीडिया पोस्टों के अनुसार पुजारी की बेटी को अगवा करने की धमकी भी दी गई।

असम के स्थानीय समाचार पत्र ‘द सेंटिनल’ ने भी इस घटना को प्रकाशित किया है। ‘द सेंटिनल’ की रिपोर्ट के अनुसार, नरसिम्हा मंदिर में रविवार आधी रात को डकैती की घटना को अंजाम दिया गया। मंदिर से सोने के गहने, नकदी और अन्य कीमती सामानों को लूट लिया गया। साथ ही लुटेरों ने महंत के परिवार के लोगों को बंधक बनाया और उनके साथ मारपीट की।

पुजारी ने बताया कि शुरू में जब उन्होंने मंदिर में शोर सुना तो लगा कि यह तूफान आने के कारण आवाज आ रही है। लेकिन जब हमने लोगों की आवाजें सुनाई पड़ी तो वे अपने बिस्तर से उठकर देखने गए। उन्होंने एक लुटेरे को पकड़ने का प्रयास किया, तो उसने उन्हें दबोच लिया था। लुटेरों में से एक ने उनकी गर्दन पर धारदार हथियार रख दिया और मुँह बंद रखने की धमकी दी। इसके बाद लुटेरों ने परिवार के सभी लोगों को बंधक बना लिया। फिर उन्होंने महंत से 1 लाख रुपए, सोने की मूर्ति और आभूषणों की माँग की।

महंत ने लुटेरों से कहा कि वे गरीब हैं, उनके पास नकदी नहीं है। मंदिर की नकदी को समिति ने अपने कब्जे में रखा हुआ है। उन्हें केवल 1200 रुपए अनुष्ठान करने के लिए मिलते हैं। यह हादसा रात के करीब 2 बजे हुआ था।

फिलहाल, पुलिस इस मामले की जाँच में जुट गई है। यह स्थान भारत-बांग्लादेश की सीमा के पास है। एक रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय लोगों को भी इस घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। एक स्थानीय व्यक्ति का कहना है कि सीमा पार से आए लोगों द्वारा यहाँ बड़े पैमाने पर आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया जाता है। लेकिन उन्हें संदेह है कि इस घटना में स्थानीय लोगों की भी संलिप्तता हो सकती है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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