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आत्महत्या किए अतुल सुभाष के साले और सास का वायरल वीडियो, मीडिया को दे रहे केस की धमकी: निकिता का वकील बोला- कोर्ट इज़ राइट

अतुल सुभाष की आत्महत्या का मामला सोशल मीडिया और मीडिया पर छाने के बाद कुछ पत्रकार जौनपुर स्थित निकिता सिंहानिया के घर पर पहुँचे थे। यहाँ पर मौजूद निकिता की माँ और उसके भाई ने पत्रकारों के साथ बदतमीजी की। उन्होंने अतुल की आत्महत्या के संबंध में कोई भी जानकारी देने से मना कर दिया।

बेंगलुरु में बीवी और ससुराल वालों की प्रताड़ना से मजबूर होकर एक MNC कम्पनी में काम करने वाले अतुल सुभाष ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में उनकी पत्नी निकिता सिंहानिया के परिजनों ने अब मीडिया को भी धमकाया है। मीडिया अतुल के ससुराल वालों से उनका पक्ष जानने पहुँची थी। उन्होंने इस बीच मीडिया को कैमरा बंद करने और उन पर भी मुकदमा ठोंकने की धमकी दे दी। निकिता सिंहानिया के वकील ने इस बीच कोर्ट और घूस माँगने की आरोपित महिला जज का बचाव किया है।

अतुल सुभाष की आत्महत्या का मामला सोशल मीडिया और मीडिया पर छाने के बाद कुछ पत्रकार जौनपुर स्थित निकिता सिंहानिया के घर पर पहुँचे थे। यहाँ पर मौजूद निकिता की माँ और उसके भाई ने पत्रकारों के साथ बदतमीजी की। उन्होंने अतुल की आत्महत्या के संबंध में कोई भी जानकारी देने से मना कर दिया। उन्होंने कैमरे पर पत्रकारों से बात भी नहीं की। जब पत्रकारों ने उनसे कैमरे पर बोलने को कहा तो वह इस मामले में भी मुकदमा करने की धमकी देने लगे। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।

वहीं इस मामले में निकिता सिंहानिया के वकील दिनेश कुमार मिश्रा ने मीडिया से कहा है कि अतुल सुभाष ने इस मामले में जज रीता कौशिक को दोषी बताया है जो सही नहीं है। वकील दिनेश कुमार मिश्रा ने बताया कि अतुल सुभाष की सैलरी लगभग ₹84000 थी, इसमें से ₹40000 उन्हें भरण पोषण देने का आदेश दिया गया था। दिनेश मिश्रा ने कहा कि अगर अतुल को यह सही नहीं लगा तो वह ऊँची अदालत में जा सकते थे। उन्होंने कहा कि कोर्ट इस मामले में सही है।

वकील दिनेश मिश्रा ने अतुल सुभाष द्वारा जज रीता कौशिक पर लगाए गए आरोपों को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि जज एकदम सही हैं और हम उनके साथ काम करते हैं। वकील दिनेश मिश्रा ने बताया है कि ऐसे मामले में जो साधारण प्रक्रिया होती है, वही अपनाई गई थी। उन्होंने इस बात पर इनकार किया कि कोर्ट की प्रक्रिया और प्रताड़ना के कारण आत्महत्या करना सही था। उन्होंने कहा कि बाकी अगर कोई मामला हुआ होगा तो उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।

गौरतलब है कि हाल ही में अतुल सुभाष ने सोमवार (10 दिसम्बर, 2024) को आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने इससे पहले 24 पन्नों का एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था। इसमें उन्होंने बताया था कि किस तरह उनकी पत्नी और उसके परिजनों ने उनको परेशान किया और उनके बेटे से भी नहीं मिलने दिया। उनकी पत्नी इस तरह प्रताड़ित करती थी कि 4 साल के अपने बेटे को बाप से बात भी नहीं करने देती थी। उन्होंने बताया था कि वह 2 वर्ष में 120 बार केस के लिए जौनपुर जा चुके थे और वित्तीय के साथ ही मानसिक रूप से परेशान थे।

इस मामले में निकिता सिंहानिया और उनके परिजनों के खिलाफ एक केस दर्ज किया गया है। मामले में बेंगलुरु पुलिस भी उत्तर प्रदेश पूछताछ करने के लिए जा रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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