Monday, May 25, 2020
होम देश-समाज जहाँ राम, वहीं शिव... और श्मशान है शिव का निवास स्थान: मुसलमानों के कब्रिस्तान...

जहाँ राम, वहीं शिव… और श्मशान है शिव का निवास स्थान: मुसलमानों के कब्रिस्तान प्रपंच को संत समिति का जवाब

अयोध्या के डीएम अनुज झा ने भी मुसलमानों की कब्रिस्तान संबंधी चिट्ठी पर जवाब देते हुए कहा था कि फिलहाल राम जन्मभूमि के 67 एकड़ के परिसर में कोई कब्रिस्तान नहीं है।

ये भी पढ़ें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्र सरकार द्वारा गठित राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की पहली बैठक बुधवार (फरवरी 19, 2020) को राजधानी दिल्ली में में होगी। जिसमें मंदिर निर्माण के मुहूर्त समेत कई विषयों पर विचार किया जा सकता है। यह बैठक सुप्रीम कोर्ट में रामलला के वकील रहे केशवन अय्यंगार परासरण के ग्रेटर कैलाश स्थित घर पर होगी। इस बैठक का मुख्य एजेंडा मंदिर निर्माण की तिथि और तौर-तरीकों के साथ-साथ, नए सदस्यों का चुनाव होगा। इसमें उस सुझाव के बारे में चर्चा की जा सकती है कि मंदिर निर्माण के लिए आम जनता से सहयोग राशि ली जानी चाहिए या नहीं।

इस बैठक से पहले अखिल भारतीय संत समिति ने मुस्लिम पक्षकारों के उस आपत्ति को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि 67 एकड़ भूमि के करीब 4 से 5 एकड़ भूमि पर मुसलमानों के कब्रें थी। इसलिए वहाँ पर राम मंदिर का निर्माण नहीं किया जना चाहिए। यह चिट्ठी अयोध्या जमीन विवाद में मुस्लिम पक्ष के वकील रहे एमआर शमशाद ने 9 मुसलमानों की तरफ से नव-नियुक्त श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र को पत्र लिखा था। इसका जवाब देते हुए समिति के महामंत्री स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि अधिकृत भूमि पर जब राम मंदिर बनेगा तो वहाँ उनके इष्ट देव शिव भी होंगे और सबको पता है कि शिव के निवास का एक स्थान श्मशान भी है, इसलिए मुस्लिम पक्ष को इसकी चिंता नहीं करनी चाहिए

बता दें कि इससे पहले अयोध्या के डीएम अनुज झा ने भी इस चिट्ठी पर जवाब देते हुए कहा था कि फिलहाल राम जन्मभूमि के 67 एकड़ के परिसर में कोई कब्रिस्तान नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि अयोध्या मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान इन सभी बातों का जिक्र किया गया था। वकील शमशाद जिस तथ्यों की बात कर रह हैं, वो भी सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान सामने आई थी। 9 दिसंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले में इन सभी तथ्यों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

इस चिट्ठी में ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला देते हुए कहा गया था कि साल 1855 के दंगों में 75 मुस्लिम मारे गए थे और सभी को यहीं दफन किया गया था। अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री इस पर कहते हैं कि अब जबकि देश की सर्वोच्च अदालत ने राम मंदिर के पक्ष में निर्णय सुनाया है तब मुस्लिम पक्ष परंपराओं और तर्कों का हवाला दे रहे हैं। अगर मुस्लिम पक्ष इसे सही मानता है तो उसे अन्य विवादित स्थलों से भी अपना दावा छोड़ देना चाहिए, क्योंकि पैगंबर मोहम्मद साहब ने खुद विवादित स्थल पर बनी मस्जिद को तुड़वा कर एक आदर्श पेश किया था। 

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने सालों बाद 9 नवंबर 2019 को राम मंदिर का मुद्दा सुलझा दिया। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार ने राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन भी कर दिया।

मगर ऐसा लग रहा है कि राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू होने से पहले मुस्लिम पक्ष साजिश के तहत एक और भावनात्मक पेंच फँसाने की कोशिश कर रही है। हालाँकि उन्हें इसका माकूल जवाब भी मिल रहा है। एक तरफ जहाँ डीएम ने 67 एकड़ के परिसर में कोई कब्रिस्तान न होने की बात कही तो वहीं संत समिति ने कहा कि अगर है भी तो भी कोई दिक्कत नहीं है, क्योंकि भगवान शिव का एक निवास स्थल शमशान भी है और वो राम के इष्ट हैं। इसलिए उन्हें इसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है।

’75 मुसलमानों की कब्र के ऊपर राम मंदिर, क्या यह सही होगा?’ – अयोध्या मामले में ‘भावनात्मक’ पेंच की साजिश!

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र: राम मंदिर ट्रस्ट का ऐलान, PM मोदी की घोषणा और लोकसभा में गूँजे ‘जय श्री राम’ के नारे

सोने का गर्भगृह, 2022 तक निर्माण पूरा: भव्य राम मंदिर के लिए महावीर मंदिर देगा ₹10 करोड़

योगी आदित्यनाथ ने भव्य राम मंदिर के लिए हर परिवार से माँगे ₹11 और एक ईंट


  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ख़ास ख़बरें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

‘₹60 लाख रिश्वत लिया AAP MLA प्रकाश जारवाल ने’ – टैंकर मालिकों का आरोप, डॉक्टर आत्महत्या में पहले से है आरोपित

AAP विधायक प्रकाश जारवाल ने पानी टैंकर मालिकों से एक महीने में 60 लाख रुपए की रिश्वत ली है। अपनी शिकायत लेकर 20 वाटर टैंकर मालिकों ने...

‘महाराष्ट्र में मजदूरों को एंट्री के लिए लेनी होगी अनुमति’ – राज ठाकरे ने शुरू की हिंदी-मराठी राजनीति

मजदूरों पर राजनीति करते हुए राज ठाकरे ने CM योगी आदित्यनाथ के 'माइग्रेशन कमीशन' के फैसले पर बयान जारी किया। दरअसल वे हिंदी-मराठी के जरिये...

कॉन्ग्रेस का सन्देश है कि जो गाँधी परिवार के खिलाफ बोलेगा उसे प्रताड़ित किया जाएगा: तजिंदर बग्गा

तजिंदर बग्गा ने पूछा कि अगर सिख नरसंहार में राजीव गाँधी का हाथ नहीं होता तो इसमें शामिल लोगों को मंत्रिपद देकर क्यों नवाजा जाता?

उद्धव सरकार की वजह से खाली लौट रही ट्रेनें, देर रात तक जानकारी माँगते रहे पीयूष गोयल, नहीं मिली पैसेंजरों की लिस्ट

“रात के 12 बज चुके हैं और 5 घंटे बाद भी हमारे पास महाराष्ट्र सरकार से कल की 125 ट्रेनों की डिटेल्स और पैसेंजर लिस्टें नही आई है। मैंने अधिकारियों को आदेश दिया है फिर भी प्रतीक्षा करें और तैयारियाँ जारी रखें।"

घर लौटे श्रमिकों को उत्तर प्रदेश में देंगे रोजगार, बीमा सहित सामाजिक सुरक्षा होगी सुनिश्चित: योगी आदित्यनाथ

जो भी राज्य चाहता है कि प्रदेश के प्रवासी कामगार उनके यहाँ वापस आएँ, उन्हें राज्य सरकार से इसकी इजाजत लेनी होगी

…वो 5 करीबी, जिनसे पूछकर मौलाना साद लेता था फैसले, सबके पासपोर्ट जब्त: पहले से दर्ज थी FIR

क्राइम ब्रांच ने मौलाना साद के 5 करीबियों का पासपोर्ट जब्त कर लिया है। ये पाँचों वे लोग हैं, जिन पर पहले से इस मामले में FIR दर्ज है।

प्रचलित ख़बरें

गोरखपुर में चौथी के बच्चों ने पढ़ा- पाकिस्तान हमारी प्रिय मातृभूमि है, पढ़ाने वाली हैं शादाब खानम

गोरखपुर के एक स्कूल के बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए बने व्हाट्सएप ग्रुप में शादाब खानम ने संज्ञा समझाते-समझाते पाकिस्तान प्रेम का पाठ पढ़ा डाला।

‘न्यूजलॉन्ड्री! तुम पत्रकारिता का सबसे गिरा स्वरुप हो’ कोरोना संक्रमित को फ़ोन कर सुधीर चौधरी के विरोध में कहने को विवश कर रहा NL

जी न्यूज़ के स्टाफ ने खुलासा किया है कि फर्जी ख़बरें चलाने वाले 'न्यूजलॉन्ड्री' के लोग उन्हें लगातार फ़ोन और व्हाट्सऐप पर सुधीर चौधरी के खिलाफ बयान देने के लिए विवश कर रहे हैं।

राजस्थान के ‘सबसे जाँबाज’ SHO विष्णुदत्त विश्नोई की आत्महत्या: एथलीट से कॉन्ग्रेस MLA बनी कृष्णा पूनिया पर उठी उँगली

विष्णुदत्त विश्नोई दबंग अफसर माने जाते थे। उनके वायरल चैट और सुसाइड नोट के बाद कॉन्ग्रेस विधायक कृष्णा पूनिया पर सवाल उठ रहे हैं।

रवीश ने 2 दिन में शेयर किए 2 फेक न्यूज! एक के लिए कहा: इसे हिन्दी के लाखों पाठकों तक पहुँचा दें

NDTV के पत्रकार रवीश कुमार ने 2 दिन में फेसबुक पर दो बार फेक न्यूज़ शेयर किया। दोनों ही बार फैक्ट-चेक होने के कारण उनकी पोल खुल गई। फिर भी...

तब भंवरी बनी थी मुसीबत का फंदा, अब विष्णुदत्त विश्नोई सुसाइड केस में उलझी राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार

जिस अफसर की पोस्टिंग ही पब्लिक डिमांड पर होती रही हो उसकी आत्महत्या पर सवाल उठने लाजिमी हैं। इन सवालों की छाया सीधे गहलोत सरकार पर है।

हमसे जुड़ें

206,834FansLike
60,106FollowersFollow
241,000SubscribersSubscribe
Advertisements