Monday, November 29, 2021
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पंजाब में 4 बिहारी छात्रों को हॉस्टल खाली करने का आदेश, कश्मीरियों की ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ की नारेबाजी का किया था विरोध

हमारे सूत्रों के अनुसार, 24 अक्टूबर की रात को हुई घटना को लेकर इन छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। दरअसल, चारों छात्र 24 अक्टूबर की रात भारत और पाकिस्तान का मैच देख रहे थे। जब भारत टी-20 वर्ल्ड कप में मैच हार गया, तभी उन्होंने जहाँ कश्मीरी छात्र रहते थे वहाँ से पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे सुने।

पंजाब के बठिंडा में स्थित बाबा फरीद ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने शनिवार (30 अक्टूबर 2021) को बिहार के रहने वाले चार छात्रों को 24 घंटे के अंदर सामान सहित हॉस्टल खाली करने का नोटिस दिया था। उनके खिलाफ कथित रूप से छात्रावास में अनुशासनात्मक गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप लगाया गया है। यह नोटिस आज (31 अक्टूबर,2021) सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालाँकि, इसमें यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि 30 अक्टूबर को वास्तव में क्या हुआ था।

बाबा फरीद ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में छात्रावास छोड़ने के आदेश वाला नोटिस। साभार: लाइव अदालत

इसको लेकर ऑपइंडिया ने छात्रों से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। हमारे सूत्रों के अनुसार, 24 अक्टूबर की रात को हुई घटना को लेकर इन छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। दरअसल, चारों छात्र बीते रविवार को भारत और पाकिस्तान का मैच देख रहे थे। जब भारत टी-20 वर्ल्ड कप में मैच हार गया, तभी उन्होंने जहाँ कश्मीरी छात्र रहते थे वहाँ से पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे सुने। छात्रों ने वार्डन से शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन उसका फोन स्विच ऑफ था। उसके बाद, कुछ छात्र बल्ले और विकेट लेकर उस गलियारे में गए, यह पता लगाने के लिए कि कौन नारे लगा रहा था। हमारे सूत्रों ने कहा कि छात्र बल्ले और विकेट लेकर गए, लेकिन दोनों समूहों के बीच कोई लड़ाई नहीं हुई।

अगले दिन वार्डन ने उन चार छात्रों को बुलाया जिन्हें उन्होंने सीसीटीवी फुटेज से पहचाना था। उन्हें माफी माँगने और भविष्य में ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होने का वादा करने के लिए कहा गया। छात्रों के अनुसार, यह मामला वहीं पर खत्म हो गया था। हालाँकि, हमारे सूत्र ने बताया कि 30 अक्टूबर की सुबह चार छात्रों कुमार कार्तिकेय ओझा, आयुष कुमार तिवारी, उज्जवल पांडे और आयुष कुमार जायसवाल को वार्डन ने बुलाया और उन्हें तत्काल छात्रावास खाली करने का नोटिस दिया गया। सूत्र ने कहा कि छात्रों को अपना पक्ष रखने का मौका भी नहीं दिया गया। भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने नोटिस पर संज्ञान लेते हुए बिहारी छात्रों को अपना समर्थन देने का वादा किया।

संस्थान ने ब्यौरा देने से किया इनकार

ऑपइंडिया ने लड़कों के छात्रावास के वार्डन लखबीर सिंह से संपर्क किया, जिसने नोटिस पर हस्ताक्षर किए थे। जब हमने उनसे पूछा कि नोटिस क्यों जारी किया गया, तो सिंह ने इस मामले पर बात करने से इनकार कर दिया। उसने कहा, ”हम इस बारे में बात नहीं कर सकते। मुझे उसका नंबर दीजिए जिसने आपको नोटिस दिया है।” हमने वार्डन को बताया कि यह नोटिस ट्विटर पर वायरल हो रहा है और यदि वह चाहें तो हम उसे नोटिस की एक कॉपी भेज सकते हैं। इस पर उसने कहा, “नहीं, मुझे कॉपी की जरूरत नहीं है।” वार्डन ने इस तरह के किसी भी नोटिस के बारे में जानकारी से देने से इनकार किया और कहा, ”ऐसा कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है। मैं इसके बारे में बात नहीं करना चाहता।” हमें सूत्रों ने बताया कि वार्डन ने छात्रों को सोशल मीडिया पर नोटिस साझा करने पर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी।

पंजाब में यूपी-बिहार और कश्मीर के छात्रों के बीच हाथापाई

पंजाब के संगरूर में इसी तरह की एक और घटना 24 अक्टूबर को यूपी-बिहार और कश्मीर के छात्रों के बीच भाई गुरदास इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में हुई थी। ऐसी खबरें थीं कि भारत-पाक टी20 वर्ल्ड कप मैच में भारत की हार के बाद भाई गुरदास इंस्टिट्यूट ऑफ इंजिनियरिंग एंड टेक्नॉलजी में कथित तौर पर यूपी बिहार के छात्रों ने कुछ कश्मीरी छात्रों को जमकर पीटा। सबका कहना था कि ये कश्मीरी छात्र पाकिस्तान की जीत की खुशी मना रहे थे और आजादी के नारे लगा रहे थे।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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