Thursday, February 25, 2021
Home देश-समाज सरकार नहीं, मुल्ला-मौलवियों की बातें मानते हैं मुस्लिम: जमातियों की हरकतों से याद आई...

सरकार नहीं, मुल्ला-मौलवियों की बातें मानते हैं मुस्लिम: जमातियों की हरकतों से याद आई बाबा साहब की कही बातें

बाबा साहब ने लिखा था कि एक मुस्लिम की आस्था उस देश में नहीं बस बसती जहाँ वो रह रहा है बल्कि वो उसके अपने मजहब में बसती है। जहाँ भी इस्लाम की सत्ता है, उसका अपना शासन है, वहाँ उसका अपना देश है।

तबलीगी जमात की हरकतों से पूरा देश परेशान है। उन्होंने कोरोना नामक आपदा को पूरे भारत में पहुँचाने में कोई कसर नहीं छोड़ा। इनमें से कुछ तो अब तक छिपे हुए हैं। इनके प्रभाव वाले मोहल्लों में पुलिस व स्वास्थ्यकर्मियों पर भी हमले हुए। वैसे ये पहला मौका नहीं है जब इस्लामी कट्टरवादियों के ख़िलाफ़ लोगों ने आवाज़ उठाई हो, दशकों और सदियों पहले भी विद्वान लोग इसके ख़िलाफ़ आगाह करते रहे हैं। ऐसे में बाबासाहब भीमराव आंबेडकर की बातों को भी जानना चाहिए। उनके इस्लाम को लेकर जो विचार थे, वो आज भी प्रासंगिक हैं। उन्हें पढ़ा जाना चाहिए।

अपनी पुस्तक ‘पाकिस्तान और द पार्टीशन ऑफ इंडिया’ में बाबासाहब ने लिखा है कि इस्लाम की दूसरी सबसे बड़ी खामी ये है कि ये सेल्फ-गवर्नमेंट, यानी ख़ुद से सत्ता चलाने वाली विचारधारा पर काम करता है। साथ ही ये स्थानीय सरकार के साथ सामंजस्य बैठाने की चेष्टा नहीं करता। उन्होंने लिखा था कि एक मुस्लिम की आस्था उस देश में नहीं बस बसती जहाँ वो रह रहा है बल्कि वो उसके अपने मजहब में बसती है। जहाँ भी इस्लाम की सत्ता है, उसका अपना शासन है, वहाँ उसका अपना देश है।

बाबा साहब का मानना था कि इस्लाम कभी भी एक सच्चे मुस्लिम को इस बात की इजाजत नहीं देगा कि वो भारत को अपनी मातृभूमि मानें और हिन्दुओं को अपना स्वजन समझें। अगर जमातियों की हरकतों को देखें तो आज यही पता चलता है। उन्होंने इस्लाम के नाम पर मेडिकल सलाहों को धता बताया और इस्लामी रीति-रिवाजों का अनुसरण करने के चक्कर में देश से पहले मजहब को रखा, जो आम्बेडकर की बातों को आज भी सत्य सिद्ध करती है। आलम ये है कि निजामुद्दीन स्थित मरकज़ से निकल कर कोरोना वायरस पूरे देश में फ़ैल गया है।

जमातियों को पूरे देश में कई मस्जिदों में पनाह दी गई। मौलाना साद के ही शब्दों पर गौर करें तो इससे साफ़ हो जाता है कि उसके या उसके अनुयायियों के मन में देश और संविधान के प्रति कोई आस्था नहीं है। प्रधानमंत्री लोगों को घरों में रहने की सलाह देते हैं, मौलाना साद इसे इस्लाम के ख़िलाफ़ साज़िश करार देते हुए कोरोना को अल्लाह की परीक्षा कहता है। इसके अलावा आप उन टिक-टॉक वीडियोज को ही देख लीजिए, जिसमें सुन्नत और इस्लाम के नाम पर लोगों को डॉक्टरों और विज्ञान से दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसका इस्तेमाल मुस्लिमों को भड़काने के लिए किया जाता है।

यही तो आंबेडकर ने कहा था। यही आज हो रहा। कई मुस्लिम अपने मुल्ला-मौलवियों की बातें मान रहे हैं, सरकार की सलाहों पर अमल करने की बजाए। निकाह-हलाला जैसे घटिया रिवाजों से घिरे इन मजहबी मौलानाओं के पास देश के लिए समय नहीं है। सही तो कहा था आंबेडकर ने कि मुस्लिम कभी भी हिन्दुओं को स्वजन नहीं मानेंगे। आज कई ऐसे वीडियो आ रहे हैं, जिनमें उन्हें ये कहते हुए देखा जा सकता है कि कोरोना की आड़ में हिन्दू साज़िश रच रहे हैं। इस आपदा के समय भी ऐसी राजनीति खेलना कहाँ तक उचित है?

इस्लामी मौलानाओं के पास स्थानीय स्तर पर प्रशासन से ज्यादा शक्ति होती है मुस्लिमों के बीच। वो अपनी बात मनवा लेते हैं, जो सरकारें नहीं कर पातीं। जैसे, समुदाय विशेष के लोगों के लिए एक फतवे का ज्यादा महत्व है, कलक्टर द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देशों की तुलना में। यहाँ तक तक कि सरकारें भी इन मौलानाओं और इस्लामी संगठनों की ही मदद लेती है। भले ही सरकार ऐसा करते रहे, आज तबलीगी जमात है तो कल कोई और होगा। इस्लाम में मौलाना-मौलवी और इस्लामी संगठन ही इनके विश्वास की चाभी हमेशा अपने पास रखेंगे।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘ज्यादा गर्मी ना दिखाएँ, जो जिस भाषा को समझेगा, उसे उस भाषा में जवाब मिलेगा’: CM योगी ने सपाइयों को लताड़ा

"आप लोग सदन की गरिमा को सीखिए, मैं जानता हूँ कि आप किस प्रकार की भाषा और किस प्रकार की बात सुनते हैं, और उसी प्रकार का डोज भी समय-समय पर देता हूँ।"

‘लियाकत और रियासत के रिश्तेदार अब भी देते हैं जान से मारने की धमकी’: दिल्ली दंगा में भारी तबाही झेलने वाले ने सुनाया अपना...

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि चाँदबाग में स्थित दंगा का प्रमुख केंद्र ताहिर हुसैन के घर को सील कर दिया गया था, लेकिन 5-6 महीने पहले ही उसका सील खोला जा चुका है।

3 महीनों के भीतर लागू होगी सोशल, डिजिटल मीडिया और OTT की नियमावली: मोदी सरकार ने जारी की गाइडलाइन्स

आपत्तिजनक विषयवस्तु की शिकायत मिलने पर न्यायालय या सरकार जानकारी माँगती है तो वह भी अनिवार्य रूप से प्रदान करनी होगी। मिलने वाली शिकायत को 24 घंटे के भीतर दर्ज करना होगा और 15 दिन के अंदर निराकरण करना होगा।

भगोड़े नीरव मोदी भारत लाया जाएगा: लंदन कोर्ट ने दी प्रत्यर्पण को मंजूरी, जताया भारतीय न्यायपालिका पर विश्वास

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नीरव की मानसिक सेहत को लेकर लगाई गई याचिका को ठुकरा दिया। साथ ही ये मानने से इंकार किया कि नीरव मोदी की मानसिक स्थिति और स्वास्थ्य प्रत्यर्पण के लिए फिट नहीं है।

LoC पर युद्धविराम समझौते के लिए भारत-पाक तैयार, दोनों देशों ने जारी किया संयुक्त बयान

दोनों देशों ने तय किया कि आज, यानी 24-45 फरवरी की रात से ही उन सभी पुराने समझौतों को फिर से अमल में लाया जाएगा, जो समय-समय पर दोनों देशों के बीच हुए हैं।

यहाँ के CM कॉन्ग्रेस आलाकमान के चप्पल उठा कर चलते थे.. पूरे भारत में लोग उन्हें नकार रहे हैं: पुडुचेरी में PM मोदी

PM मोदी ने कहा कि पहले एक महिला जब मुख्यमंत्री के बारे में शिकायत कर रही थी, पूरी दुनिया ने महिला की आवाज में उसका दर्द सुना लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री ने सच बताने की बजाए अपने ही नेता को गलत अनुवाद बताया।

प्रचलित ख़बरें

उन्नाव मर्डर केस: तीसरी लड़की को अस्पताल में आया होश, बताई वारदात से पहले की हकीकत

विनय ने लड़कियों को कीटनाशक पिलाकर बेहोश किया और बाद में वहाँ से चला गया। बेहोशी की हालत में लड़कियों के साथ किसी तरह के सेक्सुअल असॉल्ट की बात सामने नहीं आई है।

कला में दक्ष, युद्ध में महान, वीर और वीरांगनाएँ भी: कौन थे सिनौली के वो लोग, वेदों पर आधारित था जिनका साम्राज्य

वो कौन से योद्धा थे तो आज से 5000 वर्ष पूर्व भी उन्नत किस्म के रथों से चलते थे। कला में दक्ष, युद्ध में महान। वीरांगनाएँ पुरुषों से कम नहीं। रीति-रिवाज वैदिक। आइए, रहस्य में गोते लगाएँ।

ई-कॉमर्स कंपनी के डिलीवरी बॉय ने 66 महिलाओं को बनाया शिकार: फीडबैक के नाम पर वीडियो कॉल, फिर ब्लैकमेल और रेप

उसने ज्यादातर गृहणियों को अपना शिकार बनाया। वो हथियार दिखा कर रुपए और गहने भी छीन लेता था। उसने पुलिस के समक्ष अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

महिला ने ब्राह्मण व्यक्ति पर लगाया था रेप का झूठा आरोप: SC/ST एक्ट में 20 साल की सज़ा के बाद हाईकोर्ट ने बताया निर्दोष

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा, "पाँच महीने की गर्भवती महिला के साथ किसी भी तरह की ज़बरदस्ती की जाती है तो उसे चोट लगना स्वाभाविक है। लेकिन पीड़िता के शरीर पर इस तरह की कोई चोट मौजूद नहीं थी।”

UP: भीम सेना प्रमुख ने CM आदित्यनाथ, उन्नाव पुलिस के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत दर्ज की FIR

भीम सेना प्रमुख ने CM योगी आदित्यनाथ और उन्नाव पुलिस अधिकारियों पर गुरुग्राम में SC/ST एक्ट के तहत शिकायत दर्ज करवाई है।

UP पुलिस की गाड़ी में बैठने से साफ मुकर गया हाथरस में दंगे भड़काने की साजिश रचने वाला PFI सदस्य रऊफ शरीफ

PFI मेंबर रऊफ शरीफ ने मेडिकल जाँच कराने के लिए ले जा रही UP STF टीम से उनकी गाड़ी में बैठने से साफ मना कर दिया।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

291,994FansLike
81,863FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe