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‘राजपूत चूड़ी और साड़ी पहन ले’: बिहार में भाई की हत्या पर बिफरी बहन का Video वायरल, RJD के गुंडों पर लिंचिंग का आरोप, 2 की हालत गंभीर

महाराजगंज से सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल का कहना है कि अपराधियों को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि जब बच्चों के अपहरण की जानकारी मिली तो उन्होंने पुलिस को फोन किया था, लेकिन पुलिस 4 घंटे देर से पहुँची। उन्होंने यह भी कहा कि जब पुलिस इन लड़कों को छुड़ाने पहुँची तो विजय यादव और उसके गुर्गों ने पुलिस पर पथराव किया। इसके बाद पुलिस और फोर्स लेकर उन्हें छुड़ाकर लाई।

बिहार में जंगलराज दिखाई देने लगा है। JDU-RJD की गठबंधन वाली सरकार में अपराधियों के मनोबल चरम पर हैं। सारण जिले के मुबारकपुर गाँव में विजय यादव नाम के गुंडे ने अपने समर्थकों के साथ एक ही जाति के चार लोगों इतनी बुरी तरह पीटा की उनमें से 1 की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, दो अन्य अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ रहे हैं।

मुख्य आरोपित विजय यादव हकी पत्नी मुखिया है। लोगों का कहना है कि आपराधिक पृष्ठभूमि का विजय यादव पत्नी के नाम पर अपने पंचायत का काम-धाम देखता है। कहा जाता है कि विजय यादव का सत्ताधारी RJD में उपर तक पैठ है और उसे उस क्षेत्र के विधायक-सांसद का भी करीबी बताया जाता है।

मॉब लिंचिंग की घटना के बाद विजय यादव ने इन लोगों पर फायरिंग करने का आरोप लगाया था। राज्य की मीडिया से लेकर देश की मीडिया तक ने उसे ऐसा भी बताया कि ये लोग मुखिया के पति पर हमला करने गए थे। हालाँकि, एक वीडियो सामने आया है, जिसमें विजय यादव के कथित फार्म में तीन युवकों को बुरी तरह पीटा जा रहा है। तीनों युवकों को लोहे की रॉड, लाठी-डंडे और पाइप से पीटने की बात कही जा रही है।

मुबारकपुर गाँव के लोगों का कहना है कि तीनों युवक राजपूत समाज से ताल्लुक रखते हैं। प्राथमिकी में कहा गया है कि विजय यादव ने तीनों लोगों को साजिश के तहत सिधरिया टोला स्थित अपने मुर्गा फार्म पर ले गया और वहाँ पिटाई की। इस मामले में पाँच नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

मृतक के चाचा जयशंकर सिंह ने बताया कि अमितेश गुरुवार (2 फरवरी 2023) की शाम में मुबारकपुर गाँव के बड़का बगीचा के पास गेहूँ के फसल की सिंचाई करने गया था। उसके साथ पड़ोसी खेत वाले युवक भी था। इस दौरान विजय यादव द्वारा तीनों युवकों को अगवा कर मुर्गी फार्म में ले जाकर बंधक बनाया गया और उनकी पिटाई की गई।

वहीं, सोशल मीडिया पर इसको लेकर तरह-तरह की खबरेें भी चल रही हैं। लोगों का कहना है कि पिटाई के कारणों दूसरे युवक की भी अस्पताल में मौत हो गई है। कुछ लोग तीसरे मौत की भी बात कर रहे हैं। हालाँकि, स्थानीय पुलिस अभी सिर्फ एक मौत की बात कह रही है।

इस संबंध में ऑपइंडिया ने बिहार के सारण जिले के माँझी थाने के प्रभारी से बात की। प्रभारी ने अपना नाम देवानंद कुमार बताया। घटना के बारे में बात करते हुए देवानंद कुमार ने कहा, “विजय यादव के भाई की कुछ साल पहले हत्या कर दी गई थी। उसके भाई की भी हत्या कर दी गई थी। ऐसे में आदमी थोड़ा सतर्क रहता है।”

SHO देवानंद कुमार ने ऑपइंडिया को आगे बताया, “जब ये तीनों लोग विजय यादव के मुर्गा फर्म पर पहुँचे तो उन्हें लगा कि कोई हमलावर है और उनके लोगों ने पिटाई कर दी।” थाना प्रभारी ने बताया कि इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई है। बाकी दो लोग अस्पताल में हैं।

पीड़ित परिवार की ओर से थाने में FIR दर्ज कराई गई है। इसमें विजय यादव को मुख्य अभियुक्त बनाया गया है। हालाँकि, इस मामले में पिटाई करने वाले विजय यादव के एक गुर्गे को हिरासत में लिया गया है। विजय यादव अभी फरार है। देवानंद कुमार का कहना है कि अभी ‘उनकी’ गिरफ्तारी नहीं हुई है।

विजय यादव के बैकग्राउंड के सवाल पर देवानंद ने बताया, “मुझे नहीं पता की वो कैसे व्यक्ति हैं। इसके बारे में जानकारी नहीं है।” देवानंद का कहना है कि वे इस थाने में पिछले एक महीने से प्रभारी हैं। जब ऑपइंडिया ने उनसे पूछा कि एक महीने में उन्हें जानकारी नहीं हुई कि थाना क्षेत्र में कौन अपराधी है और कौन नहीं। इस पर देवानंद ने कहा कि उन्हें जानकारी है, लेकिन विजय यादव के बारे में नहीं है।

विजय यादव को लेकर SHO कुछ भी स्पष्ट बोलने से हिचकिचाते और कतराते रहे। इससे लोगों के इस आरोप को बल मिलता है कि SHO और सत्ता पक्ष आरोपितों को बचाने का प्रयास कर रहा है। हालाँकि, देवानंद ने इससे इनकार कर दिया। बता दें कि विजय यादव पर पहले से ही लूट-पाट, मारपीट और हत्या के कई मामले दर्ज हैं।

महाराजगंज से सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल का कहना है कि अपराधियों को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि जब बच्चों के अपहरण की जानकारी मिली तो उन्होंने पुलिस को फोन किया था, लेकिन पुलिस 4 घंटे देर से पहुँची। उन्होंने यह भी कहा कि जब पुलिस इन लड़कों को छुड़ाने पहुँची तो विजय यादव और उसके गुर्गों ने पुलिस पर पथराव किया। इसके बाद पुलिस और फोर्स लेकर उन्हें छुड़ाकर लाई।

वहीं, सारण के एसपी गौरव मंगला ने ऑपइंडिया को बताया कि इस मामले में बाकी आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। उन्होंने भी इससे ज्यादा बताने से इनकार कर दिया। हालाँकि, मुबारकपुर गाँव के लोगों का कहना है कि विजय यादव अगल-बगल के ही गाँव में है और पुलिस उसे जानबूझकर गिरफ्तार नहीं कर रही है।

उधर, अमितेश कुमार सिंह की मौत पर पूरे इलाके में तनाव है। गाँव में कई थानों की फोर्स मौजूद है। इस बीच मृतक अमितेश की बहन का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में मृतक अमितेश की बहन कह रही है, “विजय यादव का हिम्मत था कि लाश गिरा दे… सारा राजपूत लोग चूड़ी और साड़ी पहन ले… आ… घर में बैठ जाव।” उसने पुलिस से आरोपितों के एनकाउंटर की माँग की।

इस घटना में मारे गए अमितेश की उम्र 35 साल है। वह शादीशुदा था और उसके बच्चे भी हैं। वहीं, जो दो अन्य युवक अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ रहे हैं, उनकी पहचान 23 वर्षीय राहुल कुमार और 25 वर्षीय आलोक कुमार के रूप में हुई है।

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सुधीर गहलोत
सुधीर गहलोत
प्रकृति प्रेमी

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