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लव जिहाद के खिलाफ कर्नाटक में भी कानून जल्द, गोहत्या पर भी पूरी तरह पाबंदी लगेगी: डिप्टी CM का ऐलान

“देश की कई राज्य सरकारें इस मुद्दे पर क़ानून लेकर आ चुकी हैं। हम भी लव जिहाद के मुद्दे पर क़ानून बना रहे हैं और बहुत जल्द यह प्रभावी होगा। इसके अलावा हम गोहत्या पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के लिए के लिए भी क़ानून लेकर आ रहे हैं।”

ग्रूमिंग जिहाद (लव जिहाद) के खिलाफ कई राज्य कानून बनाने की तैयारी कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार इस संबंध में अध्यादेश लागू भी कर चुकी है। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डॉ. सीएन अश्वथनारायण ने भी राज्य में जल्द कानून बनाने की बात कही है। साथ ही प्रदेश में गोहत्या पर भी पूरी तरह पाबंदी लगेगी।

डॉ. अश्वथनारायण ने कहा, “देश की कई राज्य सरकारें इस मुद्दे पर क़ानून लेकर आ चुकी हैं। हम भी लव जिहाद के मुद्दे पर क़ानून बना रहे हैं और बहुत जल्द यह प्रभावी होगा। इसके अलावा हम गोहत्या पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के लिए के लिए भी क़ानून लेकर आ रहे हैं।”       

इसके पहले कर्नाटक के गृहमंत्री बासवराज बोम्मई ने भी ग्रूमिंग जिहाद के मुद्दे पर अहम बयान दिया था। बृहस्पतिवार (3 दिसंबर 2020) को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा था, “प्रदेश में लव जिहाद के विरुद्ध क़ानून लागू किया जाएगा। इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिया जा चुका है कि वह उत्तर प्रदेश में जारी अध्यादेश के बारे में मूलभूत जानकारी इकट्ठा करें। उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्य प्रदेश की सरकार ने इस क़ानून पर विचार करना शुरू कर दिया है तो हमने भी इस पर चर्चा शुरू कर दी है कि इसे कैसे प्रभावी बनाया जाए। हमारे मुख्यमंत्री ने भी इस पर सहमति प्रदान कर दी है।”

हाल ही में कर्नाटक में ग्रूमिंग जिहाद का मामला सामने आया था। यहाँ पर शांति जूबी नाम की हिंदू महिला को इस्लाम में धर्मांतरित किया गया था। जिसके बाद उसका नाम असिया इब्राहिम खलील कट्टेकर कर दिया गया था। इसके अलावा कर्नाटक की सरकार गोहत्या के मुद्दे पर भी अपना मत स्पष्ट कर चुकी है। कर्नाटक के पशुपालन मंत्री प्रभु चौहान ने इस साल के जुलाई में ऐलान किया था कि कर्नाटक की प्रदेश सरकार अन्य राज्यों की तर्ज पर गोहत्या, बिक्री और गोमांस की खपत पर प्रतिबंध लगाएगी। इसके लिए गौहत्या और संरक्षण विधेयक 2012 को वापस लेकर आने की तैयारी में है। पशुपालन मंत्री ने कहा था, “गायों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। हमने पहले ही गोशालाओं को मजबूत करना शुरू कर दिया है।” 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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