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बकरीद पर हलाल करने के लिए बिल्डिंग में लेकर आ गया 60 बकरे, बाॅम्बे हाई कोर्ट ने कहा- बिना इजाजत सोसायटी में कुर्बानी गलत

नैथानी हाइट्स में रहने वाला एक व्यक्ति कुर्बानी के लिए 60 बकरे लेकर आ गया था। इसके बाद जैन समुदाय के लोगों ने इस पर रोक की अपील करते हुए याचिका दायर की। हाई कोर्ट की पीठ ने इस पर सुनवाई करते हुए कहा कि बिना इजाजत सोसायटी में जानवर की कुर्बानी देना गलत है।

बाॅम्बे हाई कोर्ट ने बकरीद पर सोसायटी में कुर्बानी को गलत बताया है। BMC (बृहन्मुंबई महानगर पालिका) को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। तय स्थानों पर ही कुर्बानी सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। हाई कोर्ट ने ये निर्देश बुधवार (28 जून 2023) को मुंबई के नैथानी हाइट्स में रहने वाले एक व्यक्ति की याचिका पर दी।

ये निर्देश ऐसे वक्त में सामने आए हैं जब मुंबई के ही मीरा रोड की एक सोसायटी में मोहसिन शेख द्वारा बकरीद पर कुर्बानी के लिए दो बकरे लाने को लेकर विवाद हो गया था। इसके विरोध में सोसायटी के लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया था। मंगलवार 27 जून 2023 को हुई इस घटना को लेकर 11 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नैथानी हाइट्स के एक व्यक्ति ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए खुले में या घरों में कुर्बानी पर रोक की अपील की थी। जस्टिस जीएस कुलकर्णी और जितेंद्र जैन की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि बिना इजाजत सोसायटी में कुर्बानी जायज नहीं है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता सुभाष झा ने बहस की। वहीं BMC का पक्ष उनके वकील जोएल कार्लोस ने रखा।

दरअसल नैथानी हाइट्स में रहने वाला एक व्यक्ति कुर्बानी के लिए 60 बकरे लेकर आ गया था। इसके बाद जैन समुदाय के लोगों ने इस पर रोक की अपील करते हुए याचिका दायर की। हाई कोर्ट की पीठ ने इस पर सुनवाई करते हुए कहा कि बिना इजाजत सोसायटी में जानवर की कुर्बानी देना गलत है। यदि ऐसा किया जाता है तो प्रशासन को हस्तक्षेप करते हुए कार्रवाई करनी चाहिए।

सुनवाई के दौरान बीएमसी के वकील जोएल कार्लोस ने बेंच को बताया कि कुर्बानी के लिए पहले से जगह तय कर दी गई है। सभी को तय जगह पर ही कुर्बानी के निर्देश BMC ने दिए है। वकील ने कहा कि बकरीद के दौरान सोसायटी में जाँच के लिए BMC अधिकारी भेजेगा और जो भी आदेशों का उललंघन करता दिखाई देगा उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अदालत ने अपने निर्देश में कहा है कि कुर्बानी वहीं हो जहाँ के लिए BMC या नगर निगम ने लाइसेंस जारी किया हो। हाई कोर्ट ने BMC के साथ पुलिस को भी निर्देश दिए हैं कि तय किए गए दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। बेंच ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 3 जुलाई 2023 की तारीख तय की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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