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2020 में नक्सली हमलों की 665 घटनाएँ, 183 को उतार दिया मौत के घाट: वामपंथी आतंकवाद पर केंद्र ने जारी किए आँकड़े

2020 में माओवादियों ने 183 लोगों की जान ली, वहीं 2019 में इन वामपंथी आतंकियों ने 202 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था।

केंद्र सरकार ने 2020 में हुई नक्सली घटनाओं को लेकर आँकड़े जारी किए हैं। 2020 में वामपंथी आतंकवाद की कई घटनाएँ हुईं। संसद में केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा दिए गए आँकड़ों के अनुसार, 2020 में वामपंथी कट्टरपंथियों द्वारा हमले की 665 घटनाएँ सामने आईं। 2019 में ये आँकड़ा 670 रहा था। ऐसे में 2020 में इससे पिछले साल के मुकाबले वामपंथी आतंकियों के हमले की 5 कम घटनाएँ सामने आईं।

2020 में माओवादियों ने 183 लोगों की जान ली, वहीं 2019 में इन वामपंथी आतंकियों ने 202 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। वहीं 2018 की बात करें तो उस साल ये संख्या कहीं अधिक थी। 2018 में माओवादी हमले की 833 घटनाएँ सामने आईं और 240 लोगों की जान चली गई। वहीं 2020 में नक्सलियों द्वारा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की 47 घटनाएँ सामने आईं।

2019 में 64 बार और 2018 में 60 बार नक्सलियों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाया। 2021 में, अर्थात इस वर्ष 30 जून तक नक्सलियों ने 24 बार आर्थिक संरचनाओं को निशाना बनाया है। याद दिला दें कि इस साल अप्रैल में छत्तीसगढ़ के सुकमा-बीजापुर में हुए नक्सली हमले में 22 जवान बलिदान हो गए थे। CRPF के जवानों पर घात लगा कर धोखे से हमला किया गया था। 5 नक्सली भी मारे गए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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