Homeदेश-समाजअजमेर दरगाह पर उर्स में बवाल, नारेबाजी के बाद मुस्लिमों ने ही मुस्लिमों को...

अजमेर दरगाह पर उर्स में बवाल, नारेबाजी के बाद मुस्लिमों ने ही मुस्लिमों को कूटा: खादिमों ने मस्जिद में छिपकर बचाई जान

यह विवाद दरगाह में चल रहे वार्षिक उर्स की छठी रात को हुआ। घटना के समय सदारत की महफ़िल चल रही थी। इस महफ़िल में काफी भीड़ थी।

राजस्थान के अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह पर हंगामे की खबर है। बताया जा रहा है कि शनिवार (28 जनवरी, 2023) को यहाँ बरेलवी और खादिमों के बीच मारपीट हुई, जिसके चलते भगदड़ मच गई थी। पुलिस को बीच में दखल दे कर मामले को शाँत करवाना पड़ा। अब तक एक व्यक्ति की गिरफ्तारी की भी सूचना है। इस विवाद का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। हालात काबू में रखने के लिए फ़िलहाल दरगाह में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

सैयद सुब्हानी सिराजी ने यह वीडियो ट्वीट करते हुए इसे गुंडागर्दी बताया है और राजस्थान पुलिस से कार्रवाई की माँग की है। 1 मिनट 8 सेकेंड के इस वायरल वीडियो में दो पक्ष एक दूसरे की पिटाई करते दिखाई दे रहे हैं। कुछ ही देर बाद एक व्यक्ति जमीन पर गिर पड़ता है। वहीं इसी आपाधापी में फँसा एक अन्य व्यक्ति खुद को घटना से अनजान बताते हुए पूछ रहा है कि मारपीट की वजह क्या है। सुब्हानी के इस वीडियो पर राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने अजमेर पुलिस से वर्तमान हालातों की जानकारी देने का आदेश दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह विवाद दरगाह में चल रहे वार्षिक उर्स की छठी रात को हुआ। घटना के समय सदारत की महफ़िल चल रही थी। इस महफ़िल में काफी भीड़ थी। रात 2 बजे जन्नती दरवाजे के पास कुछ लोग नारेबाजी करने लगे। इस नारेबाजी से दरगाह के खादिम नाराज हो गए और उन्होंने नारे लगा रहे लोगों की पिटाई कर दी। इस पिटाई से नाराज बरेलवी नारेबाजों ने पलटवार किया और खादिमों को पीटने लगे। इस वजह से भीड़ 2 हिस्सों में बँट गई और एक दूसरे की पिटाई करने लगी।

बताया जा रहा है कि खादिमों और दरगाह की सुरक्षा में तैनात नीली वर्दी में मौजूद सुरक्षा वॉलंटियर्स भी मारपीट के दौरान मौके से भाग निकले। मारपीट से बचने के लिए खादिमों ने शाहजहांनी मस्जिद में शरण ली। इस बवाल की जानकारी पुलिस को हुई तो उसने मौके पर पहुँच कर दोनों पक्षों को अलग-अलग किया। पुलिस ने इस दौरान एक व्यक्ति को शांतिभंग की आशंका के चलते गिरफ्तार भी किया। वहीं पुलिस को एक लाल पगड़ी वाले की भी तलाश है। पुलिस के मुताबिक उन्हें किसी भी पक्ष की तरफ से लिखित शिकायत नहीं मिली है। मौके पर फ़िलहाल शांति है जिसे बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -