Wednesday, July 17, 2024
Homeदेश-समाजलव यू मम्मी-पापा, मुझे माफ़ कीजिए… 10वीं की छात्रा ने फाँसी लगा कर की...

लव यू मम्मी-पापा, मुझे माफ़ कीजिए… 10वीं की छात्रा ने फाँसी लगा कर की आत्महत्या, 95% अंक नहीं लाने का था डर

पिता का कहना है कि वह बुद्धिमान और पढ़ने में मेधावी थी। परिजनों का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी बेटी कभी ऐसा भी कर सकती है। इस घटना के कारण खुशबू की माँ बेहोश हो गई। बाद उसने कहा, "हमने कभी भी उस पर पढ़ाई के लिए दबाव नहीं डाला, लेकिन वह हमेशा स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त करना चाहती थी।"

राजस्थान के दौसा जिले में शुक्रवार (3 मार्च 2023) को 10वीं कक्षा की एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली। छात्रा ने आत्महत्या करने से पहले सुसाइड लेटर भी छोड़ा। सुसाइड लेटर में छात्रा ने कहा कि वह अपनी 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा के कारण तनाव में थी और 95% से अधिक अंक नहीं ला पाने की आशंका से दबाव महसूस कर रही थी।

खुशबू मीणा नाम की इस लड़की की उम्र 15 साल थी। उसने कहा कि वह बोर्ड परीक्षा की तैयार कर रही थी, लेकिन परीक्षा के दबाव को संभाल नहीं पाई। अंत में उसने खतरनाक कदम उठाने की सोची और अंतत: आत्महत्या कर ली।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लड़की दौसा के लालसौत इलाके में अपने घर में भाई के साथ पढ़ रही थी। उसका भाई कक्षा 4 में पढ़ता है। उस समय उसके माता-पिता घर पर नहीं थे। इस दौरान लड़की ने रस्सी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

आत्महत्या से पहले लड़की ने एक छोटा-सा सुसाइड नोट छोड़ा। जिसमें लिखा, “आई एम सॉरी मम्मी और पापा। मैं यह नहीं कर सकती। 10वीं की बोर्ड परीक्षा के कारण मैं दबाव महसूस कर रही हूँ। मैं परीक्षा में 95% से अधिक अंक नहीं ला पाऊँगी। आई लव यू पापा, मम्मी और ऋषभ। मुझे माफ़ कीजिए।”

घटना उस वक्त की बताई जा रही है जब बच्ची की माँ अपने बेटे की फीस देने स्कूल गई हुई थी। करीब 11 बजे जब वह घर लौटी तो उसे बेटी का शव मिला। इसके बाद परिजनों ने स्थानीय पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुँचकर पुलिस बच्ची को तुरंत अस्पताल लेकर गई। वहाँ डॉक्टरों ने लड़की को मृत घोषित कर दिया।

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि खुशबू के पिता बसराम मीणा स्कूल टीचर हैं और राजस्थान के जालौर शहर के एक सरकारी स्कूल में पढ़ाते हैं। बेटी की आत्महत्या की खबर सुनकर वह दौसा पहुँचे। उन्होंने कहा कि वे और उनकी पत्नी ने कभी भी खुशबू पर मार्क्स के लिए दबाव नहीं डाला।

पिता का कहना है कि वह बुद्धिमान और पढ़ने में मेधावी थी। परिजनों का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी बेटी कभी ऐसा भी कर सकती है। इस घटना के कारण खुशबू की माँ बेहोश हो गई। बाद उसने कहा, “हमने कभी भी उस पर पढ़ाई के लिए दबाव नहीं डाला, लेकिन वह हमेशा स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त करना चाहती थी।”

खुशबू के स्कूल के शिक्षकों ने बताया कि वह मेधावी थी और परीक्षा में हमेशा अच्छे अंक लाती थी। स्कूल के प्रधानाचार्य विश्राम गुर्जर ने कहा था कि उन्हें विश्वास था कि वह परीक्षा में 95% से अधिक अंक लाएगी।

उन्होंने कहा, “हमने 10वीं कक्षा के सभी विद्यार्थियों को 16 फरवरी को रिलीव कर दिया था, ताकि वे 16 मार्च से शुरू होने वाली परीक्षाओं के लिए वे अच्छी तरह से तैयारी कर सकें। हमें दुख है कि हमने एक उज्ज्वल छात्रा को खो दिया।” पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर मामले की जाँच शुरू कर दी है।

[कृपया ध्यान दें कि आत्महत्या रोकी जा सकती है। अगर आपको या आपके किसी जानने वाले को मदद की जरूरत है तो इनमें से किसी भी हेल्पलाइन पर कॉल करें: आसरा (मुंबई) 022-27546669, स्नेहा (चेन्नई) 044-24640050, सुमैत्री (दिल्ली) 011-23389090, कूज (गोवा) 0832- 2252525, जीवन (जमशेदपुर) ) 065-76453841, प्रतीक्षा (कोच्चि) 048-42448830, मैत्री (कोच्चि) 0484-2540530, रोशनी (हैदराबाद) 040-66202000, लाइफलाइन 033-64643267 (कोलकाता)]

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अमेरिकी राजनीति में नहीं थम रहा नस्लवाद और हिंदू घृणा: विवेक रामास्वामी और तुलसी गबार्ड के बाद अब ऊषा चिलुकुरी बनीं नई शिकार

अमेरिका में भारतीय मूल के हिंदू नेताओं को निशाना बनाया जाना कोई नई बात नहीं है। निक्की हेली, विवेक रामास्वामी, तुलसी गबार्ड जैसे मशहूर लोग हिंदूफोबिया झेल चुके हैं।

आज भी फैसले की प्रतीक्षा में कन्हैयालाल का परिवार, नूपुर शर्मा पर भी खतरा; पर ‘सर तन से जुदा’ की नारेबाजी वाले हो गए...

रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि गौहर चिश्ती 17 जून 2022 को उदयपुर भी गया था। वहाँ उसने 'सर कलम करने' के नारे लगवाए थे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -