Homeदेश-समाजAMU में पहली बार CM योगी आदित्यनाथ, कोरोना से 35 प्रोफेसरों की मौत के...

AMU में पहली बार CM योगी आदित्यनाथ, कोरोना से 35 प्रोफेसरों की मौत के बाद हालात का लिया जायजा

सीएम योगी इस विश्वविद्यालय में जाने वाले पहले भाजपाई सीएम हैं। अलीगढ़ में उन्होंने कोविड कमान सेंटर का भी दौरा किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार (13 मई 2021) को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) पहुँचे। कोरोना के कारण बीते तीन हफ्तों में यूनिवर्सिटी के 35 प्रोफेसर्स की मौत हो चुकी है। दो दिन पहले मुख्यमंत्री ने एएमयू के वीसी तारिक मंसूर से भी बात की थी। अब विश्वविद्यालय परिसर पहुँच उन्होंने वीसी समेत तमाम अधिकारियों से बातचीत की और संक्रमित कर्मचारियों के बारे में जानकारी ली।

सीएम योगी पहली बार विश्वविद्यालय परिसर में पहुँचे थे। इस विश्वविद्यालय में जाने वाले वे पहले भाजपाई सीएम हैं। इससे पहले 1988 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी एएमयू में आए थे। यह विश्वविद्यालय वर्ष 1920 में सर सैयद अहमद खान द्वारा स्थापित किया गया था।

सीएम गुरुवार को अलीगढ़, मथुरा और आगरा के दौरे पर थे। अलीगढ़ में उन्होंने कोविड कमान सेंटर का भी दौरा किया। सीएम ने एएमयू में कोरोना से संक्रमित लोगों के समुचित इलाज और हर संभव मदद के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश भी दिए।

प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, एएमयू वीसी और चिकित्सकों के साथ सीएम योगी ने बैठक की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि अलीगढ़ मंडल में एक्टिव केस घट रहे हैं। सभी जनपद जाँच बढ़ा रहे हैं। ऑक्सीजन लगातार भेजी जा रही है। 161 वेंटिलेटर मंडल में चालू हैं। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को हेलीपैड पर उतरने के बाद सीधे कलेक्ट्रेट पहुँचे। यहाँ से सीधे कमांड एंड कंट्रोल सेंटर गए। वहाँ कोरोना संक्रमितों की टेस्टिंग ट्रेसिंग ट्रीटमेंट के बारे में डीएम चंद्र भूषण सिंह से जानकारी ली। कंट्रोल सेंटर में लगाई गई स्क्रीन पर अलीगढ़ के सरकारी और निजी अस्पतालों में चल रहे कोरोना मरीजों के इलाज के बारे में जाना। 

गौरतलब है कि AMU से जुड़े इतने लोगों के निधन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विश्विद्यालय के कुलपति से बात की थी। विश्वविद्यालय पहुँचने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो बार विश्वविद्यालय के कुलपति से फोन पर वार्ता कर जीवनरक्षक दवाई तथा ऑक्सीजन मुहैया कराई।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

तारातला में गिरे गोदाम ने खोली TMC के भ्रष्टाचार की पोल, CM बोले- तृणमूल के पापों का फल: जानें- कैसे कोलकाता में बने 3000...

यह दर्दनाक हादसा कोई प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि पूर्व TMC सरकार के कार्यकाल में फले-फूले 'सिंडिकेट राज' और भ्रष्टाचार का सीधा नतीजा है।

फिर याद आया आपातकाल… 51 साल बाद भी नहीं बदली कॉन्ग्रेस की मानसिकता, हिमाचल में गड़बड़ी पर सवाल पूछे तो ब्लॉक करा दी News4Himalayan...

‘गोदी मीडिया’ बोलने वाली कॉन्ग्रेस अब सवाल पूछने पर मीडिया को कर रही बैन। हिमाचल में News4Himalayan पर कार्रवाई से उठे सवाल।
- विज्ञापन -