Saturday, July 20, 2024
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‘कौम के लिए 1-2 करोड़ मुस्लिम मर भी जाएँ तो कोई बात नहीं’: राज्यपाल रह चुके कॉन्ग्रेस नेता ने किया ‘तलवार से मुकाबले’ का ऐलान, बोले – ‘जय गंगा मैया’ कहना शर्म की बात

उन्होंने पूछा कि जब मुस्लिमों को आप पुलिस-सेना-नेवी में नहीं लेते, तो मुस्लिम वोट क्यों दे आपको? उन्होंने कहा कि हद एक हद तक बर्दाश्त कर लेंगे, लेकिन पानी अगर हद से गुजर जाएगा तो हमने कोई चूड़ियाँ नहीं पहन रखी हैं हाथों में।

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने ज़हर उगलते हुए अपनी इस्लामी कट्टरपंथी सोच का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस के दफ्तर में मूर्तियाँ बिठाना और हिंदुत्व की बातें करना डूब मरने वाली बात है। साथ ही उन्होंने ‘गंगा मैया की जय’ नारे को भी आपत्तिजनक करार दिया। उन्होंने घुड़की दी कि अगर ये सब कहने के लिए कॉन्ग्रेस पार्टी उन्हें निकाल देती है तो निकाल दे। अज़ीज कुरैशी के बारे में बता दें कि वो उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड और मिजोरम के भी राज्यपाल रह चुके हैं।

साथ ही उन्होंने भड़काऊ बयान देते हुए कहा कि 22 करोड़ मुस्लिमों ने चूड़ियाँ नहीं पहन रखी हैं, इनमें से 1-2 करोड़ अगर मर भी जाते हैं तो कोई बात नहीं। अजीज कुरैशी ‘मध्य प्रदेश उर्दू एकेडमी’ के अध्यक्ष भी रहे हैं। 1973 में उन्हें मध्य प्रदेश की कॉन्ग्रेस सरकार में मंत्री भी बनाया गया था। 1984 में उन्हें राज्य के सतना लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुना गया था। उनका परिवार अरब-पठान नस्ल से ताल्लुक रखता है और वो भोपाल से आते हैं। वो अक्सर उर्दू ही बोलते रहे हैं।

इतने बड़े-बड़े पदों पर काबिज रहने के बावजूद अब वो हिन्दू विरोधी विचारधारा का खुला प्रदर्शन कर रहे हैं। विदिशा के लटेरी में आयोजित कार्यक्रम में एक के बाद एक ज़हर उगलते हुए उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस हिंदुत्व के एजेंडे पर चल रही है, जो ठीक नहीं है। प्रियंका गाँधी द्वारा नर्मदा नदी की पूजा किए जाने पर भी उन्होंने निशाना साधा। उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस के कुछ लोग आज बात करते हैं हिंदुत्व की, यात्रा की, जय गंगा मैया, जय नर्मदा मैया। शर्म की बात है। मुझे कोई डर नहीं है, निकाल दो पार्टी से।”

उन्होंने आगे कहा कि नेहरू के वारिश, कॉन्ग्रेस के लोग आज धार्मिक यात्रा निकालते हैं, जय बोलते हैं, ‘गर्व से कहो हिन्दू हूँ’ बोलते हैं। बकौल अजीज कुरैशी, कॉन्ग्रेस दफ्तर में प्रतिमाओं को बिठाया जाना डूब मरने की बात है। उन्होंने पूछा कि जब मुस्लिमों को आप पुलिस-सेना-नेवी में नहीं लेते, तो मुस्लिम वोट क्यों दे आपको? उन्होंने कहा कि हद एक हद तक बर्दाश्त कर लेंगे, लेकिन पानी अगर हद से गुजर जाएगा तो हमने कोई चूड़ियाँ नहीं पहन रखी हैं हाथों में।

अजीज कुरैशी यहीं नहीं रुके। उन्होंने और भड़काऊ बयानबाजी करते हुए कहा, “22 करोड़ में से अगर 1 करोड़ लोग शहीद हो जाएँ कौम के लिए, कौम का कर्ज अता करने के लिए, कौम का हक़ जमाने के लिए – तो कोई हर्ज नहीं। एक हद तक बर्दाश्त कर लेंगे उनकी ज्यादतियों को। उनकी मस्जिदें, घर और दुकानें जला दो, उनके बच्चों को यतीम कर दो, हमारी बहनों की हाथों की चूड़ियाँ तोड़ दो। एक हद तक बर्दाश्त करेंगे, लेकिन पानी हद से ऊपर गुजरेगा तो तलवार निकलेगी और तलवार से मुकाबला होगा।”

उन्होंने केंद्र सरकार पर भी हमला बोला। अजीज कुरैशी ने कहा कि इस देश में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री की बातों से लोग डरें। उन्होंने ये तक कह दिया कि भारत में मुस्लिम मौत के साये में जी रहे हैं। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई और एनकाउंटर में अपराधियों की मौतों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वो ये नहीं कह रहे हैं कि ये सब मुस्लिमों पर हो रहा, लेकिन कार्रवाई का जो अनुपात है वो दिखाता है कि ये मुस्लिम विरोधी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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