Homeदेश-समाजधर्मांतरण गिरोह की सम्पत्तियाँ जब्त करेगी UP सरकार, CM योगी ने किया ऐलान: जलालुद्दीन...

धर्मांतरण गिरोह की सम्पत्तियाँ जब्त करेगी UP सरकार, CM योगी ने किया ऐलान: जलालुद्दीन को बताया राष्ट्र का दुश्मन, बुलडोजर से कोठी ‘समतल’

धर्मांतरण को लेकर गिरफ्तार छांगुर पीर उर्फ जलालुद्दीन को सीएम योगी ने राष्ट्रविरोधी करार दिया है। बलरामपुर में कोठी पर बुलडोजर चलाने के बाद अब उसकी सारी संपत्तियों को जब्त करने की बात मुख्यमंत्री ने कही है।

यूपी में अवैध धर्मांतरण गिरोह चलाने वाले छांगुर पीर को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि इस तरह की गतिविधियों में लिप्त पाए गये लोगों को ऐसी सजा दी जाएगी जो एक उदाहरण बने। उन्होंने छांगुर पीर को राष्ट्रविरोधी करार दिया।

राष्ट्र विरोधी है जलालुद्दीन उर्फ छांगुर पीर- सीएम

सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “यूपी सरकार बहन-बेटियों की गरिमा और सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि आरोपित जलालउद्दीन की गतिविधियाँ समाज विरोधी ही नहीं, बल्कि राष्ट्र विरोधी भी हैं।”

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतेगी। आरोपित और उसके गिरोह से जुड़े सभी अपराधियों की संपत्तियाँ जब्त की जाएँगी और उन पर सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

सीएम के मुताबिक, “राज्य में शांति, सौहार्द और महिलाओं की सुरक्षा को भंग करने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्हें कानून के अनुसार ऐसी सजा दी जाएगी, जो समाज के लिए एक उदाहरण बने।”

छांगुर पीर की कोठी पर चला बुलडोजर

सीएम योगी की प्रतिक्रिया से पहले बलरामपुर स्थित छांगुर पीर की महिला सहयोगी नीतू नवीन रोहरा के घर पर बुलडोजर चलवाया था। ये आलीशान घर अवैध तरीके से बनाया गया था और यहाँ से छांगुर पीर अपने गैंग के साथ रहता था और धर्मांतरण के काले कारनामे करता था।

शनिवार (5 जुलाई 2025) को यूपी एटीएस ने छांगुर पीर और उसकी गर्लफ्रैंड नीतू उर्फ नसरीन को लखनऊ के एक होटल से गिरफ्तार किया था। यह गिरोह बलरामपुर के उटरौला में लंबे समय से सक्रिय था। जाँच एजेंसियों के मुताबिक, इस नेटवर्क को विदेशों से ₹100+ करोड़ की फंडिंग मिली है।

छांगुर बाबा और उसका नेटवर्क

जमालुद्दीन खुद को हाजी पीर जलालुद्दीन बताता था। वह अपने एजेंटों के जरिए हिंदू लड़कियों को धर्मांतरण के लिए उकसाता था। जानकारी के अनुसार, इस काम के लिए लड़कियों की जाति के हिसाब से फीस तय थी।

ब्राह्मण, क्षत्रिय, सरदार लड़कियों के लिए 15-16 लाख रुपए, पिछड़ी जाति की लड़कियों के लिए 10-12 लाख रुपए और अन्य जातियों के लिए 8-10 लाख रुपए मिलते थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’ पर फैलाया जा रहा ‘अर्धसत्य’: इसे कानूनी वजहों से ZEE5 ने हटाया, सरकार ने नहीं लगाया कोई बैन; जानिए पूरा...

सतलुज पर सरकार ने बैन नहीं लगाया बल्कि फिल्म पहले IT नियम, 2021 के नियम 9 के तहत ZEE5 पर रिलीज हुई और बाद में उसी व्यवस्था के तहत उसे हटा भी दिया गया।

बाबू जगजीवन राम: वो दलित नेता जिन्हें कॉन्ग्रेस और लेफ्ट से कभी उनका हक नहीं मिला, क्योंकि वे हिंदू धर्म से नहीं करते थे...

डॉ. आंबेडकर ने जाति व्यवस्था से तंग आकर बौद्ध धर्म अपनाया, तो जगजीवन राम जीवनभर हिंदू समाज के भीतर रहकर ही कुरीतियों को सुधारने के पक्षधर रहे।
- विज्ञापन -