Saturday, February 4, 2023
Homeदेश-समाजगुजरातः रेड जोन में लगे बैरियर हटाने से रोका तो पुलिसकर्मियों पर किया पथराव,...

गुजरातः रेड जोन में लगे बैरियर हटाने से रोका तो पुलिसकर्मियों पर किया पथराव, 68 लोग गिरफ्तार

पुलिस ने बताया कि इस मामले में अभी तक 68 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। फिलहाल हालात नियंत्रण में है। कानून और सुरक्षा-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। पुलिस ने बताया कि सभी 68 लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, धारा 148, धारा 149, धारा 332 और 353 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

देश में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे है। कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए देश में 25 मार्च से लॉकडाउन लागू है। लेकिन इस बीच लगातार आम लोगों और पुलिस के बीच झड़प की खबरें आती रही है।

ताजा मामला गुजरात से है। गुजरात के राजकोट में एक कॉलोनी के निवासियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी कर दी। ये लोग अपने इलाके में लगे हुए बैरिकेड हटा रहे थे। जब पुलिस ने इन्हें रोकने की कोशिश की तो भीड़ ने पुलिस पर ही हमला बोल दिया, इनके ऊपर पथराव करना शुरू कर दिया।

ये घटना शनिवार (मई 16, 2020) रात की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक गुजरात के राजकोट जिले के एक कंटेनमेंट जोन में कुछ लोगों ने पुलिस को निशाना बनाया। ये लोग इलाके में लगे बैरिकेड हटा रहे थे। इस बीच पुलिसकर्मियों ने इन्हें रोकने की कोशिश तो गुस्साए लोगों ने पुलिस पर पत्थर फेंके और उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी।

बता दें कि इस इलाके से बड़ी संख्या में कोरोना के मामले सामने आए थे। जिसके बाद इसे ‘रेड जोन’ में शामिल किया गया था। रेड जोन के तहत यहाँ बैरिकेडिंग की गई थी। ऐसे में जब आस-पास के लोग इसे हटाने लगे तभी पुलिस और स्थानीय लोगों में झड़प शुरू हो गई।

इस दौरान पुलिस को आँसू गैस के गोले दागने पड़े। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठी चार्ज भी किया। भक्तिनगर थाने के पुलिस इंस्पेक्टर वी के गढ़वी ने बताया कि यहाँ के लोग गुस्साए हुए थे कि बैरिकेडिंग नहीं हटाई जा रही जबकि कुछ दूसरे कंटेनमेंट जोन से बैरिकेड खोल दिए गए थे।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में अभी तक 68 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। फिलहाल हालात नियंत्रण में है। कानून और सुरक्षा-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। पुलिस ने बताया कि सभी 68 लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, धारा 148, धारा 149, धारा 332 और 353 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

गौरतलब है कि पुलिस के ऊपर हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई जगहों पर पुलिस पर हमला किया गया है। पिछले दिनों कानपुर देहात के रसूलाबाद कोतवाली क्षेत्र में लॉकडाउन का पालन कराने गई पुलिस पर कुछ युवकों ने डंडे और ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। जिसमें दो महिला कांस्टेबल, 3 दरोगा समेत 7 लोग घायल हो गए

इससे पहले गुजरात के ही गोधरा में कंटेनमेंट जोन सील करने पहुॅंची पुलिस पर पथराव किया गया था। वहीं असम की एक मस्जिद में पुलिस ने जब लोगों को सामूहिक रूप से नमाज अदा करने से रोका तो उन्होंने हमला कर दिया। हमले में पॉंच पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि गोधरा में एक अधिकारी के घायल हो गए थे।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पाकिस्तान ने Wikipedia को किया बैन, ‘ईशनिंदा’ वाले कंटेंट हटाने को राजी नहीं हुई कंपनी

पाकिस्तान ने कथित ईशनिंदा से संबंधित कंटेंट को लेकर देश में विकिपीडिया को बैन कर दिया है। इससे पहले उसे 48 घंटे का समय दिया था।

‘ये मुस्लिम विरोधी कार्रवाई’: असम में बाल विवाह के खिलाफ एक्शन से भड़के ओवैसी, अब तक 2200 गिरफ्तार – इनमें सैकड़ों मौलवी-पुजारी

असम सरकार की कार्रवाई के तहत दूल्हे और उसके परिजनों के अलावा पंडितों और मौलवियों को भी गिरफ्तार किया जा रहा है। ओवैसी बोले - ये मुस्लिम विरोधी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
243,756FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe