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चीन पर अल्लाह का अजाब है कोरोना, मस्जिदें बंद की इसलिए आया: मेरठ का काजी

काजी जैनुर राशिदीन ने कहा है कि कोरोना वायरस अल्लाह का अजाब है। चीन में मस्जिदों को बंद कर दिया गया था। इसलिए वहाँ अल्लाह का अजाब बीमारी की सूरत में आया और सरकार को दोबारा मस्जिदें खुलवानी पड़ीं।

दुनिया के करीब 150 देशों को चपेट में ले चुके कोरोना वायरस का संक्रमण चीन के वुहान से शुरू हुआ था। इस महामारी पर काबू पाने के लिए तरह-तरह के कदम उठाएँ जा रहे हैं। लेकिन, इसके साथ-साथ बेतुके बयानों का सिलसिला भी जारी है। इसी कड़ी में मेरठ के शहर काजी की तरफ से कहा गया है कि चीन ने मस्जिदों को बंद किया, जिसकी वजह से कोरोना वायरस आया।

मेरठ के नायब शहर काजी की मानें तो चीन में मस्जिद बंद करने से कोरोना वायरस आया है। काजी जैनुर राशिदीन ने कहा है कि कोरोना वायरस अल्लाह का अजाब है। चीन में मस्जिदों को बंद कर दिया गया था। इसलिए वहाँ अल्लाह का अजाब बीमारी की सूरत में आया और सरकार को दोबारा मस्जिदें खुलवानी पड़ीं। उन्होंने कहा कि इसका असर अब हिंदुस्तान में भी दिखाई दे रहा है। इस अजाब से बचने के लिए हमें अल्लाह की इबादत करनी चाहिए। पाँच वक्त की नमाज पढ़ें और जो डॉक्टर बता रहे हैं, उन पर अमल करें।

जमीयत उलेमा हिंद मेरठ शाखा के अध्यक्ष और नायब शहर काजी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि लोग पाँचों वक्त नमाज और कुरान पढ़ें। नमाज में अल्लाह से रो-रोकर दुआएँ और अपने गुनाहों की माफी माँगें। गरीब और बेसहारा लोगों की मदद करें। बयान में उन्होंने आगे कहा, “जब-जब दुनिया में लोग अल्लाह की नाफरमानी करते हैं, अल्लाह के बताए रास्ते पर नहीं चलते, नमाज, रोजा, कुरान से दूर जाते हैं, जुल्म-ज्यादती ज्यादा होती है, लोगों को सताया जाता है, छोटे-बड़ों का आदर खत्म हो जाता है और बेशर्मी बढ़ जाती है तो अल्लाह अपना असर दिखाते हैं। जैसे सूरज ग्रहण, चाँद ग्रहण, आँधी-तूफान, जलजले (भूकंप) और ऐसी बीमारियाँ फैलाता है जो लाइलाज हों। कोरोना वायरस भी इसी तरह के अजाबों में से एक है।”

काजी ने इस वायरस से बचने के भी कई उपाय बताते हुए कहा कि अपने घरों में लोबान, गंधक और आजवायन आदि की धूनी देकर इस अजाब से बचा जा सकता है। साथ ही बाहर से आने पर साबुन से हाथ-मुँह धोएँ। घबराने की जरूरत नहीं है।

आपको बता दें कि इससे पहले एक इस्लामी धर्मगुरु इलियास शराफुद्दीन ने कहा था कि उइगरों से क्रूरता करने के कारण अल्लाह ने चीन पर इस वायरस का कहर भरपाया है और उन्हें दंडित किया है। एक वायरल ऑडियो में धर्मगुरु को कहते सुना गया था कि याद करो कैसे उन्होंने मुस्लिमों को धमकी दी थी और दो करोड़ मुस्लिमों की जिंदगी बर्बाद करने की कोशिश की। मुस्लिमों को शराब पीने के लिए मजबूर किया गया, उनकी मस्जिदों को तोड़ दिया गया और उनकी पवित्र पुस्तकों को जला दिया गया। उन्होंने कहा था कि चीन ने सोचा कि कोई भी उन्हें चुनौती नहीं दे सकता, लेकिन अल्लाह सबसे शक्तिशाली है, अल्लाह ने चीन को सजा दी।

इराक मूल के ईरान में रहने वाले इस्लामिक नेता अयातुल्ला सैयद हादी-अल-मुदारिसी ने भी 28 फरवरी को MEMRI-TV पर दिए एक वीडियो संदेश में चीन पर निशाना साधते हुए कहा था कि- नि:संदेह अल्लाह ने चीन को ये सज़ा दी है, चीन के उन कारनामों के लिए, जिसमें वो मुस्लिम औऱ इस्लाम के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि जाहिर सी बात है कि ये कोरोना वायरस चीन पर अल्लाह का अज़ाब है। बाद में मुदारिसी के भी इससे संक्रमित होने की खबरें सामने आई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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