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मोड़ पर फँसा बलभद्र का रथ तो जमा हो गए लोग… भगदड़ मचने से 500+ श्रद्धालु घायल: भीड़ और नमी ने भी बिगाड़ी तबियत, 8 की हालत गंभीर

भगवान बलभद्र का रथ खींचते समय बहुत लोग एक साथ एक ही जगह जमा हो गए। रथ रास्ते में एक मोड़ पर अटक गया था, जिससे लोग वहीं इकट्ठा होते गए। इससे भीड़ और बढ़ गई।

ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की शुक्रवार (27 जून 2025) को रथयात्रा थी। रथ यात्रा के दौरान बहुत भीड़ जमा हो गई। भीड़ ज़्यादा होने से 500 से ज़्यादा लोग घायल हो गए।

भगवान बलभद्र का रथ खींचते समय बहुत लोग एक साथ एक ही जगह जमा हो गए। रथ रास्ते में एक मोड़ पर अटक गया था, जिससे लोग वहीं इकट्ठा होते गए। इससे भीड़ और बढ़ गई।

सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि लोग उन जगहों पर भी चले गए जहाँ जाने की मनाही थी। इससे रास्ते में रुकावट आ गई। भीषण गर्मी और ज़्यादा भीड़ के कारण कई श्रद्धालुओं की तबियत बिगड़ने लगी। उन्हें तुरंत पुरी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। लगभग 8 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

ओडिशा के मंत्री मुकेश महालिंग ने कहा कि ज़्यादा नमी (humidity) के कारण लोग बेहोश हुए। मंत्री ने बताया कि मंदिर के पास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। महालिंग ने यह भी बताया कि ग्लूकोज और पानी की पूरी व्यवस्था की जा रही है।

सूर्यास्त के बाद रोकी गई रथयात्रा शनिवार (28 जून 2025) को जगन्नाथ मंदिर से 3 किलोमीटर दूर गुंडिचा मंदिर पहुँचेंगी। गुंडिचा भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर माना जाता है। यहाँ 9 दिन तक निवास करने के बाद भगवान जगन्नाथ अपने भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के साथ 5 जुलाई 2025 को जगन्नाथ मंदिर लौटेंगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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