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‘गिरफ्तार हुए महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती, अब तुम्हारी बारी है हिन्दुओं’: पुराना वीडियो वायरल, जानिए हकीकत

जो वीडियो शेयर हो रहा है वो जुलाई 2020 के अंतिम हफ्ते का है। उस समय वे 'राष्ट्रीय मुस्लिम मंच' से जुड़े छत्तीसगढ़ निवासी फैज के अयोध्या में भूमि पूजन समारोह में हिस्सा लेने का विरोध करने के लिए निकले थे। उन्हें हिरासत में लेकर वापस गाजियाबाद भेज दिया गया था।

सोशल मीडिया पर गाजियाबाद के डासना स्थित शिव-शक्ति पीठ के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। इसके आधार पर दावा किया जा रहा है कि फायरब्रांड हिन्दू संत को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालाँकि, यति नरसिंहानंद सरस्वती ने खुद इसका खंडन करते हुए कहा है, “हर-हर महादेव! किसी ने मेरी गिरफ़्तारी की झूठी खबर फैला दी है। कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है।”

उन्होंने ये भी बताया कि वो बिलकुल ठीक हैं और चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है। एक व्यक्ति ने महंत यति का पुराना वीडियो शेयर करते हुए लिखा था, “उन्हें शाहजहाँपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। हिन्दुओं, अब आपकी बारी है। समय कोई दयालुता नहीं दिखाता। दूसरा मौका नहीं आएगा। पीछे जाने के भी रास्ते बंद होंगे।” वीडियो में भी महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती अपनी गिरफ़्तारी की बात करते दिख रहे हैं।

दरअसल, जो वीडियो शेयर हो रहा है वो जुलाई 2020 के अंतिम हफ्ते का है। उस समय वे ‘राष्ट्रीय मुस्लिम मंच’ से जुड़े छत्तीसगढ़ निवासी फैज के अयोध्या में भूमि पूजन समारोह में हिस्सा लेने का विरोध करने के लिए निकले थे। उन्हें हिरासत में लेकर वापस गाजियाबाद भेज दिया गया था। तब चौक सीता की मठिया स्थित उदासीन पंचायती अखाड़ा में ठहरे महंत यति ने अयोध्या कूच का ऐलान किया था, लेकिन उन्हें ससम्मान वहाँ से गाजियाबाद पहुँचाया गया था।

उन्होंने ये वीडियो भी उसी समय बनाया था, लेकिन वो अब शेयर हो रहा है। लोगों ने इस वीडियो के आधार पर सवाल दागना शुरू कर दिया कि जहाँ उनका गला काटने की बात करने वाले दिल्ली के AAP विधायक अमानतुल्लाह खान बाहर हैं, वहीं एक हिन्दू संत को गिरफ्तार कर लिया गया। देश के कई हिस्सों में हाल ही में महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती पर पैगंबर मुहम्मद के अपमान का आरोप लगाते हुए ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाए गए थे।

हाल ही में एक इंटरव्यू में यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा था, “इस्लाम और कट्टरवादी इस्लाम में कोई अंतर है ही नहीं। इस्लाम कट्टरपंथी ही है। सॉफ्ट इस्लाम जैसा कुछ होता ही नहीं है। इस्लाम सिर्फ मुहम्मद के बताए रास्ते पर चलता है। मुस्लिमों को मुहम्मद के विचार और शिक्षाओं का अनुसरण करना होता है। इस्लाम इस दुनिया के सभी धर्मों के लिए एक खतरा है। पिछले 1400 वर्षों में इस्लाम में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। बल्कि यह आज और खतरनाक हुआ है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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