Thursday, June 20, 2024
Homeदेश-समाजअंडे बेचने वाले 'नशेड़ी' ने मजार के साथ बीच सड़क पर बनाया घर, कुर्ता-टोपी...

अंडे बेचने वाले ‘नशेड़ी’ ने मजार के साथ बीच सड़क पर बनाया घर, कुर्ता-टोपी पहन बना खादिम: शिकायत के बाद देहरादून पुलिस ने उठवाया बोरिया बिस्तर

यह मजार देहरादून के रिस्पना पुल के पास गली में कैलाश अस्पताल के आगे बनी है। इस पर रहने वाला आरोपित लगभग 9 माह पहले उस गली में अंडे बेचने आया था। जिस जगह वो अंडे का ठेला लगाता था उसी जगह धीरे-धीरे उसने अतिक्रमण शुरू कर दिया।

उत्तराखंड के देहरादून में पॉश इलाके में बनी एक मजार पर कुछ लोगों द्वारा बहस किए जाने का वीडियो वायरल हो रहा है। यहाँ पर हिन्दू संगठन से जुड़े कुछ लोग मजार को अवैध बता रहे हैं। जबकि खादिम पीर बाबा नाम से उस मजार को सम्बोधित करते हुए लोगों से उलझता दिखाई दे रहा है। मौके पर पुलिस बल भी खड़ा दिखाई दे रहा।

विरोध कर रहे लोगों का आरोप है कि इस जगह पर बिजली आदि भी बिना किसी मीटर या आधिकारिक अनुमति के लगाई जा चुकी थी। कुछ देर की बहस के बाद वो खुद ही मजार के आस-पास जमा किया गया अतिक्रमण हटाना शुरू कर देता है। पांचजन्य की रिपोर्ट के मुताबिक यह मजार देहरादून के रिस्पना पुल के पास गली में कैलाश अस्पताल के आगे बनी है। इस पर रहने वाला आरोपित लगभग 9 माह पहले उस गली में अंडे बेचने आया था। जिस जगह वो अंडे का ठेला लगाता था उसी जगह धीरे-धीरे उसने अतिक्रमण शुरू कर दिया।

मज़ार के अंदर खादिम के ठिकाने पर उबले अंडे मिलने का दावा किया गया। आरोपित मूल रूप से संभल जिले के मोहल्ला नवाबफेर, सरायतरीन का रहने वाला है। इस मजार का नाम उसने ‘पीर बाबा की दरगाह’ दिया था। पड़ोसियों के मुताबिक आरोपित अक्सर नशे में रहता था। अंडे बेचने वाले उस व्यक्ति ने धीरे-धीरे अपना हुलिया बदल लिया और वो टोपी और लंबा कुर्ता पहन कर मज़ार के खादिम के तौर पर खुद को दिखाने लगा। इस दौरान वो अपने परिवार को भी वहाँ ले आया।

ऑपइंडिया ने इस मामले में देहरादून के नेहरू नगर थाने के SHO से बात की। उन्होंने बताया, “मजार नहीं हटी है बल्कि मजार पर रहने वाला खादिम हटा है। वो अपने परिवार को वहाँ शिफ्ट कर चुका था। इसी के साथ उसके द्वारा नशा अदि करने की शिकायतें मिल रहीं थी। मजार पुरानी है और वो अपनी ही जगह पर मौजूद है।”

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

14 फसलों पर MSP की बढ़ोतरी, पवन ऊर्जा परियोजना, वाराणसी एयरपोर्ट का विस्तार, पालघर का पोर्ट होगा दुनिया के टॉप 10 में: मोदी कैबिनेट...

पालघर के वधावन पोर्ट की क्षमता अब 298 मिलियन टन यूनिट की जाएगी। इससे भारत-मिडिल ईस्ट कॉरिडोर भी मजबूत होगा। 9 कंटेनर टर्मिनल होंगे।

किताब से बहती नदी, शरीर से उड़ते फूल और खून बना दूध… नालंदा की तबाही का दोष हिन्दुओं को देने वाले वामपंथी इतिहासकारों का...

बख्तियार खिजली को क्लीन-चिट देने के लिए और बौद्धों को सनातन से अलग दिखाने के लिए वामपंथी इतिहासकारों ने नालंदा विश्वविद्यालय को तबाह किए जाने का दोष हिन्दुओं पर ही मढ़ दिया। इसके लिए उन्होंने तिब्बत की एक किताब का सहारा लिया, जो इस घटना के 500 साल बाद लिखी गई थी और जिसमें चमत्कार भरे पड़े थे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -