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‘मोहम्मद जुबैर के लैपटॉप-मोबाइल की जाँच अब भी जारी’: दिल्ली पुलिस ने ALTNews के फैक्ट चेकर की याचिका का किया विरोध, FIR को रद्द करने की थी माँग

27 जुलाई को सुनवाई के दौरान अदालत ने जुबैर की इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जारी करने की याचिका पर जवाब देने के लिए पुलिस को चार अतिरिक्त सप्ताह का समय दिया था। जवाब में पुलिस ने कोर्ट को बताया कि जाँच से पता चला है कि जुबैर ने लोकप्रियता हासिल करने के लिए आपत्तिजनक ट्वीट किए थे।

हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले प्रोपेगेेंडा वेबसाइट ALTNews के को-फाउंडर मोहम्मद जुबैर (Mohammad Zubair) की याचिका का दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने शुक्रवार (16 सितंबर 2022) को विरोध किया। जुबैर ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक हलफनामा दायर कर उसके खिलाफ दर्ज मामलों को रद्द करने की माँग की गई थी।

दिल्ली पुलिस ने जुबैर के उस मोबाइल और लैपटॉप को छोड़ने के लिए दायर याचिका का भी विरोध किया। जुबैर का मोबाइल और लैपटॉप अधिकारियों ने जब्त किया है। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि उसकी डिवाइस की जाँच जारी है, इसलिए इसे रिलीज नहीं किया जा सकता। इस संबंध में अदालत ने 1 जुलाई को पुलिस को नोटिस जारी किया था।

जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव के समक्ष 14 सितंबर को दायर अपनी रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस ने कहा, “पुलिस रिमांड के दौरान जब्त किए गए उपकरणों को पहले ही फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, रोहिणी, दिल्ली में जमा कर दिया गया है। इन उपकरणों से डेटा रिकवर किया जाना है और आरोपित मोहम्मद जुबैर द्वारा किए गए ट्वीट्स के संबंध में इसका विश्लेषण किया जाना है।”

एजेंसी ने यह भी कहा है कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में दर्ज छह प्राथमिकी में जुबैर को अंतरिम जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बाद में इन छह मामलों की जाँच दिल्ली पुलिस को सौंप दी थी। अदालत ने जुबैर के वकील को अपना जवाब दाखिल करने के लिए 31 अक्टूबर तक का समय दिया है और तब तक के लिए सुनवाई को टाल दिया गया है।

बता दें कि 27 जुलाई को सुनवाई के दौरान अदालत ने जुबैर की इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जारी करने की याचिका पर जवाब देने के लिए पुलिस को चार अतिरिक्त सप्ताह का समय दिया था। जवाब में पुलिस ने कोर्ट को बताया कि जाँच से पता चला है कि जुबैर ने लोकप्रियता हासिल करने के लिए आपत्तिजनक ट्वीट किए थे।

पुलिस ने आरोप लगाया कि जुबैर जांचकर्ताओं द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब देने में असहयोगी और टालमटोल कर रहा था, और केवल निरंतर पूछताछ पर, उसने खुलासा किया कि कथित पोस्ट को ट्वीट करने के लिए इस्तेमाल किया गया लैपटॉप / मोबाइल उनके आवास पर रखा गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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