Homeदेश-समाजकसाई शब्बीर गुरफान के साथ 3 लोग गिरफ़्तार: बरखा को भेजी थी 'गंदी' फोटो...

कसाई शब्बीर गुरफान के साथ 3 लोग गिरफ़्तार: बरखा को भेजी थी ‘गंदी’ फोटो और ‘गंदी’ बात

बरखा दत्त के साथ जिस भी इंसान ने यह घिनौनी हरकत की थी, उसका साथ कोई भी इंसान नहीं दे सकता। लेकिन खुद बरखा ने भी जो आरोप राष्ट्रवाद के नाम पर मढ़ दिया, उसका समर्थन भी कोई इंसान नहीं कर सकता।

दिल्ली पुलिस ने 45 वर्षीय कसाई शब्बीर गुरफान पिंजरी को सूरत से गिरफ्तार किया है। उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। शब्बीर पर आरोप है कि उसने पिछले महीने पत्रकार बरखा दत्त को एक अश्लील तस्वीर (लिंग की) भेजी थी। शब्बीर के अलावा अश्लील मैसेज भेजने के आरोप में तीन अन्य युवकों (23 वर्षीय राजीव शर्मा, 31 वर्षीय हेमराज कुमार और 34 वर्षीय आदित्य कुमार) को भी गिरफ्तार किया गया है।

दिल्ली पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किए गए इन चारों आरोपियों का कहना है कि उन्हें सोशल नेटवर्किंग साइट पर बरखा दत्त का नंबर मिला था। उन्होंने यह भी कहा कि बरखा दत्त के मोबाइल नंबर को सोशल मीडिया पर ‘एस्कॉर्ट सर्विस’ के लिए उपलब्ध करके प्रचारित किया गया था। तभी उन लोगों ने अपनी तरफ से इस तरह का मैसेज भेजा।

पिछले महीने 18 फरवरी को बरखा दत्त को अनजान नंबर से उनके व्हाट्सएप पर अश्लील तस्वीर (लिंग की) भेजी गई थी। इसी के संबंध में दिल्ली पुलिस के पास उन्होंने अपनी शिकायत दर्ज की थी। लेकिन ट्विटर पर वो गलती कर गईं थी यह कहकर कि राष्ट्रवाद के नाम पर उन्हें लिंग की तस्वीर भेजी गई है।

बरखा दत्त के साथ जिस भी इंसान ने यह घिनौनी हरकत की थी, उसका साथ कोई भी इंसान (दिमाग वाला) नहीं दे सकता। लेकिन खुद बरखा ने भी जो आरोप राष्ट्रवाद के नाम पर मढ़ दिया, उसका समर्थन भी कोई इंसान (दिमाग वाला) नहीं कर सकता।

यही कारण है कि हमारे संपादकीय टीम की तेज-तर्रार जयंती मिश्रा ने बरखा के लिए यह लिखा था, जो आज भी प्रासंगिक है – बरखा जी… जो हुआ वो गलत है लेकिन आप राष्ट्रवाद और यौन शोषण में पहले फर्क समझिए

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -