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दिल्ली में हुई हिंसा में 15 से ज्यादा बांग्लादेशी भी थे शामिल, शिकंजा कसने की तैयारी में SIT

एसआईटी का कहना है कि दिल्ली दंगों में PFI के करीब 15 कार्यकताओं के भी नाम सामने आए हैं। इनसे जल्द पूछताछ हो सकती है। पीएफआई की संलिप्तता यूपी में विभिन्न जगहों पर हुई हिंसा में भी उजागर हुआ है। कट्टरपंथी समूह के 25 सदस्य अब तक गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और नेशनल रजिस्टर आफ सिटीजन्स (NRC) के विरोध के नाम पर दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर SIT ने बड़ा खुलासा किया है। एसआईटी के अनुसार हिंसा में 15 से ज्यादा बांग्लादेशी शामिल थे। ये गैर कानूनी तरीके से सीमापुरी इलाके में छिपकर रह रहे थे। इन बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान कर ली गई है। इनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। SIT ने कहा है कि जल्द ही ये लोग पुलिस हिरासत में होंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली दंगों की जाँच में जुटी एसआईटी टीम ने अपनी पड़ताल के बाद खुलासा करते हुए बताया कि सीमापुरी इलाके में शुक्रवार (20 दिसम्बर 2019) को जुमे की नमाज के बाद भड़के दंगों में उपद्रवियों की भीड़ में करीब 15 से ज्यादा बांग्लादेशी शामिल थे।

इस मामले की जाँच क्राइम ब्रांच की SIT कर रह है। टीम तिहाड़ जेल जाकर दिल्ली दंगों के मामले में गिरफ्तार करीब 55 आरोपितों से भी पूछताछ करेगी।

एसआईटी ने दावा किया है कि दिल्ली दंगों में इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के करीब 15 कार्यकताओं के भी नाम सामने आए हैं, जिनसे जल्द पूछताछ हो सकती है। फिलहाल, इन लोगों की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है ताकि दिल्ली दंगों के वक्त इन लोगों की लोकेशन को ट्रेस किया जा सके। यहाँ बता दें, कहा जा रहा है कि एसआईटी को पूरी जाँच में फंडिग और लॉजिस्टिक स्पोर्ट के भी कुछ सुराग हाथ लगे हैं। जिनका खुलासा जाँच टीम जल्द करेगी।

उल्लेखनीय है कि यूपी के विभिन्न शहरों में हुई हिंसा में भी PFI की संलिप्तता उजागर हुई है। यूपी के डीजपी ओपी सिंह ने शुक्रवार को कहा कि हालिया हिंसा में इस कट्टरपंथी समूह के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी थी। इस समूह के 25 सदस्य अब तक गिरफ्तार किए गए है। उन्होंने बताया कि इनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं। पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश भी केंद्रीय गृह मंत्रालय से की गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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