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दिल्ली हाई कोर्ट ने फर्जी यूट्यूब चैनल को हटाने का दिया आदेश, गूगल से हुई कमाई की जानकारी भी माँगी: पत्रकार अंजना ओम कश्यप का फेक AI वीडियो हुआ था वायरल

आजतक ने इस फर्जी चैनल के खिलाफ कोर्ट में केस किया था। कोर्ट ने माना कि ये चैनल अंजना की छवि खराब कर रहा था। कोर्ट ने गूगल को भविष्य में ऐसे फर्जी चैनल हटाने के लिए आसान तरीका अपनाने को भी कहा।

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में टीवी एंकर अंजना ओम कश्यप को सरकार से माफी माँगते और पत्रकारिता की आलोचना करते दिखाया गया, लेकिन जाँच में सामने आया कि यह वीडियो फर्जी है और AI से छेड़छाड़ कर बनाया गया है।

इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने सख्त कदम उठाते हुए अंजना ओम कश्यप के नाम से चल रहे एक फर्जी यूट्यूब चैनल को हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने गूगल को 48 घंटे के भीतर यह चैनल हटाने और 2 हफ्ते में चैनल चलाने वाले व्यक्ति की जानकारी देने का निर्देश  दिया है।

वायरल वीडियो में अंजना ओम कश्यप को यह कहते हुए दिखाया गया था कि पत्रकारिता अब सत्ता के साथ खड़ी हो गई है और उन्होंने अब सरकार से सवाल पूछने का फैसला किया है।

लेकिन जब इस वीडियो की जाँच की गई, तो पाया गया कि यह एक पुराना वीडियो है जिसमें वे बिहार से दिल्ली तक की अपनी यात्रा के अनुभव साझा कर रही थीं। वीडियो की लिप-सिंकिंग और आवाज में मेल नहीं होने से AI द्वारा छेड़छाड़ की पुष्टि हुई।

AI कंटेंट डिटेक्शन टूल कैंटिलक्स से पुष्टि हुई कि वीडियो को बदला गया है। साथ ही, वीडियो का असली रूप इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर पहले से मौजूद था, जिसमें कोई राजनीतिक बयान या माफी जैसी बात नहीं कही गई थी।

टीवी टुडे नेटवर्क (आजतक) ने इस फर्जी वीडियो और चैनल के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में मुकदमा दायर किया था। अदालत ने माना कि यह चैनल नकली है और अंजना ओम कश्यप की प्रतिष्ठा और पहचान का गलत इस्तेमाल कर रहा है। कोर्ट ने गूगल को चैनल से हुई कमाई की जानकारी देने का भी आदेश दिया है और भविष्य में ऐसे फर्जी पेज हटाने के लिए URL देने की प्रक्रिया को भी लागू करने को कहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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