Friday, April 19, 2024
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टिकैत के महापंचायत में पॉलिटिकल जमावड़ा, अन्ना नहीं करेंगे अनशनः हरियाणा के 17 जिलों में इंटरनेट बंद

इस पंचायत के दौरान महावीर चौक के पास भीड़ जमा रही। यूपी गेट पर भी प्रदर्शन हुआ। भारी तादाद में लोग इकट्ठा हुए। दूर तक यातायात बाधित होने की खबर भी सामने आई और भारी भीड़ देख कर दहशत से लोगों ने बाजारों को बंद रखा।

भारतीय किसान यूनियन (BKU) के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने आज (जनवरी 29, 2021) मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज में महापंचायत बुलाकर ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वह किसान आंदोलन वापस नहीं लेंगे। यह प्रदर्शन कानून वापस होने तक चलता रहेगा। टिकैत द्वारा बुलाई गई इस महापंचायत में पड़ोसी राज्यों के किसान समेत सैंकड़ों लोग शामिल हुए। सामने आई वीडियो में जनसैलाब देखा जा सकता है। 

सैंकड़ों की भीड़ देखकर प्रशासन ने इस दौरान भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किए रखा। वहीं, हरियाणा सरकार ने हालातों के मद्देनजर शांति व व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपने राज्य के 17 जिलों में इंटरनेट सेवा बंद करने का निर्णय लिया। राज्य की खट्टर सरकार ने सोशल मीडिया माध्यमों से दुष्प्रचार और अफवाहों का प्रसार रोकने के लिए 30 जनवरी की शाम 5 बजे तक इंटरनेट सेवा स्थगित करने के निर्देश दिए।

महाराष्ट्र में भी अन्ना हजारे ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस और मंत्री कैलाश चौधरी से मुलाकात के बाद किसानों की विभिन्न माँगों को लेकर विरोध प्रदर्शन नहीं करने का निर्णय लिया। इससे पहले उन्होंने कहा था कि वह केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ शनिवार को महाराष्ट्र में अपने गाँव रालेगाँव सिद्धि में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे। हालाँकि, आज  कैलाश चौधरी ने कहा कि अन्ना को हमने आंदोलन ना करने की विनती की थी, जिसे अन्ना ने स्वीकार कर लिया है।

गौरतलब है कि गाजीपुर प्रशासन के सख्त होने के बाद कल बीकेयू के प्रवक्ता राकेश टिकैत की रोती बिलखती वीडियो सामने आई थी। इसके बाद सीमाओं पर माहौल गरमा गया। हाईवे जाम कर दिए गए। सिंघू बॉर्डर पर आज सुबह प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प भी हुई, जिसके मद्देनजर किसान आंदोलन के प्रमुख केंद्र सिंघु बॉर्डर को किले में तब्दील कर दिया गया और कड़ी सुरक्षा के बीच वहाँ बैरीकेडिंग हो गई।

बता दें कि आज किसान आंदोलन की आग को भड़काने के लिए महापंचायत का आह्वान किया गया था। इसमें आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह समेत कई पार्टियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सपा और कॉन्ग्रेस ने भी महापंचायत को समर्थन दिया। मंच से खूब सियासी भाषण हुए। सबकी मौजूदगी में हुई मुजफ्फरनगर महापंचायत में फैसला लिया गया कि आज सीधा दिल्ली नहीं जाना है। गाजीपुर बॉर्डर पर पहले से ही बहुत लोग पहुँच गए हैं। कल से लोग अपने अपने हिसाब से दिल्ली जाएँ और आंदोलन को मजबूत करें।

इस पंचायत के दौरान महावीर चौक के पास भीड़ जमा रही। यूपी गेट पर भी प्रदर्शन हुआ। भारी तादाद में लोग इकट्ठा हुए। दूर तक यातायात बाधित होने की खबर भी सामने आई और भारी भीड़ देख कर दहशत से लोगों ने बाजारों को बंद रखा। राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के प्रमुख अजित सिंह ने भी बीकेयू को समर्थन दिया और उनके पुत्र जयंत चौधरी ने भी महापंचायत में हिस्सा लिया। जयंत चौधरी ने इस बीच किसानों के साथ न आने वालों को गद्दार तक कहा।

गाजीपुर बॉर्डर की बात करें तो कॉन्ग्रेस नेत्री अलका लांबा ने आज राकेश टिकैत से मुलाकात की। उन्होंने टिकैत से आशीर्वाद लेते हुए समय की वीडियो जारी की। उन्होंने लिखा, “किसान नेता राकेश टिकैत जी के आँसुओं ने सैलाब ला दिया, वह सैलाब मुझे भी बहा कर गाजीपुर बॉर्डर तक ले आया। बदले में ढेर सारा आशीर्वाद और सम्मान के तौर पर किसान टोपी पाई। अन्न दाताओं की कुर्बानी ज़ाया नहीं जाने दी जाएगी।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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