Homeदेश-समाजनाम- अमीनुल इस्लाम, लत- ड्रग्स की... 40000 रुपए में बेच दिया ढाई साल का...

नाम- अमीनुल इस्लाम, लत- ड्रग्स की… 40000 रुपए में बेच दिया ढाई साल का बेटा: साजिदा बेगम के साथ गिरफ्तार

अमीनुल पर ड्रग्स तस्करी के साथ-साथ कई अन्य गंभीर अपराधों में संलिप्त होने का आरोप है, जिनमें से एक सेक्स रैकेट चलाने का आरोप भी शामिल है। पुलिस ने सभी आरोपों की जाँच की बात कही है।

असम के मोरीगाँव जिले से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। लहरियाघाट के रहने वाले अमीनुल इस्लाम ने अवैध ड्रग्स खरीदने के लिए अपने ही ढ़ाई साल के बच्चे को 40,000 रूपए में बेच दिया। पुलिस ने बच्चे के पिता और उसे खरीदने वाले को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बच्चे की माँ रुक्मिना बेगम ने गुरुवार (05 अगस्त 2021) को एफआईआर दर्ज कराई थी। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बरबरी की रहने वाली साजिदा बेगम के पास से रुक्मिना के बेटे को बरामद कर लिया और साजिदा व अमीनुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया।

रुक्मिना द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अमीनुल के ड्रग तस्करी में संलिप्त रहने के कारण रुक्मिना की उससे रोज लड़ाई होती रहती थी। इसी कारण पिछले कुछ समय से रुक्मिना अपने पिता के घर रह रही थी। एफआईआर के मुताबिक, कुछ दिन पहले अमीनुल, रुक्मिना के पिता के घर पहुँचा और बच्चे को यह कहते हुए अपने साथ ले आया कि उसका आधार कार्ड बनवाना है। लेकिन दो-तीन दिन बीत जाने के बाद भी अमीनुल बच्चे को लेकर वापस उसकी माँ के पास नहीं पहुँचा।

अमीनुल ड्रग्स लेने का आदी है और पिछले तीन सालों से ड्रग्स की तस्करी समेत कई अन्य गंभीर अपराधों में संलिप्त है। इसके अलावा, उसके ऊपर सेक्स रैकेट चलाने का भी आरोप है। पुलिस का कहना है कि इन सभी आरोपों की पूरी जाँच की जा रही है।

ज्ञात हो कि असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में ड्रग और नशीले पदार्थों की तस्करी पर जबरदस्त कार्रवाई की जा रही है। सीएम सरमा खुद भी ड्रग, हेरोइन और नशीली गोलियों को सार्वजनिक रूप से नष्ट करते हुए देखे गए। कभी उन्होंने ड्रग निस्तारण कार्यक्रम में नशीले पदार्थों को आग लगाई तो कभी उन पर बुलडोजर चलाकर उन्हें नष्ट किया। जुलाई महीने में ही असम में लगभग 163 करोड़ रुपए की ड्रग को नष्ट किया जा चुका है। इसके साथ ही ड्रग तस्करी से जुड़े लगभग 900 मामलों में 2,000 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

चेहरे चमक गए, पर मुद्दे धुंधले पड़े: CJP की अंदरूनी लड़ाई ने आंदोलन की साख पर उठाए सवाल, छात्रों के टूटते भरोसे की कहानी

CJP के भीतर विवाद, नेताओं की सक्रियता और छात्रों की नाराजगी ने आंदोलन की विश्वसनीयता पर बहस छेड़ दी है। समझें कैसे असली मुद्दे पीछे छूट गए?

CJP प्रोपेगेंडा आपकी टाइमलाइन तक कैसे पहुँच रहा? समझिए Meta का एल्गोरिदम और मॉडरेशन कैसे साध रहे ग्लोबल लेफ्ट का नैरेटिव

CJP के प्रदर्शन से जुड़े Videos और पोस्ट Meta का एल्गोरिदम कैसे लोगों के फीड तक पहुँचा रहा है, जिन्होंने फॉलो नहीं किया, वो भी इनको देख रहे।
- विज्ञापन -