Homeदेश-समाजप्राचीन शिव मंदिर के चबूतरे पर बिरयानी का धंधा, परिसर में ही पकाई जा...

प्राचीन शिव मंदिर के चबूतरे पर बिरयानी का धंधा, परिसर में ही पकाई जा रही थी: सिराज, नूर आलम और फरीद पर FIR

स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले इस इलाके में कई प्राचीन मंदिर थे। लेकिन इन पर कब्जा कर गायब कर दिया गया। मेयर ने भी कई मंदिर जर्जर हालत में पाए।

उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक मंदिर के चबूतरे पर बैठकर बिरयानी बेचने के मामले में पुलिस ने 3 लोगों के ख़िलाफ़ एफआईआर की है। मामला चमनगंज स्थित प्राचीन शिव मंदिर का है। यहाँ समुदाय विशेष के लोगों ने कथित तौर पर मंदिर पर कब्जा कर रखा था और कुछ समय से वहाँ माँसाहारी बिरयानी बेचने का धंधा करते थे।

मामले की जानकारी होने पर महापौर प्रमिला पांडे ने इस पर अपनी आपत्ति जताई थी और कार्रवाई की माँग करते हुए बिरयानी की दुकान हटाने के निर्देश दिए थे। कानपुर के पुलिस कमिश्नर ने इस मामले में 27 मई को बताया कि थाना बजरिया मोहल्ला बेकनगंज सोनार वाली गली में एक प्राचीन शिव मंदिर के चबूतरे पर माँसाहारी बिरयानी बेचने के संबंध में एक अभियोग थाना बजरिया में पंजीकृत करवाया गया है। इसमें तीन लोगों को नामजद किया गया है। मौके पर पड़े बर्तन हटवा दिए गए हैं। अब आगे वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि मुस्लिम बाहुल्य इलाके चमनगंज में दौरे के दौरान प्रमिला पांडे के संज्ञान में ये मामला आया था। वह बेकनगंज बाबा स्वीट के पास एक प्राचीन मंदिर गिरने की सूचना पर बुधवार (मई 26, 2021) को नगर निगम की टीम और पुलिस ने साथ मौका-मुआयना करने गईं थी। इसी दौरान उन्होंने पाया कि बाबा स्वीट के साइड सुनार वाली गली में मौजूद प्राचीन शिव मंदिर के चबूतरे पर बिरयानी बेची जा रही थी और मंदिर परिसर में ही बिरयानी पकाई जा रही थी।

यह नजारा देख मेयर ने इसका विरोध करते हुए आरोपितों के विरुद्ध एफआईआर की माँग की। इसके बाद नजीराबाद निवासी सौरभ तिवारी ने मामले में एफआईआर दर्ज करने के लिए बजरिया थाने में तहरीर दी। बाद में मामले को संज्ञान में लेते हुए बजरिया पुलिस ने बेकनगंज निवासी मोहम्मद सिराज, मोहम्मद नूर आलम और मोहम्मद फरीद के खिलाफ धार्मिक भावनाएँ आहत करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले इस इलाके में कई प्राचीन मंदिर थे। लेकिन समुदाय विशेष के लोगों ने कब्जा कर मंदिरों को गायब कर दिया है। मेयर ने भी अपने दौरे के दौरान कई मंदिरों को जर्जर हालत में पाया। कहीं-कहीं तो मंदिर में ताला मारकर अंदर कूड़ा भी भरा गया है और बाकी जगह को ध्वस्त कर उसका इस्तेमाल किया जा रहा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -