भानु प्रकाश रेड्डी का कहना है कि वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआर कॉन्ग्रेस सरकार के दौरान तिरुपति मंदिर के परकामनी (दानपेटी) से 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की चोरी हुई थी। उनका दावा है कि मंदिर के कर्मचारी रविकुमार ने दानपेटी से नकदी चुराई। पिछली सरकार के अधिकारी इस चोरी में हिस्सा लेते थे। लेकिन मामला सामने आने के बाद अब रविकुमार की जान को वाईएसआरसीपी से खतरा है।

रेड्डी ने चोरी का सीसीटीवी फुटेज जारी किया, जिसे राज्य में मंत्री और टीडीपी नेता नारा लोकेश ने रिट्वीट किया है। टीडीपी एनडीए का घटक दल है। सीसीटीवी फुटेज और दूसरे सबूत से पता चला है कि रविकुमार अमेरिकी डॉलर छिपा रहा था। टीटीडी के सतर्कता और सुरक्षा अधिकारी सतीश कुमार ने 29 अप्रैल 2023 की शाम छिपाए गए नोट के साथ रंगे हाथों पकड़ा था। पुलिस में शिकायत दर्ज किए जाने के बावजूद, मामले को लोक अदालत में सुलझा लिया गया।
Rs 100 crore stolen: BJP leader alleges Tirupati theft under Jagan Reddy rule#BJP leader #BhanuPrakashReddy has accused several #YSRCP leaders and officials of orchestrating a Rs 100 crore theft from the donation box of the #Tirupati temple during the #JaganMohanReddy-led… pic.twitter.com/8eSfzwVe37
— IndiaToday (@IndiaToday) September 21, 2025
जाँच के दौरान आरोपित रवि कुमार की लेन-देन की जानकारी सामने आई है। उसमें कुमार दंपति की तिरुपति और चेन्नई में जमीन, घर और दूसरी अचल संपत्तियाँ थी। इन संपत्तियों के मालिकाना हक होने के बावजूद टीटीडी को दान कर दी गई थी। दान किए गए संपत्तियों की कीमत करोड़ों रुपए है।
रेड्डी ने ये दावा किया कि वाईएसआरसीपी शासन के दौरान जब श्रद्धालु दानपेटी में अपना चढ़ावा डालते थे। दरअसल उन्हें लूटा जाता था।
During @ysjagan’s 5-year rule, corruption spared no one—not even Lord Venkateswara’s treasury.
— jpvallurubjp (@jpvallurubjp) September 20, 2025
The Parakamani theft took place with the backing of TTD’s former chairman Bhumana, and the loot was routed from Tirupati to Tadepalli Palace.
Now the accused themselves are ready to… pic.twitter.com/Ozs0w6KNi7
उच्च न्यायालय ने मामला 19 सितंबर 2025 को सीआईडी को सौंप दिया है और एक महीने के भीतर जाँच करने और सीलबंद रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सीआईडी से बोर्ड के फैसलों और संबंधित दस्तावेजों को भी जब्त करने का निर्देश दिया है।
यह मामला पहले लोक अदालत के माध्यम से सुलझाया गया था। उन्होंने दावा किया कि इसमें वाईएसआरसीपी के कई नेता और शीर्ष अधिकारी शामिल थे। रेड्डी के मुताबिक, एक आला पुलिस अधिकारी तिरुपति मंदिर की संपत्ति लूटने में मदद कर रहा था। अधिकारियों और नेताओं ने लूटे गए धन को आपस में बाँटा। उस वक्त भुमना करुणाकर रेड्डी टीटीडी के अध्यक्ष थे।
रेड्डी ने आरोप लगाया कि लूटी गई धनराशि का एक हिस्सा जगन रेड्डी के आवास, ताडेपल्ली पैलेस में भेज दिया गया और घोटाले के बाद महत्वपूर्ण सबूत नष्ट कर दिए गए।
रेड्डी ने आरोप लगाया कि लूट के पैसों का करोड़ों रुपए रियल एस्टेट में निवेश किए गए और कथित तौर पर अवैध धन जगन रेड्डी के घर, ताडेपल्ली पैलेस में पहुँचाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि 100 करोड़ रुपए की यह चोरी 2019 से 2024 तक चले वाईएसआरसीपी शासन के तहत तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के इतिहास में ‘सबसे बड़ी लूट’ थी। ये मामला अप्रैल 2023 का है।
तिरुपति लड्डू प्रसादम में कथित जानवर की चर्बी मिलाने का मामला अभी सुलझा भी नहीं है। उससे पहले मंदिर में चढ़ावे की लूट का ये मामला सामने आ गया है।


