Wednesday, June 19, 2024
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सुपुर्द-ए-खाक हुआ गैंगस्टर मुख्तार अंसारी, 3 हिंदुओं ने खोदी उसके अम्मी-अब्बू के बगल में कब्र: आखिर समय भी बीवी रही फरार, बड़े बेटे को नहीं मिली परोल

मुख्तार की बीवी आफशां पर 13 मुकदमे दर्ज हैं। उस पर गैंगस्टर एक्ट का भी मामला चल रहा है। अफ़्शां पर गाजीपुर और मऊ से लेकर लखनऊ तक अवैध जमीन कब्जे के आरोप हैं। जबरन रजिस्ट्री का मामला भी चल रहा है। ये सब निकाह के बाद दर्ज हुए हैं। 2005 में मुख़्तार अंसारी के जेल जाने के बाद बीवी अफ़्शां ने गिरोह में अपना दखल बढ़ा दिया था।

माफिया से राजनीति में कदम रखने वाले गैंस्टर मुख्तार अंसारी के जनाजे को शनिवार (29 मार्च 2024) को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया यानी कब्रिस्तान में दफना दिया गया। मुख्तार के शव को उसके पैतृक घर मोहम्मदाबाद के कालीबाग कब्रिस्तान में उसके अम्मी-अब्बू की कब्र के पास दफनाया गया। इस दौरान परिजनों के अलावा, किसी अन्य व्यक्ति को कब्रिस्तान में जाने की इजाजत नहीं दी गई।

मुख्तार के क्रिया-कर्म में उसकी बीवी अफशां अंसारी के शामिल होने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। हाल में पेशी के दौरान मार दिए कुछ अपराधियों द्वारा मार दिए गए गैंगस्टर अतीक अहमद की बीवी शाइस्ता परवीन की तरह आफशां भी फरार है। उस पर पुलिस ने 75,000 रुपए का इनाम भी घोषित किया है।

आफशां पर 13 मुकदमे दर्ज हैं। उस पर गैंगस्टर एक्ट का भी मामला चल रहा है। अफ़्शां पर गाजीपुर और मऊ से लेकर लखनऊ तक अवैध जमीन कब्जे के आरोप हैं। जबरन रजिस्ट्री का मामला भी चल रहा है। ये सब निकाह के बाद दर्ज हुए हैं। 2005 में मुख़्तार अंसारी के जेल जाने के बाद बीवी अफ़्शां ने गिरोह में अपना दखल बढ़ा दिया था।

वहीं, जेल में बंद मुख्तार अंसारी का सबसे बड़ा बेटा अब्बास अंसारी भी इस जनाजे में नहीं शामिल हो पाया। दरअसल, जनाजा में शामिल होने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक आवेदन दी गई थी। जस्टिस संजय कुमार सिंह की बेंच में मुख्तार के परिवार की अर्जी मेंशन होनी थी, लेकिन जज छुट्टी पर थे।

इसके बाद इस याचिका को जस्टिस समित गोपाल की बेंच को हस्तांतरित कर दिया गया। जस्टिस समित गोपाल ने दूसरी बेंच से आए किसी भी मुकदमे को सुनने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसके परिजन सुप्रीम कोर्ट गए और मुख्तार के जनाजे में शामिल होने के लिए परोल की माँग की। हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने परोल देने से इनकार कर दिया।

मुख्तार अंसारी के शव को दफनाने के लिए कालीबाग कब्रिस्तान में 7.6 फीट लंबी और लगभग 5 फीट गहरा कब्र खोदा गया है। यह कब्र उसके अब्बा सुभान उल्लाह अंसारी और अम्मी राबिया बेगम के कब्र के बगल में खोदा गया है। इस कब्र को तीन हिंदू मजदूरों– नगीना, संजय और गिरधारी ने खोदा है। अंसारी परिवार का कहना है कि उनके परिवार में किसी का इंतकाल होता है तो ये लोग कब्र खोदने आते हैं।

मुख्तार का शव पहुँचते ही उसके घर के बाहर सैकड़ों की संख्या में लोग जुटे थे। इस दौरान कुछ लोगों ने ‘मुख्तार अंसारी जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए। भीड़ को देखते हुए प्रशासन चौकन्ना है। गाजीपुर और मऊ इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मुख्तार के घर के पास बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। प्रदेश में हाई अलर्ट है।

बता दें कि पिछले लगभग 17 सालों से जेल में बंद पूर्वांचल का कुख्यात गैंगस्टर मुख्तार अंसारी की 28 मार्च 2024 की देर शाम बांदा जेल में हार्ट अटैक आया था। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया था। हालाँकि, डॉक्टर उसे बचाने में नाकाम रहे और 63 वर्षीय मुख्तार की मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम के बाद उसके शव को बेटे उमर अंसारी को सौंप दी गई थी। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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