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बुर्का प्रोटेस्ट पर UP पुलिस का लाठीचार्ज: गाजियाबाद में बिना इजाजत हो रहा था प्रदर्शन, रोका तो गाली-गलौच पर उतर आई भीड़

इस मामले में मुख्य आरोपी नजर मोहम्मद है, जो फरार है। वह AIMIM से जुड़ा हुआ है। उसने ओवैसी की पार्टी की कॉल बताकर महिलाओं को इकट्ठा किया गया था। महिलाओं को जुटाने की जिम्मेदारी मुस्कान पर थी। उन्हें बैनर-पोस्टर आदि सामान नजर मोहम्मद और राशिद ने मुहैया कराए थे।

कर्नाटक से शुरू हिजाब/बुर्का विवाद (Hijab/Burqa Controversy) की आँच देश के हर कोने में पहुँच गई है। दिल्ली से सटे गाजियाबाद के खोड़ा में हिजाब के समर्थन में बुर्का पहनकर प्रदर्शन कर रही मुस्लिम महिलाओं और उनके पुरुष साथियों ने पुलिस के साथ अभद्रता, गाली-गलौच और मारपीट की। इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों ने उन पर लाठी चार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

पुलिस का कहना है कि राज्य में चुनाव आचार संहिता और धारा 144 लागू है, फिर भी बिना इजाजत लिए प्रदर्शन किया जा रहा था। खोड़ा थाना एसएचओ बृजेश कुमार कुशवाहा ने बताया कि रविवार (13 फरवरी) को हुए प्रदर्शन में एक होटल संचालक समेत करीब 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने प्रदर्शन की वीडियोग्राफी भी कराई है। इसके आधार पर अज्ञात महिलाओं और पुरुषों की पहचान की जा रही है।

इस मामले में पुलिस ने पहचान के आधार पर मंगलवार (15 फरवरी) को खोड़ा की रहने वाली इमराना और मुस्कान नाम की दो मुस्लिम महिलाओं से पूछताछ भी की। बताया जा रहा है कि इस प्रदर्शन में स्थानीय लोग शामिल थे, लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि प्रदर्शन में बाहरी लोग शामिल थे। खुफिया विभाग प्रदर्शन के पीछे किसका हाथ है, इस बात की जाँच कर रही है।

खोड़ा इंस्पेक्टर ने बताया कि इस मामले में मुख्य आरोपी नजर मोहम्मद है, जो फरार है। वह असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM से जुड़ा हुआ है। नजर मोहम्मद इस पार्टी में किस पद पर है, अभी इस बात की जानकारी जुटाई जा रही है। उसने ओवैसी की पार्टी की कॉल बताकर महिलाओं को इकट्ठा किया गया था। महिलाओं को जुटाने की जिम्मेदारी मुस्कान पर थी। उन्हें बैनर-पोस्टर आदि सामान नजर मोहम्मद और राशिद ने मुहैया कराए थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार को तकरीबन 20-25 महिला और पुरुष हिजाब के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे थे। बिना अनुमति लिए प्रदर्शन करने के कारण जब पुलिस ने इनसे लौटने की अपील की तो ये प्रदर्शनकारी नारेबाजी करने लगे और सरकार विरोधी पोस्टर लहराने लगे। इसके बाद पुलिस ने पोस्टर छिनने की कोशिश की तो भीड़ ने पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज और मारपीट की।

लाठी चार्ज होने के बाद सभी प्रदर्शनकारी वहाँ से भाग गए। SHO कुशवाहा ने बताया कि इस घटना से जुड़ा 30 सेकेंड का एक वीडियो बुधवार (16 फरवरी) को सामने आया है। यह वीडियो पास की बिल्डिंग की छत पर खड़े शख्स के द्वारा मोबाइल से बनाई गया है, जो अब वायरल हो रहा है।

बता दें कि प्रदर्शन के नाम कानून की धज्जियाँ वाले लोगों को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने आगाह करते हुए कहा था कि गजवा-ए-हिंद का सपना तो किसी का कयामत तक भी पूरा नहीं होगा। हिजाब को लेकर ANI से सीएम योगी ने कहा था, “हम इस देश और इसके संस्थान पर अपनी धार्मिक मान्यताएँ या चुनाव नहीं थोप सकते। क्या मैं यूपी के हर नागरिक और कर्मचारी से भगवा पहनने को बोलता हूँ? वो जो पहनते हैं ये उनकी मर्जी है। लेकिन स्कूलों में ड्रेस कोड को लागू किया जाना चाहिए। ये स्कूल और वहाँ के अनुशासन की बातें हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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