गुजरात के सूरत जिले के मंगरोल तालुका के हथोड़ा गाँव में गौहत्या की सूचना पर पहुँची पुलिस टीम और गौ रक्षकों पर हिंसक हमला कर दिया गया। इस हमले में एक पुलिसकर्मी और एक गौ रक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना बुधवार (25 फरवरी 2026) की बताई जा रही है, जिसके बाद गुरुवार (26 फरवरी 2026) को सूरत जिला पुलिस ने गाँव में बड़ा अभियान चलाकर 22 मुस्लिम पुरुषों को उनके घरों से हिरासत में लिया। पुलिस ने इस मामले में खुद शिकायतकर्ता बनकर FIR दर्ज की है और जाँच जारी है।
कोसांबा पुलिस स्टेशन में कांस्टेबल गोविंदसिंह शिवभाई जलिया की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया। शिकायत के मुताबिक, गौ रक्षक सत्यप्रकाश यादव ने गौहत्या की सूचना दी थी, जिसके बाद पुलिस टीम गाँव पहुँची। तलाशी के दौरान दो बाइकों पर सवार कुछ लोग वहाँ पहुँचे और पुलिस से बहस करने लगे। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और पुलिस व गौ रक्षकों पर हमला कर दिया गया।
FIR के अनुसार, बाद में करीब 50 लोगों की भीड़ जमा हो गई, जो तलवार और पाइप जैसे हथियारों से लैस थी। आरोप है कि भीड़ ने जान से मारने की नीयत से हमला किया, जिसमें सत्यप्रकाश यादव और एक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को किसी तरह मौके से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जाँच में जुटी है और आगे की कार्रवाई जारी है।
SP के आदेश पर चला तलाशी अभियान, इस्लामी कट्टरपंथियों को किया गया गिरफ्तार
इस मामले में सूरत जिला बजरंग दल के समन्वयक और गौ रक्षक जय पटेल ने ऑपइंडिया से बातचीत में दावा किया कि रमजान शुरू होते ही कुछ कट्टरपंथी तत्व सक्रिय हो जाते हैं और गौहत्या जैसी घटनाएँ बढ़ जाती हैं।
उन्होंने कहा कि हथोड़ा गाँव की घटना में पुलिस और गौ रक्षकों, दोनों को निशाना बनाया गया। जय पटेल के मुताबिक, हमले के अगले ही दिन यानी गुरुवार (26 फरवरी 2026) को सूरत SP राजेश गड़िया के निर्देश पर सख्त कार्रवाई की गई।
सूरत ग्रामीण DSP बीके वनारा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गाँव में सर्च ऑपरेशन चलाया। टीम में कई जाँच अधिकारी और पुलिसकर्मी शामिल थे। तलाशी के दौरान संदिग्ध लोगों को पकड़कर कोसंबा पुलिस स्टेशन ले जाया गया। पुलिस ने आधिकारिक तौर पर 22 लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
जय पटेल ने यह भी आरोप लगाया कि हमलावर पुलिस की मौजूदगी और हथियारों से भी नहीं डरे। उनका कहना है कि रमजान के दौरान पहले भी कोसंबा और सूरत के अन्य इलाकों में इस तरह की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। उन्होंने आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है।
वहीं, कोसांबा पुलिस स्टेशन के PI ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की गई। अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और मामले की जाँच जारी है। FIR में कुल 40 लोगों को नामजद आरोपित बनाया गया है, जबकि कुछ अन्य अज्ञात भी शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं- 109(1), 121(1), 126(2), 132, 189(4), 190, 191(2), 191(3), 195(1), 221, 296(बी) और 351(3)- के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
कड़ी कार्रवाई की जाएगी – SP गधिया
इस मामले में सूरत जिला पुलिस प्रमुख राजेश गधिया ने ऑपइंडिया से बातचीत में पुष्टि की है कि 22 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी बचे आरोपितों की तलाश जारी है।
उन्होंने यह भी बताया कि FIR में ‘अज्ञात व्यक्ति’ के रूप में लिखे गए सभी लोगों के नाम अब सामने आ गए हैं और पुलिस ने इस दिशा में कार्रवाई की है। घटना के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि हथोड़ा गाँव में रात 1:30 से 2 बजे के बीच गौहत्या की सूचना मिलने पर मुखबिर के साथ 6 पुलिसकर्मी गाँव गए।
रात में पुलिसकर्मी बैटरी लाइट की मदद से तलाशी कर रहे थे, तभी अचानक दो बाइकों पर सवार 6 लोग आए और पुलिसकर्मियों से भिड़ गए। इसके बाद उन्होंने करीब 50 और लोगों को बुला लिया। झगड़े के बाद इस भीड़ ने पुलिसकर्मियों और मुखबिर पर जानलेवा हमला कर दिया।
उन्होंने यह भी बताया कि पुलिसकर्मी की शिकायत के आधार पर हत्या के प्रयास, दंगा और कर्तव्य में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल, DCP की टीम मामले की जाँच कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कानून को अपने हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, FSL की मदद से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जाएँगे और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
(मूल रूप से ये रिपोर्ट गुजराती में प्रकाशित है। मूल रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।)


