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बठिंडा में धमाकों की जाँच करेगी NIA, गुरप्रीत सिंह के घर में बम बनाते फटे कई बम: पाकिस्तानी आतंकी सरगना मसूद अजहर से प्रभावित है आरोपित

जाँच एजेंसियों के मुताबिक, गुरप्रीत सिंह मसूद अजहर और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी प्रोपेगेंडा से प्रभावित था। गुरप्रीत के फोन से इस्लामी कट्टरपंथियों के वीडियो, विस्फोटक इकट्ठा करने की जानकारी और पाकिस्तानी आतंकवादियों के फोन नंबर मिले हैं।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने 10 सितंबर 2025 को जीदा गाँव में हुए बठिंडा के दोहरे बम धमाकों की जाँच शुरू कर दी है। पुलिस ने मामले की सारी जानकारी इंटेलिजेंस ब्यूरो और NIA सहित केंद्रीय एजेंसियों को दी, जिसके बाद NIA ने जाँच शुरू की। पिछले दिनों NIA के चंडीगढ़ ऑफिस से SP लेवल के अधिकारी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था।

इससे पहले पुलिस की शुरुआती जाँच में सामने आया कि आरोपित 19 वर्षीय LLB का छात्र गुरप्रीत सिंह पाकिस्तानी आतंकवादी मसूद अजहर की कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था।

SSP अमनीत कोंडल ने बताया कि NIA ने आरोपित से विस्तार से पूछताछ की, जिसाक बठिंडा के AIIMS अस्पताल में इलाज चल रहा है। उल्लेखनीय है कि आरोपित अब तक अधिकारिक तौर पर गिरफ्तार नहीं किया गया है। आरोपित के ठीक होने के बाद ही दोबारा पूछताछ की जाएगी ताकि उसके नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

दोहरे बम धमाकों का प्रभाव

10 सितंबर 2025 की सुबह गुरप्रीत सिंह के घर में छिपाए गए विस्फोटक में अचानक धमाका हो गया, जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गया। विस्फोट से पूरा घर तबाह हो गया और गुरप्रीत का दाहिना हाथ तक काटना पड़ गया।

इसके बाद शाम करीब 4 बजे जब गुरप्रीत सिंह के पिता जगतार सिंह विस्फोट की सफाई करने लगे तो एक और विस्फोट हो गया। इस धमाके में उन्हें गंभीर चोटें आईं। बम धमाके की जानकारी पुलिस को अगले दिन जगतार सिंह का इलाज कर रहे अस्पताल की सूचना से मिली।

इसके बाद 14 सितंबर 2025 को विस्फोट की जाँच करने आई बम निरोधक टीम के सामने भी 3 छोटे विस्फोट हुए। फिर टीम को घटनास्थल को साफ करने के लिए रोबोट लगाने पड़े। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरप्रीत ने जिन केमिकल का इस्तेमाल कर रहा था, वो बेहद अस्थिर थे और अगर अपनी जगह से हटाए जाते तो विस्फोट हो सकते थे।

मसूद अजहर कनेक्शन और कट्टरपंथी एंगल

जाँच एजेंसियों के मुताबिक, गुरप्रीत सिंह मसूद अजहर और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी प्रोपेगेंडा से प्रभावित था। गुरप्रीत के फोन से इस्लामी कट्टरपंथियों के वीडियो, विस्फोटक इकट्ठा करने की जानकारी और पाकिस्तानी आतंकवादियों के फोन नंबर मिले हैं।

इसके अलावा गुरप्रीत सिंह ने कट्टरपंथी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक फेक ID भी बनाई थी। जाँच में यह भी सामने आया है कि गुरप्रीत ने विस्फोटक बनाने की सामग्री ऑनलाइन मँगवाई थी और वीडियो देखकर बम बनाना सीख रहा था।

खुफिया जानकारी से यह भी पता चला है कि उसने जम्मू जाने के लिए ट्रेन और बस के टिकट भी बुक करवा लिए थे, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि वह अपने कच्चे विस्फोटकों को किसी बड़े ऑपरेशन के लिए ले जाने वाला था लेकिन अचानक हुए विस्फोट ने उसका सारा प्लान नाकाम कर दिया।

SSP कोंडर ने एक बयान में कहा कि आरोपित का PGIMER चंडीगढ़ में मानसिक उपचार चल रहा था, जिसे दो साल पहले परिवार ने खत्म करवा दिया। SSP ने बताया कि पहले डॉक्टरों ने लगातार निगरानी की सलाह दी थी लेकिन कथित तौर पर उसकी हालत को नजरअंदाज किया गया।

मामले में दर्ज हुई FIR

ऑपइंडिया को मिली FIR कॉपी के अनुसार, 10 सितंबर 2025 को गश्त के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि गुरप्रीत सिंह ने अपने घर में विस्फोटक सामग्री इकट्ठा की है। सुबह लगभग 5 या 6 बजे विस्फोटक बनाने की कोशिश में लगे गुरप्रीत सिंह से अचानक विस्फोट हो गया, जिसमें वह बुरी तरह से घायल हो गया और उसका घर भी तबाह हो गया।

पंजाब पुलिस ने दर्ज की FIR का स्क्रीनशॉट

FIR में यह भी लिखा कि उसी दिन शाम लगभग 4 बजे घर की सफाई करते हुए एक दूसरा विस्फोट हुआ, जिसमें उसका पिता जगतार सिंह भी घायल हो गया।

मामले में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम,1908 (संशोधन अधिनियम 2001) की धारा 3,4,5 और भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 287, 288, 326 ( F) के तहत FIR दर्ज की गई है।

SSP ने बताया कि बम निरोध टीमें घर को सुरक्षित घोषित करने से पहले उसकी तलाशी ले रही हैं। केमिकल के करण और गुरप्रीत के फोन से मिले डिजिटल सबूतों को भी फोरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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