Homeदेश-समाज1 साल से छात्रा को धर्मांतरण व निकाह के लिए प्रताड़ित कर रहा था...

1 साल से छात्रा को धर्मांतरण व निकाह के लिए प्रताड़ित कर रहा था सलमान, पीड़िता के लिए वरदान बना MP का नया कानून

पीड़िता 12वीं में पढ़ती है। आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

मध्य प्रदेश के खंडवा से ‘लव जिहाद’ का मामला सामने आया है। सलमान नाम का युवक एक हिन्दू छात्रा को जबरन इस्लामी धर्मांतरण के लिए पिछले 1 वर्ष से प्रताड़ित कर रहा था। मध्य प्रदेश के नए धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक के तहत यह मामला दर्ज हुआ है। खंडवा में नए कानून के तहत ‘लव जिहाद’ का यह पहला मामला है। सलमान पीड़िता पर निकाह के लिए दबाव बना कर उसे प्रताड़ित कर रहा था।

चूँकि अभी पुलिस के ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में इस कानून से सम्बंधित धाराएँ नहीं अपलोड की गई थीं, इसीलिए FIR दर्ज करने से पहले पुलिस अधीक्षक ने भोपाल के आला अधिकारियों के साथ चर्चा की। मूंदी थाना अंतर्गत जामकोटा गाँव की पीड़ित छात्रा का कहना है कि रशीद खान का बेटा सलमान उसे परेशान कर इस्लामी धर्मांतरण व निकाह का दबाव बना रहा था। वो जान से मार डालने की धमकी देता थे, जिससे छात्रा के परिजन परेशान थे।

सलमान की करतूतों से तंग आकर पीड़िता को उसके परिजनों ने मामा के घर भेज दिया। फिर भी वह बाज नहीं आया। पीड़िता 12वीं में पढ़ती है। आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। आरोपित अक्सर पीड़िता का पीछा करता था और उसे धमकियाँ देता रहता था। उसकी हरकतों से तंग आकर पीड़िता ने पुलिस में मामला दर्ज कराया।

इस मामले में थाना प्रभारी मोहन सिंह सिंगोरे ने IPC की धारा 354 डी (महिला के प्रति अश्लील इशारे करना, अश्लील टिप्पणी और पीछा करना), धारा 341 (किसी व्यक्ति को गलत तरीके से रोकना), धारा 506 (जान से मारने की धमकी) और 3/5 धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक 2021 (शादी और किसी अन्य कपटपूर्ण तरीके से किए गए धर्मांतरण का मामला) के तहत FIR दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -