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NCW की टीम ने दुमका में अंकिता के परिजनों से की मुलाकात, घटनास्थल का लिया जायजा: कपिल मिश्रा ने परिजनों को सौंपा ₹25 लाख का चेक

इससे पहले राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने सोमवार (29 अगस्त 2022) को झारखंड के डीजीपी नीरज सिन्हा (Jharkhand DGP Niraj Sinha) को नोटिस देेते हुए अंकिता की हत्या के संबंध में कार्रवाई की रिपोर्ट माँगी थी।

झारखंड (Jharkhand) नाबालिग अंकिता की हत्या के मामले को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने गंभीरता से लिया है। महिला आयोग की टीम दुमका स्थित अंकिता के घर पहुँच कर परिजनों से बातचीत की। वहीं, भाजपा नेताओं ने भी चंदा इकट्ठा कर अंकिता के परिजनों को सौंपा।

NCW की लीगल काउंसलर शालिनी सिंह ने कहा, “खबर मिलते ही हमने स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की और मामले को डीजीपी के सामने उठाया। हमने जो भी यहाँ देखा या पाया है, उसे NCW की अध्यक्ष को रिपोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद वे इसको लेकर आगे के कदम के बारे में बताएँगी। हम अभी कुछ भी नहीं बता सकते।”

शालिनी ने मृतक अंकिता सिंह की गरिमा का ख्याल रखने की लोगों से अपील की। उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया पर लोग पीड़िता की तस्वीरें शेयर कर रहे हैं। कृपया इसे रोका जाए। महत्वपूर्ण जानकारी का दुरुपयोग न हो और एक महिला की गरिमा की रक्षा की जाए।”

राष्ट्रीय महिला आयोग की दो सदस्यीय टीम ने अंकिता सिंह के परिजनों से बात कर पूरे मामले की जानकारी ली। इसके साथ ही टीम ने घटनास्थल का भी मुआयना किया। टीम ने उस कमरे का बारीकी से अवलोकन किया, जिसमें अंकिता सो रही थी और शाहरुख हुसैन ने खिड़की से पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था।

इससे पहले राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने सोमवार (29 अगस्त 2022) को झारखंड के डीजीपी नीरज सिन्हा (Jharkhand DGP Niraj Sinha) को नोटिस देेते हुए अंकिता की हत्या के संबंध में कार्रवाई की रिपोर्ट माँगी थी।

उधर, भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने पीड़ित परिवार के लिए लोगों से फंड इकट्ठा किया है और दुनिया भर के लोगों ने अंकिता के परिजनों के लिए 25 लाख रुपए से अधिक की राशि दी है। वहीं, भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने दुमका के सांसद निशिकांत दुबे के साथ अंकिता के परिजनों से भेंट कर उन्हें 25 लाख रुपए का चेक सौंपा।

बता दें कि जेहादी मानसिकता वाले शाहरुख हुसैन की शिकार हुई अंकिता की मौत पर राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने सिर्फ 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर हेमंत सरकार की खूब आलोचना हो रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि विधायकों को छत्तीसगढ़ के रिसॉर्ट में भेजकर करोड़ों रुपए उड़ा सकती है सरकार, लेकिन एक हिंदू पीड़िता को पर्याप्त मुआवजा नहीं दे सकती।

कपिल मिश्रा ने इसकी जानकारी ट्वीट कर लोगों के साथ शेयर की थी। बात दें कि पड़ोसी शाहरुख हुसैन के हमले में 90 प्रतिशत तक जली अंकिता ने 5 दिनों तक अस्पताल में जीवन और मौत से संघर्ष करने के बाद 23 अगस्त 2022 को प्राण त्याग दिया था। इसके बाद राज्य में जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। वहीं, पुलिस की गिरफ्त में शाहरुख का हँसते हुए फोटो वायरल हुई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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