नाबालिग लड़कियों को नंगा कर गंदी बात करती थी सुपरिटेंडेंट असमां पीरजादा: जोधपुर बालिका गृह का मामला

बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने बताया कि बालिका गृह में करीब 45 लड़कियॉं रहती हैं। उन्होंने बताया कि जॉंच में कई तरह की अनियमितताएँ सामने आई हैं। इसके बाद सुपरिटेंडेंट असमां और दो केयर टेकर को निलंबित कर दिया गया है।

राजस्थान के जोधपुर राजकीय बालिका गृह में शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। बालिका गृह की सुपरिटेंडेंट असमां पीरजादा वहाँ रहने वाली बालिकाओं के कपड़े उतरवाकर उन पर फब्तियाँ कसती थी। उन्हें पीटती थी। इतना ही नहीं मासिक धर्म के दौरान जब लड़कियाँ जब सेनेट्री पैड माँगती थी, तो पैड देने की बजाए उनसे बदसलूकी करती थी। इस मामले में सुपरिटेंडेंट और दो केयर टेकर को निलंबित कर दिया गया है।

ख़बर के अनुसार, बालिका गृह में रहने वाली लड़कियों ने बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्षा संगीता बेनीवाल से सेंटर सुपरिटेंडेंट असमां पर भामाशाह के नाम पर अनजान आदमियों से मिलने के लिए मजबूर करने की शिक़ायत भी की। यह बालिका गृह जोधपुर के मंडोर में है। जोधपुर राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ-साथ बाल संरक्षण आयोग की चेयरमैन संगीता बेनीवाल का भी नगर गृह है।

ख़बर के अनुसार, मामले को गंभीरता से लेते हुए जब छानबीन की गई तो बेनीवाल को पता चला कि वहाँ और भी कई अन्य अनियमितताएँ बरती गई हैं। यह भी पता चला है कि बच्चियों को कई तरह से प्रताड़ित किया जाता था। फ़ब्तियाँ, भूखा रखने के अलावा मासिक धर्म के दौरान सेनेट्री पैड न देकर उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता था। 

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बेनीवाल ने बताया कि इस बालिका गृह में तकरीबन 45 बालिकाएँ हैं। उन्होंने इस ओर भी इशारा किया कि इससे पहले भी बालिका गृह की बालिकाओं ने उन्हें अकेले में अपनी पीड़ा बताई थी। उन्होंने कहा, “इन बालिकाओं के साथ ये सभी कृत्य अमानवीय हैं। मैंंने बालिका गृह का निरीक्षण किया है, जिसमें और भी अनियमितताएँ सामने आई हैं। विभाग द्वारा अधीक्षक (असमां) को निलंबित किया गया है। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।”

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