Homeदेश-समाजअब काशी के रजिया मस्जिद और धरहरा मस्जिद पर कानूनी लड़ाई, वर्शिप एक्ट के...

अब काशी के रजिया मस्जिद और धरहरा मस्जिद पर कानूनी लड़ाई, वर्शिप एक्ट के खिलाफ कोर्ट पहुँची शाही परिवार की बेटी: औरंगजेब-ऐबक ने ध्वस्त किए थे मंदिर

औरंगजेब ने सन 1669 के आसपास बिंदु माधव का प्राचीन मंदिर तोड़कर यहाँ धरहरा मस्जिद बनवाई थी, जिसके बाद औंध नरेश ने मंदिर से बिंदु माधव की मूर्ति को बगल में एक अन्य जगह स्थानांतरित करा दिया था।

काशी के शाही परिवार की बेटी ने पूजा स्थल अधिनियम 1991 को चुनौती देने वाली याचिका में हस्तक्षेप आवेदन दायर किया है​। इसके तहत काशी में विवादित ढाँचे रजिया मस्जिद (Razia Mosque) में बदलाव की माँग की गई है।

इसमें दावा किया गया है कि यहाँ मूल रूप से काशी विश्वनाथ मंदिर है​। हस्तक्षेप आवेदन के अनुसार, काशी विश्वनाथ मंदिर को तोड़कर 1194 ईस्वी में कुतुब-उद-दीन-ऐबक (Qutub-ud-Din Aibak) द्वारा रजिया मस्जिद का निर्माण किया गया था। ‘लॉ बीट’ के मुताबिक, रजिया मस्जिद के अलावा शाही परिवार धरहरा मस्जिद के मंदिर के रूप में पुनर्निर्माण की भी माँग कर रहा है, जिसे औरंगजेब ने 1682 में वाराणसी के पंचगंगा घाट पर बिंदु माधव मंदिर को तोड़कर बनाया था।

औरंगजेब ने दो बड़े मंदिरों को गिराया

वहीं, इतिहासकारों का दावा है कि औरंगजेब ने न केवल ज्ञानवापी विवादित ढाँचे को बनाया, बल्कि इसी तरह उसने हिंदुओं के दो बड़े मंदिरों समेत अन्य कई सनातन आस्था के केंद्रों को भी गिराया था और वहाँ मस्जिदें बनवाई थी। भगवान शिव की नगरी काशी के पंचगंगा घाट पर स्थित ‘बिंदु माधव का मंदिर’ अब ‘धरहरा मस्जिद’ के नाम से जाना जाता है।

औरंगजेब ने सन 1669 के आसपास बिंदु माधव का प्राचीन मंदिर तोड़कर यहाँ धरहरा मस्जिद बनवाई थी, जिसके बाद औंध नरेश ने मंदिर से बिंदु माधव की मूर्ति को बगल में एक अन्य जगह स्थानांतरित करा दिया था। यहाँ पर अभी भी उनकी (भगवान विष्णु) पूजा की जाती है। अब इसे आलमगीर मस्जिद के नाम से भी जाना जाता है।

काशी को काफी नुकसान पहुँचाया

इसके अलावा बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के प्रोफेसर माधव जनार्दन रटाटे ने भी बताया था कि औरंगजेब ने काशी को काफी नुकसान पहुँचाया था। उसने यहाँ के कृतिवाशेश्वर, बिंदु माधव और विश्वनाथ मंदिर को तोड़कर उस स्थान पर मस्जिद का निर्माण किया था। इसके अलावा ओंकारेश्वर और लाटभैरव मंदिर को भी उसने नष्ट कर दिया था। साथ ही ओंकारेश्वर मंदिर के आसपास भी कई मंदिरों को नुकसान पहुँचाकर उन्हें पूरी तरह लुप्त कर दिया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सपा कार्यकर्ताओं को राम मंदिर-पौधरोपण का मुद्दा देकर खुद विदेश घूमने निकले अखिलेश जी: क्या UP चुनाव के लिए यही है आपकी राजनीति?

एक तरफ अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों में सत्ता हथियाने का ख्वाब बुन रहे हैं, दूसरी तरफ हर जरूरी मौकों पर विदेश यात्राएँ पर घूमने निकल पड़ते हैं।

पहले बनी मस्जिद, फिर बढ़ी मुस्लिम आबादी और उसके बाद बदल गया हिंदू बहुल इलाके का नाम: पाटन में ‘झापटपरा’ हो गया ‘इस्लामपुरा’, पढ़ें...

गुजरात के पाटन में हिंदू बहुल इलाके का नाम 'झापटपरा' से बदलकर अवैध तरीके से 'इस्लामपुरा' करने पर हिंदू नाराज हैं। ऑपइंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट
- विज्ञापन -