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जीसस क्राइस्ट पर टिप्पणी, केरल के मौलवी के खिलाफ केस दर्ज: BJP नेता ने की थी शिकायत, कहा – ईसाइयों की भावनाएँ आहत हुईं

शिकायत में बीजेपी नेता ने आरोप लगाया है कि मौलवी वसीम अल हिकामी ने ईसा मसीह के जन्म को लेकर घटिया टिप्पणी की थी। उन्होंने इसमें कहा, “कई लोगों ने उन टिप्पणियों के बारे में शिकायत की थी, जो यीशु मसीह के लिए अपमानजनक थीं, लेकिन कोई कानूनी कार्यवाही नहीं की गई थी।"

केरल में बुधवार (6 जुलाई 2022) को कोच्चि की साइबर पुलिस ने ईसा मसीह पर अपमानजनक टिप्पणी के जरिए ईसाई समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के मामले में वसीम अल हिकामी (Waseem Al Hikami) नाम के एक इस्लामिक मौलवी के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपित मौलवी के खिलाफ भाजपा नेता अनूप एंटनी ने पुलिस में शिकायत की थी। इसके बाद ये एक्शन लिया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपित मौलवी मलप्पुरम जिले के कोंडोट्टी का रहना वाला है। पिछले साल दिसंबर 2021 में आरोपित मौलवी ने यूट्यूब पर एक वीडियो अपलोड किया था। इस वीडियो में कथित तौर पर ईसाईयों को लेकर कई अपमानजनक टिप्पणियाँ की थी। इसी मामले में भाजपा नेता अनूप एंटनी ने शिकायत की थी। अनूप एंटनी भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के पूर्व राष्ट्रीय सचिव हैं।

शिकायत में बीजेपी नेता ने आरोप लगाया है कि मौलवी वसीम अल हिकामी ने ईसा मसीह के जन्म को लेकर घटिया टिप्पणी की थी। उन्होंने इसमें कहा, “कई लोगों ने उन टिप्पणियों के बारे में शिकायत की थी, जो यीशु मसीह के लिए अपमानजनक थीं, लेकिन कोई कानूनी कार्यवाही नहीं की गई थी। उसके बाद मैंने सीधे राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) से शिकायत कर एर्नाकुलम साइबर सेल में भी एक याचिका दर्ज की थी। जिस तरह की मुझे उम्मीद थी, वैसी प्रतिक्रिया तो नहीं मिली, जिसके बाद मैंने एर्नाकुलम के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से संपर्क किया और माननीय अदालत ने निर्देश दिया कि मामले को संज्ञान में लेने की जरूरत है। जिसके बाद राज्य पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की।”

बीजेपी नेता ने कहा कि वो इस मामले में तब तक कार्रवाई करते रहेंगे, जब इसका समाधान नहीं हो जाता। उल्लेखनीय है कि इस मामले में केरल पुलिस ने 28 जून को एर्नाकुलम के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट के निर्देश पर धारा इंडियन पीनल कोड की धारा 153-A (विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 295A (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना) और 505 (सार्वजनिक शरारत के लिए अनुकूल बयान) के तहत केस दर्ज किया था।

पहले भी दर्ज हुआ था केस

गौरतलब है कि इससे पहले भी आरोपित इस्लामिक मौलवी के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। इसी साल जनवरी 2022 में हाबिल फ्रांसिस नाम के एक शख्स की शिकायत पर केस दर्ज हुआ था। एंटनी का आरोप है कि केरल पुलिस ने इसी तरह के मामलों में पीसी जॉर्ज को गिरफ्तार करने में बड़ी तेजी दिखाई थी, लेकिन इस मामले में कुछ नहीं किया। उन्होंने दोहराया कि वो वसीम अल हिकामी के खिलाफ मामले को आगे बढ़ाएँगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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