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छात्रों को बेल्ट से पीटा, कैब ड्राइवरों पर लाठीचार्ज: कमलनाथ की पुलिस पर उठे सवाल

विदिशा में पुलिस ने छात्रों को डंडों व बेल्ट से पीटा, जबकि सिरनोटा गाँव स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्र स्कूल की समस्याओं के निदान की माँग लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे।

छात्रों से लेकर कैब ड्राइवरों तक, मध्य प्रदेश में कई लोगों को सिर्फ़ इसीलिए पुलिस की बर्बरता का शिकार बनना पड़ा क्योंकि वे अपनी माँगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। पहली घटना इंदौर की है, जहाँ कैब ड्राइवर्स ओला और उबर जैसे एग्रीगेटर के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप था कि कम्पनियाँ उनसे ज्यादा कमीशन ले रही हैं। कुछ प्रदर्शनकारियों ने ख़ुद को जलाने की भी कोशिश की। पुलिस ने कैब ड्राइवरों पर जम कर लाठियाँ बरसाईं

कैब ड्राइवरों का कहना था कि ओला और उबर जैसी कम्पनियाँ उन्हें कम बुकिंग दे रही हैं लेकिन ज्यादा कमीशन वसूल रही हैं। उनका कहना था कि इससे उनकी प्रॉफिट पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। कलेक्ट्रेट परिसर में चालक संघ के प्रदर्शन के दौरान भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया।

दूसरी घटना विदिशा की है, जहाँ छात्र-छात्रों को पुलिस के गुस्से का शिकार बनना पड़ा। विदिशा स्थित त्योंदा थाना की पुलिस ने छात्रों को डंडों व बेल्ट से पीटा। इस दौरान कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। सिरनोटा गाँव स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्र अपने स्कूल की समस्याओं के निदान की माँग लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। जब उन्होंने चक्काजाम का प्रयास किया, तब पुलिस ने उनके साथ मारपीट की।

प्रभारी मंत्री हर्ष यादव ने कहा कि जिन पुलिसकर्मियों ने छात्रों के साथ मारपीट की है, उन पर कार्रवाई की जाएगी। छात्रों का कहना था कि स्कूल में 10 में से 8 शिक्षकों का तबादला होने के बाद सिर्फ़ 2 शिक्षक बचे हैं। स्कूल की छत से बरसात के दौरान पानी भी टपकता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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