Homeदेश-समाजCM योगी के निर्देश पर धार्मिक स्थलों से उतारे गए लाउडस्पीकर स्कूलों को किए...

CM योगी के निर्देश पर धार्मिक स्थलों से उतारे गए लाउडस्पीकर स्कूलों को किए जा रहे दान: स्कूल के बच्चे इसमें गाएँगे प्रार्थना

गोरखपुर के जिलाधिकारी ने बताया कि इनका उपयोग स्कूल शैक्षिक उद्देश्यों, स्थानीय लोगों में जागरूकता फैलाने, बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहित करने, सरकारी कल्याण कार्यक्रमों और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों से अवगत कराने आदि के लिए कर सकते हैं।

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की अपील पर मस्जिदों एवं मंदिरों से उतारे गए लाउडस्पीकरों को प्रदेश के स्कूलों को दान कर दिया गया। अधिकारियों ने शनिवार (21 मई 2022) को बताया कि कई जिलों में इसकी शुरुआत हो गई है।

धार्मिक स्थलों से उतारे गए लाउडस्पीकरों को दान करने की शुरुआत गोरखपुर और प्रयागराज से हुई। वहीं, लखनऊ में यह प्रक्रिया आने वाले सप्ताह से शुरू हो जाएगी। गोरखपुर में भाजपा के लोकसभा सांसद रवि किशन ने दो लाउडस्पीकरों को प्राथमिक विद्यालयों को सौंपा।

इस दौरान जिलाधिकारी विजय किरण आनंद ने कहा, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के अनुसार हमने धार्मिक स्थलों से हटाए गए लाउडस्पीकरों को नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय गोरखनाथ कन्या को सौंप दिए हैं।

विजय किरण आनंद ने कहा कि इनका उपयोग स्कूल शैक्षिक उद्देश्यों, स्थानीय लोगों में जागरूकता फैलाने, बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहित करने, सरकारी कल्याण कार्यक्रमों और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों से अवगत कराने आदि के लिए कर सकते हैं।

वहीं, प्रयागराज में शहर के महाशक्तिपीठ माँ कल्याणी देवी मंदिर से उतारे गए लाउडस्पीकर को दारागंज स्थित संस्कृत वेद विद्यालय को दान कर दिया गया। माँ कल्याणी देवी मंदिर समिति के अध्यक्ष सुशील पाठक ने दो लाउडस्पीकरों को विद्यालय में दान किया। इसमें अब वेद ऋचाओं का सस्वर पाठ किया जाएगा।

प्रयागराज के ही बहादुरगंज मुहल्ले में स्थित शाही मस्जिद ने उतारे गए लाउडस्पीकरों को नूरजहाँ बालिका इंटर कॉलेज को दान कर दिया। इस दौरान बहादुरगंज शाही मस्जिद के पेश इमाम कॉलेज के प्रबंधक हाजी अशफाक को दो लाउडस्पीकर दान किया गया। ये दोनों लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल कॉलेज में प्रार्थना और अन्य आयोजनों के दौरान इस्तेमाल किए जाएँगे।

बता दें कि इससे पहले कोर्ट के आदेश के बाद सीएम योगी की पहल पर शहर के धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतार दिए गए थे। मंदिर और मस्जिद के मौलवियों और पुजारियों ने सीएम योगी की अपील के बाद स्वेच्छा से लाउडस्पीकर उतारे थे। इसके अलावा, धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकर की आवाज कम कर दी गई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -