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वंदे भारत पर पत्थर फेंकने वाला फिरोज खान पकड़ा गया, बोला- मजे के लिए ट्रेन पर करता था पत्थरबाजी, काँच टूटते देख अच्छा लगता था

पूछताछ में फिरोज खान ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। साथ ही कहा है कि ट्रेन पर पथराव करने में उसे बहुत मजा आता है। जब उसके पत्थर से ट्रेन का काँच टूटकर बिखरता है तो उसे अच्छा लगता है। इसलिए वह ट्रेन पर पत्थरबाजी करता था।

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में ट्रेन में पथराव करने का एक आरोपित पुलिस के हत्थे चढ़ा है। आरोपित की पहचान फिरोज खान के रूप में हुई है। उसने भोपाल से दिल्ली जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव किया था। गिरफ्तारी के बाद फिरोज ने अपना अपराध कबूल लिया है। साथ ही कहा है कि वह शौक के चलते ट्रेन पर पत्थर फेंकता था।

इस मामले में जानकारी देते हुए ग्वालियर रेलवे सुरक्षा बल के इंस्पेक्टर संजय कुमार आर्य ने कहा है कि रविवार (13 अगस्त, 2023) सुबह करीब 10 बजे बानमोर रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन पर पथराव की सूचना मिली थी। यह पथराव भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन से दिल्ली के हजरत निज़ामुद्दीन की ओर जाने वाली ट्रेन संख्या 20171 वंदे भारत एक्सप्रेस पर हुआ था। पथराव के चलते वंदे भारत एक्सप्रेस के शीशे टूट गए थे। इससे यात्रियों के दिल में भी डर बैठ गया था।

उन्होंने आगे कहा है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद रेलवे पुलिस ने आरोपितों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान एक जगह पर सीसीटीवी फुटेज में आरोपित नजर आया। इसके बाद पुलिस ने फिरोज खान को रविवार रात गिरफ्तार कर लिया गया। फिरोज के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

पूछताछ में फिरोज खान ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। साथ ही कहा है कि ट्रेन पर पथराव करने में उसे बहुत मजा आता है। जब उसके पत्थर से ट्रेन का काँच टूटकर बिखरता है तो उसे अच्छा लगता है। इसलिए वह ट्रेन पर पत्थरबाजी करता था। उसे डर था कि ट्रेन पर पत्थर फेंकते हुए कोई देख न ले, इसलिए वह रात के अँधेरे में पत्थरबाजी करता था। फिरोज खान ने वंदे भारत एक्सप्रेस के अलावा कई अन्य ट्रेनों में पत्थरबाजी करने की बात भी कबूल की है।

क्राइम तक की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने पूछताछ के आधार पर पुलिस ने कुछ अन्य आरोपितों को भी पकड़ा था। लेकिन काउंसलिंग के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। ग्वालियर पुलिस ने स्थानीय बिरला नगर से भी कुछ नाबालिगों को हिरासत में लिया था। काउंसिलिंग के बाद पुलिस ने उन्हें भी परिजनों को सौंप दिया। 20 वर्षीय फिरोज अब भी पुलिस की गिरफ्त में है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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