Tuesday, May 18, 2021
Home देश-समाज दंगाई भीड़ में शामिल 7-14 साल के बच्चों ने की पत्थरबाज़ी, जबलपुर के SP...

दंगाई भीड़ में शामिल 7-14 साल के बच्चों ने की पत्थरबाज़ी, जबलपुर के SP का चौंकाने वाला ख़ुलासा

एसपी ने बताया कि अमूमन पुलिस पर यह आरोप लगाया जाता है कि उसने बच्चों पर लाठीचार्ज किया। नाबालिगों पर आँसू गैस का इस्तेमाल किया। लेकिन, यही बच्चे शहर के कुछ हिस्सों में उत्पात मचा रहे हैं। ऐसे बच्चों के अभिभावकों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की बात भी उन्होंने कही है।

मध्य प्रदेश के जबलपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमित सिंह ने चौंकाने वाला ख़ुलासा किया है। उन्होंने बताया कि नागरिकता संशोधन क़ानून का विरोध कर रहे दंगाइयों की भीड़ में शामिल 7 से 14 साल के बच्चों ने पुलिस पर पत्थरबाज़ी की। उन्होंने कहा उपद्रवियों में शामिल 7-14 साल के बच्चों को नागरिकता संशोधन क़ानून (CAA) राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (NRC) के बारे कुछ नहीं पता, बावजूद इसके उन्होंने न सिर्फ़ पुलिस पर पथराव किया बल्कि वाहनों को भी क्षतिग्रस्त किया।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि आमतौर पर यह आरोप पुलिस पर लगाया जाता है कि उन्होंने बच्चों पर लाठीचार्ज किया और नाबालिगों पर आँसू गैस का इस्तेमाल किया। लेकिन, अब भी शहर के कुछ हिस्से ऐसे हैं जहाँ छोटे बच्चे उत्पात मचा रहे हैं। उन्होंने कहा, “न केवल बच्चे बल्कि उनके अभिभावकों के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई की जाएगी।” हिंसा के बाद स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए इलाक़े में कर्फ़्यू लगा दिया गया है।

जबलपुर में नागरिकता क़ानून और राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (NRC) के ख़िलाफ़ उग्र हुई भीड़ ने एक विरोध मार्च के दौरान काफ़ी हिंसक रूप ले लिया था।

ख़बर के अनुसार, हिंसक भीड़ ने न केवल पुलिसकर्मियों, बल्कि मीडिया कर्मियों पर भी जमकर पथराव किया और सार्वजनिक सम्पत्तियों को नुक़सान पहुँचाया। कुछ पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया।

एसपी अमित सिंह ने आगे कहा कि उग्र हुई भीड़ में नक़ाबपोश बच्चों की बड़ी संख्या में मौजूदगी इस बात का स्पष्ट संकेत था कि उन्हें कुछ तत्वों द्वारा भड़काया गया था। उपद्रवियों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आँसू गैस के गोले दागने पड़े। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता स्थिति को नियंत्रण में लाने की रहती है। उन्होंने जानकारी दी कि इलाक़े के चार पुलिस स्टेशनों में कर्फ़्यू लगा दिया गया है।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि शुक्रवार (20 दिसंबर) को जुमे की नमाज के बाद स्थानीय लोगों ने छोटे समूहों में विभाजित होकर, छोटी गलियों में घुसकर जुलूस का नेतृत्व करने की कोशिश की। बच्चों और किशोरों की भीड़ ने पत्रकारों और कैमरापर्सन पर भी हमला किया। कई मीडियाकर्मियों को पत्थरों से मारा गया।

नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में शुक्रवार की दोपहर हज़ारों लोगों के सड़कों पर उतरने के बाद मुस्लिम भीड़ द्वारा हिंसक विरोध-प्रदर्शन किया गया। दंगों के बाद चार थाना क्षेत्रों- अधारताल, हनुमंतल, गोहलपुर और कोतवाली में कर्फ़्यू लगा दिया गया।

फ़िलहाल, जबलपुर में कर्फ़्यू में ढील दी गई है। मध्य प्रदेश के 50 ज़िलों में धारा-144 लगी हुई है। भोपाल क़ाज़ी ने शांति की अपील की है।

दंगों से कुछ तस्वीरें, जो बताती हैं पुलिस वाले भी चोट खाते हैं, उनका भी ख़ून बहता है…

कानपुर में CAA पर हिंसा: दंगाइयों ने पुलिस पर तेज़ाब और पेट्रोल बम से किया हमला, 50 गिरफ़्तार-12 को लगी गोली

दंगाइयों ने पुलिस पर तेज़ाब और पेट्रोल बम से किया हमला, 50 गिरफ़्तार-12 को लगी गोली

‘अनपढ़ मोदी और टकले शाह, CAA वापस लो नहीं तो जिहाद के लिए तैयार रहो: मौलाना ने उगला ज़हर

CAA-विरोध की आड़ में आंतकी कनेक्शन का खुलासा: घुसे इंडियन मुजाहिदीन और सिमी के आतंकी

CAA को लेकर 9 बड़े प्रश्न और उनके उत्तर: वामपंथियों के हर प्रपंची सवाल का जवाब जानें यहाँ

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

ख़लीफ़ा मियाँ… किसाण तो वो हैं जिन्हें हमणे ट्रक की बत्ती के पीछे लगाया है

हमने सब ट्राई कर लिया। भाषण दिया, धमकी दी, ज़बरदस्ती कर ली, ट्रैक्टर रैली की, मसाज करवाया... पर ये गोरमिंट तो सुण ई नई रई।

कॉन्ग्रेस के इशारे पर भारत के खिलाफ विदेशी मीडिया की रिपोर्टिंग, ‘दोस्त पत्रकारों’ का मिला साथ: टूलकिट से खुलासा

भारत में विदेशी मीडिया संस्थानों के कॉरेस्पोंडेंट्स के माध्यम से पीएम मोदी को सभी समस्याओं के लिए जिम्मेदार ठहराया गया।

‘केरल मॉडल’ वाली शैलजा को जगह नहीं, दामाद मुहम्मद रियास को बनाया मंत्री: विजयन कैबिनेट में CM को छोड़ सभी चेहरे नए

वामपंथी सरकार की कैबिनेट में सीएम विजयन ने अपने दामाद को भी जगह दी है, जो CPI(M) यूथ विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं।

सोनू सूद की फाउंडेशन का कमाल: तेजस्वी सूर्या से मदद माँग खुद खा गए क्रेडिट

बेंगलुरु पुलिस, बेंगलुरु फायर डिपार्टमेंट, ड्रग कंट्रोलिंग डिपार्टमेंट और बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या के ऑफिस के प्रयासों से 12 मई को श्रेयस अस्पताल में संभावित ऑक्सीजन संकट टल गया। लेकिन, सोनू सूद का चैरिटी फाउंडेशन इस नेक काम का श्रेय लेने के लिए खबरों में बना रहा।

इजरायल का Iron Dome वाशिंगटन पोस्ट को खटका… तो आतंकियों के हाथों मर ‘शांति’ लाएँ यहूदी?

सोचिए, अगर ये तकनीक नहीं होती तो पिछले दो हफ़्तों से गाज़ा की तरफ से रॉकेट्स की जो बरसात की गई है उससे एक छोटे से देश में कितनी भीषण तबाही मचती!

यूनिफॉर्म सिविल कोड और जनसंख्या नियंत्रण कानून वक्त की जरूरत, क्योंकि उनका कोई विशेषाधिकार नहीं

भारत बहुत वर्षों से इस नासूर से ग्रस्त है। जहाँ वह कम संख्या में हैं, विक्टिम हैं। बहुसंख्या में आते ही वे शरिया-शरिया चिल्लाते हैं।

प्रचलित ख़बरें

जैश की साजिश, टारगेट महंत नरसिंहानंद: भगवा कपड़ा और पूजा सामग्री के साथ जहाँगीर गिरफ्तार, साधु बन मंदिर में घुसता

कश्मीर के रहने वाले जान मोहम्मद डार उर्फ़ जहाँगीर को साधु के वेश में मंदिर में घुस कर महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या करनी थी।

अल्लाह-हू-अकबर चिल्लाती भीड़ का हमला: यहूदी खून से लथपथ, बचाव में उतरी लड़की का यौन शोषण

कनाडा में फिलिस्तीन समर्थक भीड़ ने एक व्यक्ति पर हमला कर दिया जो एक अन्य यहूदी व्यक्ति को बचाने की कोशिश कर रहा था। हिंसक भीड़ अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाते हुए उसे लाठियों से पीटा।

विनोद दुआ की बेटी ने ‘भक्तों’ के मरने की माँगी थी दुआ, माँ के इलाज में एक ‘भक्त’ MP ने ही की मदद

मोदी समर्थकों को 'भक्त' बताते हुए मल्लिका उनके मरने की दुआ माँग चुकी हैं। लेकिन, जब वे मुश्किल में पड़ी तो एक 'भक्त' ने ही उनकी मदद की।

भारत में दूसरी लहर नहीं आने की भविष्यवाणी करने वाले वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने सरकारी पैनल से दिया इस्तीफा

वरिष्ठ वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने भारत में कोविड-19 के प्रकोप की गंभीरता की भविष्यवाणी करने में विफल रहने के बाद भारतीय SARS-CoV-2 जीनोम सीक्वेंसिंग कंसोर्टिया (INSACOG) के वैज्ञानिक सलाहकार समूह के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया।

मेवात के आसिफ की हत्या में सांप्रदायिक एंगल नहीं, पुरानी राजनीतिक दुश्मनी: हरियाणा पुलिस

आसिफ की मृत्यु की रिपोर्ट आने के तुरंत बाद, कुछ मीडिया हाउसों ने दावा किया कि उसे मारे जाने से पहले 'जय श्री राम' बोलने के लिए मजबूर किया गया था, जिसकी वजह से घटना ने सांप्रदायिक मोड़ ले लिया।

ओडिशा के DM ने बिगाड़ा सोनू सूद का खेल: जिसके लिए बेड अरेंज करने का लूटा श्रेय, वो होम आइसोलेशन में

मदद के लिए अभिनेता सोनू सूद को किया गया ट्वीट तब से गायब है। सोनू सूद वास्तव में किसी की मदद किए बिना भी कोविड-19 रोगियों के लिए मदद की व्यवस्था करने के लिए क्रेडिट का झूठा दावा कर रहे थे।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,384FansLike
95,935FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe