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इस्लाम कबूलने का दबाव, नवरात्र में मॉंस खाने को किया मजबूर: अब तीन तलाक दे हिंदू बीवी से हलाला कराने को कह रहा फारुख

"मुझे कोई पूजा करने की अनुमति नहीं देते थे। जब मैंने नवरात्रि का व्रत रखने की कोशिश की, तो वे घर में माँस और शराब लाते थे। मुझे भी नवरात्रि में माँस खाने को कहा गया।"

मध्य प्रदेश में एक हिंदू महिला ने पति फारुख पर तीन तलाक देकर हलाला कराने का दबाव डालने का आरोप लगाया है। महिला का यह भी कहना है कि शादी के बाद उस पर इस्लाम कबूलने का दबाव बनाया गया। नवरात्र के दौरान माँस खाने को मजबूर किया गया। फारुख से महिला की शादी करीब 8 साल पहले हुई थी। मामला नरसिंहपुर जिले के करेली का है। मामला दर्ज कर पुलिस जाँच कर रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़ित महिला ने 2014 में फारुख से शादी की थी। यह लव मैरिज थी। महिला के अनुसार शादी से पहले फारुख ने कहा था कि वह उसे अपना धर्म बदलने के लिए मजबूर नहीं करेगा। लेकिन शादी के तुरंत बाद पति और ससुराल वाले उस पर धर्मांतरण का दबाव डालने लगे।

पीड़िता का आरोप है कि दहेज को लेकर भी उसे प्रताड़ित किया जाता था। उसने अपनी बेटियों की खातिर यह सब सहन किया। 24 मार्च 2022 को फारुख ने तीन बार तलाक, तलाक, तलाक बोलकर उसे बेघर कर दिया। अब उस पर हलाला का दबाव बनाया जा रहा है। महिला के अनुसार उससे कहा गया कि अगर वह फिर से साथ रहना चाहती है तो उसे हलाला कराना होगा।

उल्लेखनीय है कि ‘निकाह हलाला’ एक ऐसी प्रथा जिसमें अगर मुस्लिम पति अपनी पत्नी को तलाक देता है तो उसे अपनी पत्नी से दोबारा शादी करने के लिए या अगर पत्नी अपने पति से  दोबारा शादी करना चाहती है तो औरत को ‘हलाला’ करना होगा। ‘हलाला’ के लिए पत्नी को पहले किसी दूसरे मर्द से शादी करनी होगी और उसके साथ शारीरिक संबंध भी बनाने होंगे। उसके बाद जब दूसरा व्यक्ति उस महिला को तलाक दे देगा तो वह अपने पहले पति से निकाह कर सकती है। ‘हलाला’ के बाद ही उसके पहले पति से उसका दोबारा निकाह मुकम्मल माना जाएगा। 

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि लड़की को जबरदस्ती नमाज अदा करने के लिए मजबूर किया गया। मना करने पर पति और ससुराल वालों ने मारपीट की। पीड़िता ने कहा, “उन्होंने मुझे जबरन माँस भी खिलाया। मेरा पति मुझे शराब के नशे में नियमित रूप से मारता-पीटता था। मेरे पति ने भी कहा कि दोनों बच्चे भी उसके नहीं हैं। मुझे कोई पूजा करने की अनुमति नहीं देते थे। जब मैंने नवरात्रि का व्रत रखने की कोशिश की, तो वे घर में माँस और शराब लाते थे। मुझे भी नवरात्रि में माँस खाने को कहा गया। वह मुझे हमेशा तीन तलाक देने की धमकी देता था। फारुख की माँ कहती थी कि हम उसकी शादी दस महिलाओं से करा देंगे।”

करेली थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा ने बताया कि 26 वर्षीय महिला की शिकायत के आधार पर धार्मिक स्वतंत्रता कानून, तीन तलाक कानून, दहेज प्रताड़ना और अत्याचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने फारुख समेत उसके परिवार वालों को आरोपित बनाया है। उन्होंने एक आरोपित को गिरफ्तार भी कर लिया है, जबकि बाकी फरार बताए जा रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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