Homeदेश-समाजमहाराष्ट्र: जिला अस्पताल के न्यूबॉर्न केयर यूनिट में लगी आग, 10 नवजात शिशुओं की...

महाराष्ट्र: जिला अस्पताल के न्यूबॉर्न केयर यूनिट में लगी आग, 10 नवजात शिशुओं की मौत

भंडारा के अस्पताल के कर्मचारियों ने दावा किया है कि वो 7 नवजात शिशुओं को मौत के मुँह से बचाने में कामयाब रहे हैं। घटना की सूचना के बाद जिले के वरिष्ठ पुलिस-प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे।

महाराष्ट्र के विदर्भ स्थित भंडारा जिला अस्पताल में आग लगने के कारण 10 नवजात शिशुओं की मौत हो गई। ये घटना शनिवार (जनवरी 9, 2021) की रात 2 बजे हुई। अस्पताल के नवजात (Neonatal) केयर यूनिट में आग लगने के बाद ये हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि आग लगने के कारण चारों ओर धुआँ भर गया था, जिस कारण नवजात शिशुओं का दम घुटने से मौत हो गई।

एक कर्मचारी ने जब यूनिट का दरवाजा खोला तो उसने पाया कि अंदर धुआँ ही धुआँ भरा हुआ है, जिसके बाद उसने अपने वरिष्ठों को इसकी सूचना दी। इसके बाद फायर ब्रिगेड को आग बुझाने के लिए बुलाया गया। भंडारा के अस्पताल के कर्मचारियों ने दावा किया है कि वो 7 नवजात शिशुओं को मौत के मुँह से बचाने में कामयाब रहे हैं। घटना की सूचना के बाद जिले के वरिष्ठ पुलिस-प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे।

ये घटना अस्पताल के ‘न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU)’ में हुई। उस समय वार्ड में कुल 17 नवजात शिशु मौजूद थे। बताया जा रहा है कि शार्ट सर्किट की वजह से ये हादसा हुआ। आमजनों ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन में हिस्सा लिया। डिस्ट्रिक्ट जनरल हॉस्पिटल में इस विभाग के दो यूनिट हैं – आउटबॉर्न और इनबॉर्न। इनमें से इनबॉर्न यूनिट के शिशु सुरक्षित हैं। सिविल सर्जन प्रमोद खंडाते ने इस घटना की जानकारी दी।

बता दें कि महाराष्ट्र के अस्पतालों में हाल के दिनों में आग लगने की ये पहले घटना नहीं है। सितम्बर 2020 में राज्य के पश्चिमी क्षेत्र के कोल्हापुर स्थित एक शासकीय अस्पताल में भी शार्ट सर्किट से आग लग गई थी, जब वहाँ 400 से भी अधिक कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज चल रहा था। NCP नेता राजेश टोपे फ़िलहाल महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री हैं। अभी तक इस पर सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। महाराष्ट्र सरकार पर पहले से ही कई मामलों में सवाल उठ रहे हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -