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मनसुख हिरेन केस ATS के हवाले, पत्नी विमला की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज

मनसुख हिरेन 5 मार्च को मृत मिले थे। वह उस विस्फोटक लदी एसयूवी के मालिक थे जो कुछ दिन पहले मुंबई में मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर खड़ी मिली थी।

महाराष्ट्र सरकार ने ठाणे के व्यापारी मनसुख हिरेन की मौत की जाँच अब एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) को सौंप दी है। मुंब्रा पुलिस ने भी इस केस के सभी जरूरी डॉक्यूमेंट एटीएस को दे दिए हैं। एटीएस ने इस केस का जिम्मा संभालने के बाद अज्ञात लोगों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज किया है। ये शिकायत मनसुख की पत्नी विमला हिरेन के बयान पर दर्ज की गई है।

7 मार्च 2021 को एटीएस ने इस मामले में शिकायत लिखी। केस में आईपीसी की धारा 302, 201, 34, और 120 बी के तहत मामला दर्ज हुआ। इससे पहले प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हवाले से मीडिया की खबरों में बताया गया था कि हिरेन का शव करीब 10 घंटे तक पानी में था और उनकी मौत शव मिलने से 12-13 घंटे पहले हो गई थी। रिपोर्ट में उनके चेहरे और पीठ पर जख्मों के निशान बताए गए थे। आगे की पड़ताल के लिए मनसुख का विसरा फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री में भेजा गया है।

गौरतलब है कि मनसुख हिरेन शुक्रवार (5 मार्च 2021) को मृत मिले थे। वह उस विस्फोटक लदी एसयूवी के मालिक थे जो कुछ दिन पहले मुंबई में मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर खड़ी मिली थी। एंटीलिया के बाहर मिले कार को लेकर परिजनों का कहना है कि वह चोरी हो गई थी और इसकी रिपोर्ट भी लिखाई गई थी।

उनका शव मिलने के बाद शुरुआत में इसे सुसाइड बताया जा रहा था। लेकिन विमला ने इसे खारिज कर दिया था। उन्होंने बताया कि उनके पति को क्राइम ब्रांच के किसी अधिकारी तावड़े का फोन आया था। उससे मिलने के लिए ही वे घर से निकले थे।

इन सबके अलावा ये भी पता चला था कि मनसुख हिरेन ने मौत से पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा था। उन्होंने इस पत्र में कहा था कि पीड़ित होने के बावजूद उनके साथ आरोपित की तरह व्यवहार किया जा रहा है। इसमें उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ एक पत्रकार का नाम भी लिया था। उन्होंने कहा कि कि उनसे हिरासत में भी पूछताछ की गई, जिससे उनकी मानसिक प्रताड़ना हो रही है।

इससे पहले मीडिया रिपोर्टों में बताया गया था कि परिजनों ने मनसुख का शव लेने से इनकार कर दिया है। इसके मुताबिक परिवार के सदस्यों ने शव लेने से इनकार करते हुए ऑटोप्सी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की माँग की है। यह भी कहा है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इसका स्पष्ट जिक्र होना चाहिए कि हिरेन की मौत कैसे हुई। इसके बाद DCP (जोन 1) ने दावा किया था कि उन्होंने परिजनों के घर जाकर रिपोर्ट में बताए गए मौत के कारण के बारे में समझाया है। मनसुख हिरेन गाड़ियों के पार्ट-पुर्जों की दुकान चलाते थे।

मिडडे ने मनसुख के भाई विनोद हिरेन के हवाले से एक सनसनीखेज दावा किया था। इसके मुताबिक हत्या कर मनसुख को पानी में फेंका गया था। विनोद का दावा है यह बात उन्हें खुद पुलिस ने बताई है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों ने डूबने को मौत का कारण बताया और साथ ही ये भी कहा था कि पानी में फेंके जाने से पहले ही उन्हें मार डाला गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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