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अनलॉक-4: गाइड लाइन जारी, 7 सितंबर से शुरू होगी मेट्रो सेवा, बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज, जानें और किन पर दी गई रियायतें

गृह मंत्रालय की ओर से जारी ताजा दिशा निर्देशों के मुताबिक, 21 सिंतबर से सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक समेत अन्य आयोजनों की अनुमति होगी, लेकिन इसमें 100 से ज्यादा लोगों के शामिल होने की इजाजत नहीं होगी। इस दौरान, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्क्रीनिंग और सैनेटाइजर का उपयोग अनिवार्य होगा।

कोरोना वायरस महामारी के बीच अनलॉक की प्रक्रिया चल रही है। एक सितंबर से शुरू होने वाले अनलॉक 4 के लिए गृह मंत्रालय ने शनिवार (अगस्त 29, 2020) को दिशानिर्देश जारी किए। गृह मंत्रालय के दिशा निर्देशों के मुताबिक, 7 सितंबर से मेट्रो सेवाएँ (Metro Services) चरणबद्ध तरीके से खुल सकेंगी।

हालाँकि, कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्कूल और कॉलेज को फिलहाल बंद रखने का फैसला किया गया है। इस दौरान, ऑनलाइन क्लास के जरिए पढ़ाई होगी। गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि कंटनेमेंट जोन से बाहर 9 से 12वीं कक्षा तक के छात्र अपने परिजनों की सहमति के बाद शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने स्कूल जा सकेंगे।

गृह मंत्रालय की ओर से जारी ताजा दिशा निर्देशों के मुताबिक, 21 सिंतबर से सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक समेत अन्य आयोजनों की अनुमति होगी, लेकिन इसमें 100 से ज्यादा लोगों के शामिल होने की इजाजत नहीं होगी। इस दौरान, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्क्रीनिंग और सैनेटाइजर का उपयोग अनिवार्य होगा। 

सिनेमा हॉल, स्विमिंग पूल, थियेटर (ओपन एयर थियेटर को छोड़कर), अंतराष्ट्रीय उड़ानें (कुछ विशेष मामलों को छोड़कर) बंद रहेंगे। गृह मंत्रालय ने राज्यों को हिदायत दी है कि कोई भी राज्य अपनी तरफ से लॉकडाउन नहीं लगा सकता। इसके लिए राज्य को गृह मंत्रालय से अनुमति लेनी होगी। कंटेनमेंट जोन में पहले की तरह ही सख्ती लागू रहेगी। कंटेनमेंट जोन में 30 सितंबर तक सख्ती से लागू किया जाएगा लॉकडाउन।

21 सितंबर 2020 से ओपन एयर थिएटरों को खोलने की अनुमति होगी। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ व्यापक परामर्श के बाद, यह निर्णय लिया गया है कि 30 सितंबर तक स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे।

इसके साथ ही इस बात को भी दोहराया है कि लोगों की एक राज्य से दूसरे राज्य या एक ही राज्य के अंदर आवाजाही पर ना तो कोई रोक होगी और ना किसी तरह की इजाजत की जरूरत होगी। यह इसलिए अहम है क्योंकि केंद्र सरकार के कहने के बावजूद कुछ राज्य अपने यहाँ घुसने पर पाबंदी लगाकर बैठे थे।

गौरतलब है कि मार्च में जब पूरे देश में कोराना के चलते संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की गई तभी से मेट्रो सेवा रोक दी गई थी। दिल्ली मेट्रो के अलावा अन्‍य महानागरों में हर रोज लाखों लोग सफर करते थे। मेट्रों का संचालन बंद होने के कारण लोगों को काफी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है।

कई दिनों पहले सरकार ने अनलॉक के तहत कई सेवाएँ शुरु कर दी थी और ऑफिस समेत अन्‍य व्‍यापार संबंधी गति‍विधियों को शुरु करने की अनुमति दे दी थी। मेट्रो सेवा बंद रहने के कारण लोगों को अपने वर्किंग प्‍लेस पर पहुँचने में काफी असुविधा हो रही थी। जिसको ध्‍यान में रखते हुए सरकार ने सख्‍त नियमों के साथ मेट्रो सेवा फिर से संचालित करने का फैसला किया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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