Homeदेश-समाजलॉकडाउन में दुकानें खुली, खुले में ताश: रोकने पहुँची पुलिस पर लाठी-डंडे और पत्थर...

लॉकडाउन में दुकानें खुली, खुले में ताश: रोकने पहुँची पुलिस पर लाठी-डंडे और पत्थर से हमला

इससे पहले मेरठ के जली कोठी क्षेत्र में पुलिस के ऊपर हमला किया गया था। यह इलाका कोरोना वायरस संक्रमण का हॉटस्पॉट है। काफ़ी जबरदस्त पत्थरबाजी हुई थी। सिटी मजिस्ट्रेट को भी चोटें आईं। असामाजिक तत्वों के इस अचानक हमले से इलाक़े में हड़कंप मच गया।

लॉकडाउन के बीच पुलिस पर हमले थम नहीं रहे हैं। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के मथुरा का है। शनिवार (अप्रैल 11, 2020) को मथुरा जिले में लॉकडाउन का उल्लंघन कर दुकान खोलने व एक स्थान पर कई लोगों को जमा होकर ताश खेलने की सूचना पर पहुँची पुलिस टीम पर लोगों ने लाठी-डंडे से हमला कर दिया। 

पुलिस ने जवाबी कार्रवाई शुरू की तो उन पर पथराव कर दिया गया। पुलिस ने किसी तरह से भीड़ पर काबू पाया और पथराव करने के आरोप में 10 लोगों को गिरफ्तार किया। मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर ने शनिवार को बताया कि लॉकडाउन के नियमों के उल्लंघन की सूचना पर भीमनगर गाँव पहुँची पुलिस पर पथराव किया गया। 

उन्होंने बताया कि गाँव में न केवल दुकानें खुली हुई थीं, बल्कि लोग खुले में ताश खेल रहे थे। दुकानों के सामने भीड़ लगी थी और सोशल डिस्टेंसिंग का खुला उल्लंघन किया जा रहा था। पुलिस के मना करने पर वहाँ मौजूद कुछ लोगों ने न केवल पथराव किया बल्कि लाठी-डंडे से भी पुलिस पर हमला किया।

ग्रोवर ने बताया कि पुलिस पर हमले की सूचना पर पहुँचे अतिरिक्त बल ने सख्ती दिखाकर 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि नामजद 28 एवं 24 गैर नामजद भागने में सफल रहे। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। इस हमले में एक पुलिसकर्मी को चोट भी आई है।

जैसे ही इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को हुई, तुरंत पुलिस फोर्स हरकत में आ गई। क्षेत्राधिकारी जितेंद्र सिंह के साथ मौके पर पहुँची फोर्स ने 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस पहुँची तो लोगों का कहना था कि वो कब तक घरों में कैद रहें। फिलहाल वहाँ पर कानून-व्यवस्था को बहाल कर दिया गया है। क्षेत्राधिकारी लोकेश सिंह भाटी, जितेंद्र सिंह, एसडीएम राहुल यादव ने फोर्स के साथ क्षेत्र में कॉम्बिंग की और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की ग्रामीणों से अपील की। 

उल्लेखनीय है कि इससे पहले मेरठ के जली कोठी क्षेत्र में पुलिस के ऊपर हमले की खबर सामने आई थी। मेरठ के देहलीगेट थाना स्थित कोरोना वायरस संक्रमण हॉटस्पॉट जली कोठी क्षेत्र में पुलिस जैसे ही सील करने पहुँची, वहाँ स्थानीय लोगों ने पथराव शुरू कर दिया था। काफ़ी जबरदस्त पत्थरबाजी हुई थी। सिटी मजिस्ट्रेट को भी चोटें आईं। असामाजिक तत्वों के इस अचानक हमले से इलाक़े में हड़कंप मच गया। उन्हें खदेड़ने के लिए कई थानों की पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी थी। सिटी मजिस्ट्रेट को इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। बता दें कि जिस क्षेत्र में पत्थरबाजी हुई, वहाँ 3 जमाती कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।
- विज्ञापन -